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बिना झंझट आवेदन कर चहकीं छात्राएं
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- फोटो : BANDA
बांदा। अमर उजाला अपराजिता-100 मिलियन स्माइल अभियान के तहत परिवहन विभाग की ओर से सोमवार को राजकीय महिला महाविद्यालय में महिलाओं और छात्राओं को लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने का मौका मिला। इस दौरान 160 छात्राओं और महिलाओं ने आवेदन किए। जिस काम के लिए छात्राएं सालों और महीनों से परेशान थीं वह उनकी कक्षा की ड्योढ़ी पर ही बमुश्किल पांच मिनट में पूरा हो गया। आवेदन कराने वाली छात्राओं का तीन से पांच मार्च के बीच आरटीओ कार्यालय में ऑनलाइन टेस्ट कराकर लर्निंग लाइसेंस दिए जाएंगे।
शिविर में एआरटीओ एसएल गौड़ ने ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया बताते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा के तहत ड्राइविंग लाइसेंस जरूरी है। बिना ड्राइविंग लाइसेंस वाहन चलाने पर जुर्माना हो सकता है। दुघर्टना की स्थिति में लाइसेंस और महत्वपूर्ण हो जाता है। छात्राओं ने उनसे प्रश्न पूछकर समस्याओं का समाधान किया। शिविर में लगाए गए जनसेवा केंद्रों के काउंटरों पर आवेदक छात्राओं ने जरूरी अभिलेख और शुल्क जमा किया। संचालकों ने ऑनलाइन डाटा फीड कर स्लॉट का प्रिंट आउट जारी किया। इसमें उन्हें ऑनलाइन टेस्ट की तिथि बताई गई। कुछ ही देर बाद छात्राओं के मोबाइल फोन पर आवेदन प्राप्ति के मैसेज/ओटीपी आ गए। यह मैसेज छात्राओं के चेहरों पर मुस्कान ले आया।
शहर से कई किलोमीटर दूर स्थित आरटीओ कार्यालय की भागदौड़ किए बगैर कक्षा के बाहर ही उन्हें बड़ी सुविधा मयस्सर हो गई। महाविद्यालय प्राचार्य डा. दीपाली गुप्ता ने अपराजिता अभियान में आयोजित शिविर को छात्राओं के लिए सुविधाजनक और सराहनीय बताया। एनएसएस प्रभारी डॉ. सबीहा रहमानी ने शिविर को महिला सशक्तिकरण व बालिका सबलीकरण की दिशा में सार्थक प्रयास बताया। शिविर में आरटीओ कार्यालय के लिपिक आकाश सागर समेत महाविद्यालय के डॉ. विनोद सिंह चंदेल, डॉ. जितेंद्र कुमार, डॉ. शशिभूषण मिश्र, जयप्रकाश सिंह, डॉ. सपना, डॉ. जेबा खान, डॉ. ज्योति आदि स्टाफ मौजूद रहा। शिविर प्रात: 10 से शाम करीब 5 बजे तक चला। सरवर की समस्या से कई बार लेटलतीफी हुई।
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इंसेट---
फोटो परिचय-6- डॉ. दीपाली गुप्ता
वाहन चलाने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस जरूरी है। जटिल प्रक्रिया और भागदौड़ से अक्सर छात्राएं और महिलाएं पीछे रह जाती हैं। महाविद्यालय में शिविर लगवाकर लाइसेंस की औपचारिकता कराना सराहनीय है।
- डॉ. दीपाली गुप्ता, प्राचार्य
इंसेट---
फोटो परिचय-7- डॉ. सबीहा रहमानी
महिला कालेज में ऐसे शिविरों का आयोजन महिला सशक्तिकरण की दिशा में सार्थक कदम है। छात्राओं को बड़ी सुविधा कैंपस में ही मुहैया हो गई। महाविद्यालय परिवार की ओर से आयोजकों का आभार।
-डॉ. सबीहा रहमानी, एनएसएस प्रभारी
इंसेट---
फोटो परिचय-9- कहकशां मंसूरी
ड्राइविंग लाइसेंस के लिए कई बार आरटीओ दफ्तर गई थी। वहां फीस और प्रक्रिया के बारे में सही पता नहीं चल पाया। अब बिना दुश्वारी के उसका डीएल बन जाएगा।
-कहकशां मंसूरी, छात्रा
इंसेट---
फोटो परिचय-10- मंतशा
ट्रैफिक नियमों में ड्राइविंग लाइसेंस जरूरी है। इसके बगैर वाहन नहीं चलाना चाहिए। चेकिंग में अक्सर शर्मिंदा होना पड़ता है। शिविर में लाइसेंस प्रक्रिया आसानी से हो गई।
मंतशा, एमए प्रथम वर्ष
इंसेट---
फोटो परिचय-11- आकांक्षा श्रीवास्तव
शहर से कई किमी दूर आरटीओ जाना असुविधाजनक था। घर के काम भी बाधित होते थे। शिविर की खबर पढ़कर यहां आई हैं। आवेदन होने से राहत महसूस हो रही है।
-आकांक्षा श्रीवास्तव
इंसेट---
फोटो परिचय-12- आकृति गुप्ता
वह कई बार आरटीओ गईं। वहां सही जानकारी नहीं मिल पाती थी। भीड़भाड़ में लाइन में लगना असहज महसूस होता था। इस शिविर ने उनका यह संकट दूर कर दिया।
-आकृति गुप्ता, बीएड छात्रा
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शिविर में एआरटीओ एसएल गौड़ ने ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया बताते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा के तहत ड्राइविंग लाइसेंस जरूरी है। बिना ड्राइविंग लाइसेंस वाहन चलाने पर जुर्माना हो सकता है। दुघर्टना की स्थिति में लाइसेंस और महत्वपूर्ण हो जाता है। छात्राओं ने उनसे प्रश्न पूछकर समस्याओं का समाधान किया। शिविर में लगाए गए जनसेवा केंद्रों के काउंटरों पर आवेदक छात्राओं ने जरूरी अभिलेख और शुल्क जमा किया। संचालकों ने ऑनलाइन डाटा फीड कर स्लॉट का प्रिंट आउट जारी किया। इसमें उन्हें ऑनलाइन टेस्ट की तिथि बताई गई। कुछ ही देर बाद छात्राओं के मोबाइल फोन पर आवेदन प्राप्ति के मैसेज/ओटीपी आ गए। यह मैसेज छात्राओं के चेहरों पर मुस्कान ले आया।
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शहर से कई किलोमीटर दूर स्थित आरटीओ कार्यालय की भागदौड़ किए बगैर कक्षा के बाहर ही उन्हें बड़ी सुविधा मयस्सर हो गई। महाविद्यालय प्राचार्य डा. दीपाली गुप्ता ने अपराजिता अभियान में आयोजित शिविर को छात्राओं के लिए सुविधाजनक और सराहनीय बताया। एनएसएस प्रभारी डॉ. सबीहा रहमानी ने शिविर को महिला सशक्तिकरण व बालिका सबलीकरण की दिशा में सार्थक प्रयास बताया। शिविर में आरटीओ कार्यालय के लिपिक आकाश सागर समेत महाविद्यालय के डॉ. विनोद सिंह चंदेल, डॉ. जितेंद्र कुमार, डॉ. शशिभूषण मिश्र, जयप्रकाश सिंह, डॉ. सपना, डॉ. जेबा खान, डॉ. ज्योति आदि स्टाफ मौजूद रहा। शिविर प्रात: 10 से शाम करीब 5 बजे तक चला। सरवर की समस्या से कई बार लेटलतीफी हुई।
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फोटो परिचय-6- डॉ. दीपाली गुप्ता
वाहन चलाने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस जरूरी है। जटिल प्रक्रिया और भागदौड़ से अक्सर छात्राएं और महिलाएं पीछे रह जाती हैं। महाविद्यालय में शिविर लगवाकर लाइसेंस की औपचारिकता कराना सराहनीय है।
- डॉ. दीपाली गुप्ता, प्राचार्य
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फोटो परिचय-7- डॉ. सबीहा रहमानी
महिला कालेज में ऐसे शिविरों का आयोजन महिला सशक्तिकरण की दिशा में सार्थक कदम है। छात्राओं को बड़ी सुविधा कैंपस में ही मुहैया हो गई। महाविद्यालय परिवार की ओर से आयोजकों का आभार।
-डॉ. सबीहा रहमानी, एनएसएस प्रभारी
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फोटो परिचय-9- कहकशां मंसूरी
ड्राइविंग लाइसेंस के लिए कई बार आरटीओ दफ्तर गई थी। वहां फीस और प्रक्रिया के बारे में सही पता नहीं चल पाया। अब बिना दुश्वारी के उसका डीएल बन जाएगा।
-कहकशां मंसूरी, छात्रा
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फोटो परिचय-10- मंतशा
ट्रैफिक नियमों में ड्राइविंग लाइसेंस जरूरी है। इसके बगैर वाहन नहीं चलाना चाहिए। चेकिंग में अक्सर शर्मिंदा होना पड़ता है। शिविर में लाइसेंस प्रक्रिया आसानी से हो गई।
मंतशा, एमए प्रथम वर्ष
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फोटो परिचय-11- आकांक्षा श्रीवास्तव
शहर से कई किमी दूर आरटीओ जाना असुविधाजनक था। घर के काम भी बाधित होते थे। शिविर की खबर पढ़कर यहां आई हैं। आवेदन होने से राहत महसूस हो रही है।
-आकांक्षा श्रीवास्तव
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फोटो परिचय-12- आकृति गुप्ता
वह कई बार आरटीओ गईं। वहां सही जानकारी नहीं मिल पाती थी। भीड़भाड़ में लाइन में लगना असहज महसूस होता था। इस शिविर ने उनका यह संकट दूर कर दिया।
-आकृति गुप्ता, बीएड छात्रा