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दद्दू प्रसाद ने अखिलेश से मिलाया हाथ
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बांदा। बसपा के संस्थापक लीडर के रूप में पहचान रखने वाले पूर्व कैबिनेट मंत्री दद्दू प्रसाद की अगुवाई में सामाजिक परिवर्तन मिशन ने आम राय से सपा को समर्थन देने का फैसला ले लिया। दद्दू प्रसाद ने अखिलेश यादव से मुलाकात की और हाथ मिलाया।
पूर्व मंत्री दद्दू प्रसाद ने बताया कि उनके संगठन सामाजिक परिवर्तन मिशन की रविवार को लखनऊ में हुई बैठक में चिंतन के बाद सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को समर्थन दिया जाए। यह प्रस्ताव मिशन के राष्ट्रीय महासचिव डॉ.एस अकमल ने पेश किया। बैठक में मिशन के राष्ट्रीय महासचिव एआर अकेला (अलीगढ़), नेत्रपाल ब्रजवासी (मथुरा), डॉ.रामाधीन बाबू (उरई), इंद्रजीत यादव (बांदा) सहित मोहम्मद अकरम सिद्दीकी, सुभाष गौतम, शैलेंद्र कुमार राव, सुखनंदन वर्मा, मिथलेश कुमार आदि शामिल रहे। बैठक में संविधान की रक्षा और सांप्रदायिक एवं शोषणकारी ताकतों को परास्त करने और समान शिक्षा के लिए सामाजिक भाईचारा स्थापित करने के लिए सपा को समर्थन का निर्णय लिया गया है।
दद्दू प्रसाद का प्रोफाइल
दद्दू प्रसाद की बुंदेलखंड में अनुसूचित जाति के लोगों में खास पहचान है। वह पहली बार वर्ष 2007 में बसपा के टिकट पर सुरक्षित सीट मानिकपुर (चित्रकूट) से विधान सभा का चुनाव जीते। मायावती सरकार में उन्हें कबीना मंत्री बनाया गया। उसके बाद दद्दू प्रसाद और मायावती के बीच रिश्तों में दरार आ गई। जनवरी 2015 में दद्दू प्रसाद को बसपा से निष्कासित कर दिया गया। अप्रैल 2017 में बसपा ने उन्हें वापस ले लिया। जनवरी 2018 में बसपा सुप्रीमो मायावती ने दद्दू प्रसाद को दूसरी बार पार्टी से बाहर कर दिया। उसके बाद से दद्दू किसी राजनीतिक दल में शामिल नहीं हुए। सामाजिक परिवर्तन मिशन गठित कर उसी के बैनर तले सक्रिय रहे। दद्दू प्रसाद मूलरूप से बांदा जनपद के गोयरा मुगली गांव के निवासी हैं।
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पूर्व मंत्री दद्दू प्रसाद ने बताया कि उनके संगठन सामाजिक परिवर्तन मिशन की रविवार को लखनऊ में हुई बैठक में चिंतन के बाद सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को समर्थन दिया जाए। यह प्रस्ताव मिशन के राष्ट्रीय महासचिव डॉ.एस अकमल ने पेश किया। बैठक में मिशन के राष्ट्रीय महासचिव एआर अकेला (अलीगढ़), नेत्रपाल ब्रजवासी (मथुरा), डॉ.रामाधीन बाबू (उरई), इंद्रजीत यादव (बांदा) सहित मोहम्मद अकरम सिद्दीकी, सुभाष गौतम, शैलेंद्र कुमार राव, सुखनंदन वर्मा, मिथलेश कुमार आदि शामिल रहे। बैठक में संविधान की रक्षा और सांप्रदायिक एवं शोषणकारी ताकतों को परास्त करने और समान शिक्षा के लिए सामाजिक भाईचारा स्थापित करने के लिए सपा को समर्थन का निर्णय लिया गया है।
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दद्दू प्रसाद का प्रोफाइल
दद्दू प्रसाद की बुंदेलखंड में अनुसूचित जाति के लोगों में खास पहचान है। वह पहली बार वर्ष 2007 में बसपा के टिकट पर सुरक्षित सीट मानिकपुर (चित्रकूट) से विधान सभा का चुनाव जीते। मायावती सरकार में उन्हें कबीना मंत्री बनाया गया। उसके बाद दद्दू प्रसाद और मायावती के बीच रिश्तों में दरार आ गई। जनवरी 2015 में दद्दू प्रसाद को बसपा से निष्कासित कर दिया गया। अप्रैल 2017 में बसपा ने उन्हें वापस ले लिया। जनवरी 2018 में बसपा सुप्रीमो मायावती ने दद्दू प्रसाद को दूसरी बार पार्टी से बाहर कर दिया। उसके बाद से दद्दू किसी राजनीतिक दल में शामिल नहीं हुए। सामाजिक परिवर्तन मिशन गठित कर उसी के बैनर तले सक्रिय रहे। दद्दू प्रसाद मूलरूप से बांदा जनपद के गोयरा मुगली गांव के निवासी हैं।
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