{"_id":"5fe773c78ebc3e3d93034c85","slug":"prime-minister-narendra-modi-is-very-stubborn-pramod-krishnam-banda-news-knp6022965120","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बेहद जिद्दी हैं : प्रमोद कृष्णम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बेहद जिद्दी हैं : प्रमोद कृष्णम
विज्ञापन
बांदा में मीडिया वार्ता में कल्कि पीठ के पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम।
- फोटो : BANDA
बांदा। प्रसिद्ध कल्कि पीठ पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा है कि अपने को प्रधान सेवक कहने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बेहद जिद्दी हैं। देश के किसानों से यह जिद उचित नहीं। पीठाधीश्वर ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री की सद्बुद्धि के लिए कई धर्म स्थलों पर परमात्मा से प्रार्थना की है।
पीठाधीश्वर शनिवार को यहां पूर्व सांसद स्वर्गीय रामनाथ दुबे के आवास पर मीडिया से मुखातिब थे। आचार्य श्री कृष्णम यहां गीता जयंती में शामिल होने आए थे। किसानों की वकालत करते हुए कहा कि जब हरेक व्यवसायी को अपने उत्पादन की कीमत तय करने का अधिकार है तो किसानों को क्यों नहीं?
एक माह से दिल्ली की सीमा में हजारों किसान आंदोलन पर डटे हैं, लेकिन प्रधानमंत्री तो दरकिनार उनके मंत्रिमंडल का कोई सदस्य भी किसानों के धरनास्थल नहीं पहुंचा। उन्होंने भाजपा के नेताओं को दिगभ्रमित बताते हुए कहा कि वह देश की जनता को मूर्ख समझ रहे हैं।
विज्ञापन
विपक्ष में कोई विकल्प न होने के अहंकार में डूबे हैं। कहा कि कानून सड़क से नहीं बनता, लेकिन संसद का रास्ता यहीं से जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि बांदा वंदना के काबिल है। यह आध्यात्मिक और ऐतिहासिक महत्व का है।
मीडिया वार्ता में कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित, मेजबान अधिवक्ता राजेश दुबे, प्रद्युम्न दुबे लालू, धीरेंद्र कुमार, राममिलन पटेल, सचिन चतुर्वेदी, निखिल सक्सेना आदि उपस्थित रहे। उधर, सिंहवाहिनी मंदिर में आयोजित गीता जयंती के अंतिम दिन शामिल हुए पीठाधीश्वर ने विष्णु के नौ अवतारों का भेद बताया।
विज्ञापन
पीठाधीश्वर शनिवार को यहां पूर्व सांसद स्वर्गीय रामनाथ दुबे के आवास पर मीडिया से मुखातिब थे। आचार्य श्री कृष्णम यहां गीता जयंती में शामिल होने आए थे। किसानों की वकालत करते हुए कहा कि जब हरेक व्यवसायी को अपने उत्पादन की कीमत तय करने का अधिकार है तो किसानों को क्यों नहीं?
विज्ञापन
एक माह से दिल्ली की सीमा में हजारों किसान आंदोलन पर डटे हैं, लेकिन प्रधानमंत्री तो दरकिनार उनके मंत्रिमंडल का कोई सदस्य भी किसानों के धरनास्थल नहीं पहुंचा। उन्होंने भाजपा के नेताओं को दिगभ्रमित बताते हुए कहा कि वह देश की जनता को मूर्ख समझ रहे हैं।
विज्ञापन
विपक्ष में कोई विकल्प न होने के अहंकार में डूबे हैं। कहा कि कानून सड़क से नहीं बनता, लेकिन संसद का रास्ता यहीं से जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि बांदा वंदना के काबिल है। यह आध्यात्मिक और ऐतिहासिक महत्व का है।
मीडिया वार्ता में कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित, मेजबान अधिवक्ता राजेश दुबे, प्रद्युम्न दुबे लालू, धीरेंद्र कुमार, राममिलन पटेल, सचिन चतुर्वेदी, निखिल सक्सेना आदि उपस्थित रहे। उधर, सिंहवाहिनी मंदिर में आयोजित गीता जयंती के अंतिम दिन शामिल हुए पीठाधीश्वर ने विष्णु के नौ अवतारों का भेद बताया।