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Banda News: बारिश से पहले ही संकट में धान, खाद के लिए भटक रहे किसान
Sat, 05 Sep 2026 10:57 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Sat, 05 Sep 2026 10:57 PM IST
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बांदा। लगातार हो रही बारिश से धान की फसल को नुकसान का खतरा बना हुआ है।
जिन खेतों से पानी निकल गया है, वहां फसल को खाद की जरूरत है, लेकिन खुरहंड सहकारी संघ और सहकारी समिति में डीएपी व यूरिया उपलब्ध नहीं होने से किसान परेशान हैं। किसानों का कहना है कि समय पर खाद नहीं मिली तो बची हुई फसल की पैदावार पर भी असर पड़ेगा।
किसान विक्रम यादव, अशोक और राजू दुबे ने बताया कि धान की फसल में शुरुआती दौर में डीएपी का प्रयोग कल्ले के विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। यही समय खाद डालने का है, लेकिन करीब एक माह से समिति पर डीएपी उपलब्ध नहीं है। किसान खाद के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं।
किसानों ने बताया कि कई खेतों में अब भी पानी भरा है, जबकि जल निकासी वाले खेतों में खाद की जरूरत है। ऐसे में खाद की कमी से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। किसानों ने संबंधित विभाग से समितियों पर पर्याप्त मात्रा में डीएपी और यूरिया उपलब्ध कराने तथा वितरण व्यवस्था पारदर्शी बनाने की मांग की है।
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जिन खेतों से पानी निकल गया है, वहां फसल को खाद की जरूरत है, लेकिन खुरहंड सहकारी संघ और सहकारी समिति में डीएपी व यूरिया उपलब्ध नहीं होने से किसान परेशान हैं। किसानों का कहना है कि समय पर खाद नहीं मिली तो बची हुई फसल की पैदावार पर भी असर पड़ेगा।
किसान विक्रम यादव, अशोक और राजू दुबे ने बताया कि धान की फसल में शुरुआती दौर में डीएपी का प्रयोग कल्ले के विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। यही समय खाद डालने का है, लेकिन करीब एक माह से समिति पर डीएपी उपलब्ध नहीं है। किसान खाद के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं।
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किसानों ने बताया कि कई खेतों में अब भी पानी भरा है, जबकि जल निकासी वाले खेतों में खाद की जरूरत है। ऐसे में खाद की कमी से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। किसानों ने संबंधित विभाग से समितियों पर पर्याप्त मात्रा में डीएपी और यूरिया उपलब्ध कराने तथा वितरण व्यवस्था पारदर्शी बनाने की मांग की है।
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