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घरों में काले झंडे लगाकर किया कृषि कानूनों का विरोध

Wed, 26 May 2021 10:49 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 26 May 2021 10:49 PM IST
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Opposed agricultural laws by putting black flags in homes
बांदा/नरैनी/अतर्रा। दिल्ली के किसान आंदोलन के छह माह पूरे होने पर किसान संगठनों ने काला दिवस मनाने की चेतावनी दी थी। शहर मुख्यालय में स्वतंत्रता स्मारक अशोक लाट और कचहरी चौराहा पुलिस छावनी में तब्दील रहा। पीएसी भी तैनात रही। पुलिस की सख्ती से कोई किसान संगठन सड़कों पर नजर नहीं आया।
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बुंदेलखंड किसान यूनियन ने पड़मई (नरैनी) गांव में काला दिवस मनाया। हाथों में काली पट्टी बांधी और घरों में काले झंडे लगाए। केंद्र सरकार पर किसानों की उपेक्षा व उत्पीडन का आरोप लगाया। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्रवण कुमार शर्मा ने कहा कि संयुक्त मोर्चा आहवान पर पूरे देश में किसान एकजुट हैं।
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किसान काले कृषि कानूनों का विरोध करता रहेगा। किसान विरोधी सरकार को समय आने पर सबक सिखाएंगे। प्रदेश संगठन मंत्री बालाजी, दीपक सिंह, पप्पू तिवारी, दीपक अवस्थी, अंशु तिवारी, बबुआ पांडेय, लाल सिंह, सुनील विश्वकर्मा, विवेक सिंह आदि मौजूद रहे।
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अतर्रा में एक दिन पूर्व ही पुलिस ने आंदोलनकारी किसानों को घरों में ही नजरबंद कर दिया। एसडीएम सौरभ शुक्ला व सीओ आनंद पाडेय ने किसान नेताओं के घर पहुंचकर कोरोना महामारी व लॉकडाउन में प्रदर्शन न करने की हिदायत दी।

बुधवार को कोई भी नेता प्रदर्शन के लिए घरों से बाहर नहीं निकल सका। किसान नेताओं व कुछ किसानों ने घरों में ही काला झंडा लगाकर सरकार की नीतियों व कृषि कानूनों का विरोध किया।
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