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गरीबी से तंग 200 लोगों का पलायन, घरों में लगा ताला
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Poverty-fed 200 people flee, homes locked
- फोटो : BANDA
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अतर्रा (बांदा)। जिले के महुआ ब्लॉक के गुमाई गांव के मजरा सुखारी पुरवा में ग्रामीणों को मनरेगा के तहत किए गए कामों का एक साल बाद भी भुगतान नहीं किया गया। इससे गांव के ज्यादातर लोग रोजी-रोटी के लिए परेशान हैं। जीविका चलाने के लिए गांव के करीब 55 परिवारों के 200 लोग पलायन कर गए हैं। इनके घरों में ताले लटक रहे हैं। वहीं, गांव में कई हैंडपंप खराब होने से पीने के पानी की भी समस्या बनी हुई है।
सुखारी पुरवा में लगभग 135 परिवार रहते हैं। गांव के अधिकांश ग्रामीण मजदूर हैं। 85 परिवारों के पास जॉबकार्ड हैं। फरवरी 2021 में मनरेगा के तहत नाली निर्माण कार्य में गांव की रामसखी, लवलेश, जानकी, संतोष, सुनील, पप्पू, रमेश समेत करीब 30 लोगों ने काम किया था। इन सभी को अब तक मजदूरी का पैसा नहीं मिला सका है। इसके साथ ही इन लोगों के अलावा अन्य कई जॉब कार्ड धारकों को इस साल मनरेगा से कोई काम तक नहीं मिल रहा है। इस वजह से गांव के 55 परिवारों के सामने जीवन यापन करने का सवाल खड़ा हो गया है। गरीबी से तंग इन परिवारों के करीब 200 लोग गांव से पलायन कर गए हैं। इनके घरों में अब ताला लगा हुआ है। गांव की रामसखी सहित अन्य कई जॉब कार्ड धारकों ने बताया कि मनरेगा में काम के लिए प्रधान व पंचायत मित्र से कई बार मांग कर चुके हैं, इसके बावजूद काम नहीं दिया जा रहा है।
इन घरों में लटक रहे ताले
गांव में रोजगार न मिलने से विजय करण, लवलेश, सुनील आदि पलायन कर गए। राजाबेटी ने बताया कि यहां पर मनरेगा में भी कोई काम नहीं दे रहा है। गांव के तमाम घरों में ताले लटक रहे हैं। काम नहीं मिलने से यहां के लोग ईंट भट्ठा में काम करने के लिए हरियाणा, पंजाब, दिल्ली चले गए। वहीं, दिव्यांग राजू ने बताया कि दिव्यांगों को पेंशन नहीं मिल रही। गांव में लगे चार हैंडपंप में दो खराब हैं।
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सीएम से रोजगार मुहैया कराने की मांग
विद्याधाम समिति के मंत्री राजा भैया ने गांव की हकीकत जानी। उन्होंने कहा कि गांव में काम नहीं मिलने से यहां के तमाम लोग पलायन करने के लिए मजबूर हैं। राजा भैया ने सीएम और जिला प्रशासन को पत्र भेजकर ग्रामीणों को रोजगार मुहैया कराने और गांव की अन्य कमियों को दुरुस्त कराने की मांग की।
वर्जन
मनरेगा में यदि किसी को मजदूरी नहीं मिली है तो उसे दिलाई जाएगी। मनरेगा के जॉब कार्ड धारकों को काम दिया जा रहा है। गांव में हैंडपंप खराब हैं तो उन्हें ठीक करा दिया जाएगा।
- संजीव बघेल, खंड विकास अधिकारी महुआ
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सुखारी पुरवा में लगभग 135 परिवार रहते हैं। गांव के अधिकांश ग्रामीण मजदूर हैं। 85 परिवारों के पास जॉबकार्ड हैं। फरवरी 2021 में मनरेगा के तहत नाली निर्माण कार्य में गांव की रामसखी, लवलेश, जानकी, संतोष, सुनील, पप्पू, रमेश समेत करीब 30 लोगों ने काम किया था। इन सभी को अब तक मजदूरी का पैसा नहीं मिला सका है। इसके साथ ही इन लोगों के अलावा अन्य कई जॉब कार्ड धारकों को इस साल मनरेगा से कोई काम तक नहीं मिल रहा है। इस वजह से गांव के 55 परिवारों के सामने जीवन यापन करने का सवाल खड़ा हो गया है। गरीबी से तंग इन परिवारों के करीब 200 लोग गांव से पलायन कर गए हैं। इनके घरों में अब ताला लगा हुआ है। गांव की रामसखी सहित अन्य कई जॉब कार्ड धारकों ने बताया कि मनरेगा में काम के लिए प्रधान व पंचायत मित्र से कई बार मांग कर चुके हैं, इसके बावजूद काम नहीं दिया जा रहा है।
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इन घरों में लटक रहे ताले
गांव में रोजगार न मिलने से विजय करण, लवलेश, सुनील आदि पलायन कर गए। राजाबेटी ने बताया कि यहां पर मनरेगा में भी कोई काम नहीं दे रहा है। गांव के तमाम घरों में ताले लटक रहे हैं। काम नहीं मिलने से यहां के लोग ईंट भट्ठा में काम करने के लिए हरियाणा, पंजाब, दिल्ली चले गए। वहीं, दिव्यांग राजू ने बताया कि दिव्यांगों को पेंशन नहीं मिल रही। गांव में लगे चार हैंडपंप में दो खराब हैं।
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सीएम से रोजगार मुहैया कराने की मांग
विद्याधाम समिति के मंत्री राजा भैया ने गांव की हकीकत जानी। उन्होंने कहा कि गांव में काम नहीं मिलने से यहां के तमाम लोग पलायन करने के लिए मजबूर हैं। राजा भैया ने सीएम और जिला प्रशासन को पत्र भेजकर ग्रामीणों को रोजगार मुहैया कराने और गांव की अन्य कमियों को दुरुस्त कराने की मांग की।
वर्जन
मनरेगा में यदि किसी को मजदूरी नहीं मिली है तो उसे दिलाई जाएगी। मनरेगा के जॉब कार्ड धारकों को काम दिया जा रहा है। गांव में हैंडपंप खराब हैं तो उन्हें ठीक करा दिया जाएगा।
- संजीव बघेल, खंड विकास अधिकारी महुआ