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अब आंधी का कहर, चारों जिलों की बिजली गुल
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Thu, 21 May 2015 12:11 AM IST
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बारिश और ओलावृष्टि से बर्बाद हो चुके बुंदेलखंड में मंगलवार की शाम आई तेज आंधी ने खूब कहर ढाया। तूफानी चक्रवात ने बांदा, हमीरपुर, महोबा और चित्रकूट में हजारों की संख्या में बिजली के पोल उखाड़ दिए। अकेले हमीरपुर में पांच सौ से ज्यादा बिजली के पोल उखड़े हैं। जगह जगह तार टूटने, ओसीबी फटने और अन्य फाल्टों से बीते 24 घंटे से चारों जिलों की बिजली गुल है।
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बांदा में कई मकानों की दीवारें गिरने से एक महिला की मौत हो गई और आधा दर्जन से ज्यादा लोग मलबे में दबकर घायल हो गए। आंधी के बीच लगी आग बेकाबू हो जाने पर 10 मकान स्वाहा हो गए और 4 दुधारू भैंसे जिंदा जल गईं। लगभग 40 लाख का नुकसान बताया गया।
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छत में सो रही दो वर्षीय बच्ची आंधी की चपेट मेें आकर नीचे आ गिरी। गंभीर रूप से घायल हो गई। भीषण गर्मी में बिजली आपूर्ति धड़ाम होने से जहां लोगों की रात की नींद हराम हो गई वहीं बुधवार सुबह से हर जगह पानी की किल्लत से मारामारी मच गई। टैंकरों से पानी की सप्लाई पर्याप्त न होने पर लोगों ने कई जगह विरोध प्रदर्शन किए।
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मंगलवार को शाम 8 बजे के बाद आई तेज आंधी ने जहां जन-धन को भारी क्षति पहुंचाई। बांदा जिले का कोई भी फीडर सही-सलामत नहीं रहा। जगह-जगह पेड़ टूटने से एचटी और एलटी लाइनें भी टूट गईं। सबसे तगड़ी चपत शहर के एक चौथाई इलाके में बिजली आपूर्ति और जल संस्थान के इंटेकवेल से जुड़े भूरागढ़ फीडर को लगी।
निम्नीपार समेत तमाम स्थानाें पर इसकी लाइनें टूट गईं। भूरागढ़ सब स्टेशन की ओसीबी बर्स्ट हो गई। इसके अलावा बांदा फीडर, संकट मोचन फीडर, बांबेश्वर फीडर, पीलीकोठी फीडर और ग्रामीण क्षेत्रों के फीडरों की लाइनें भी टूट गईं। गांवों की लाइनों की तो किसी ने सुध ली ही नहीं, शहर के फीडर भी चालू नहीं हो पाए।
कुछ फीडर तड़के चालू हुए। भूरागढ़ समेत कई फीडर दिन में भी सामान्य नहीं हो पाए। शहर की अधिकांश आबादी बिजली गर्मी में रात भर जागती रही। महोबा में अजनर, महोबकंठ, इंद्रहटा, कुलपहाड़, लाड़पुर, भरवारा, पनवाड़ी सहित तमाम कस्बाें और गांवाें में 24 घंटे बाद भी बिजली बहाल नहीं हो सकी। चरखारी में आंधी से रायनपुर में पंकज सक्सेना के मकान की 60 फुट लंबी दीवार गिरने बरामदे में रखा गृहस्थी का समान दब गया। दो बकरियां भी दबकर घायल हो गई।