{"_id":"5bf5a294bdec2269c41f5d2d","slug":"only-eight-percent-housing-in-seven-months","type":"story","status":"publish","title_hn":"सात माह में बने सिर्फ आठ फीसदी आवास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सात माह में बने सिर्फ आठ फीसदी आवास
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
Updated Wed, 21 Nov 2018 11:53 PM IST
विज्ञापन
अधूरा आवास
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गरीबों को मकान मुहैया कराने की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना बुंदेलखंड में परवान नहीं चढ़ पा रही। ताजा स्थिति यह है कि सातों जिलों में 13,987 का पुराना और 4583 आवासों का नया लक्ष्य मिलाकर कुल 18 हजार से ज्यादा आवास बनाए जाने हैं। वित्तीय वर्ष के सात माह बीत गए हैं, लेकिन अभी तक मात्र आठ फीसदी आवास ही बन पाए हैं।
विज्ञापन
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत गांव के गरीबों को पक्की छत वाला मकान बनाकर दिया जाता है।
इस वित्तीय वर्ष के लिए पहले बुंदेलखंड के सातों जिलों में 13,987 आवास बनवाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। अब तक इसमें मात्र 1144 (8 प्रतिशत) ही आवास ही बन पाए हैं, जबकि वित्तीय वर्ष के सात माह खत्म हो चुके हैं। अब शासन ने आवासों का लक्ष्य और बढ़ा दिया है। सबसे ज्यादा 2051 आवास बांदा को बढ़ाए गए हैं। चित्रकूट में 1392, हमीरपुर में 611, जालौन में 151 और झांसी में 378 आवासों का इजाफा किया गया है। इन आवासों को मार्च 2019 तक बन तैयार हो जाना चाहिए। मात्र चार माह में इतनी बड़ी संख्या में आवास निर्माण कराना मुश्किल भरा साबित होगा।
विज्ञापन
प्रधानमंत्री आवास योजना के ग्रामीण आवासों का सालाना लक्ष्य मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा। अधिकांश आवासों के लाभार्थियों को दूसरी किस्त जारी की जा चुकी है। नए आवासों के लिए मिले लक्ष्य को शासन के दिशा निर्देशों पर पूरा कराया जाएगा। -प्रेमप्रकाश त्रिपाठी, संयुक्त विकास आयुक्त, चित्रकूटधाम मंडल।
विज्ञापन
तीन किस्तों में दिया जाता है पैसा
लाभार्थियों को आवास निर्माण के लिए 1 लाख 20 हजार रुपये मिलते हैं। यह पैसा तीन किस्तों में दिया जाता है। पहली किस्त में 40 हजार रुपये दिए जाते हैं। इसमें नींव स्तर तक काम होता है। दूसरी किस्त में 70 हजार रुपये मिलते हैं और भवन निर्माण व प्लास्टर कराया जाता है। अंतिम किस्त 10 हजार रुपये में दरवाजा व खिड़की लगाए जाते हैं।
नए लक्ष्य में महोबा व ललितपुर नहीं
बांदा। आवासों के लिए जारी किए गए नए लक्ष्य में चित्रकूटधाम मंडल के महोबा व झांसी मंडल के ललितपुर जिले शामिल नहीं हैं। यहां पूर्व में निर्धारित सालाना लक्ष्य के आधार पर ही ग्रामीण आवासों का निर्माण होगा। विभागीय जानकारी के मुताबिक जालौन में 388, हमीरपुर में 241, बांदा में 200 आवासों का निर्माण पूर्ण होने का दावा किया गया है। ये आवास वर्ष 2018-19 के अंतर्गत बनाए गए हैं।
आवास निर्माण की स्थिति
जनपद वार्षिक लक्ष्य प्रगति नया लक्ष्य
बांदा 5311 200 2051
चित्रकूट 1766 92 1392
हमीरपुर 1297 241 611
जालौन 1488 388 151
झांसी 1132 10 378
ललितपुर 1705 174 --
महोबा 1288 39 --
योग 13987 1144 4583
दूसरी किस्त के लिए विधवा लगा रही चक्कर
तिंदवारी विकास खंड के ग्राम पंचायत चिल्ला की रनिया पत्नी स्व. रामसजीवन ने बताया कि तीन माह पहले उसे पहली किस्त मिली थी। इस पैसे से उसने नींव तक निर्माण करा लिया है। अब दूसरी किस्त के लिए अधिकारियों के चक्कर लगा रही है।
तीन साल बाद भी दूसरी किस्त नहीं मिली
नरैनी विकास खंड के ग्राम पंचायत पिपरहरी की रजमनिया पत्नी रावेंद्र कुमार ने बताया वर्ष 2014-15 में पहली किस्त मिली थी। दूसरी किस्त अब तक नहीं मिली। वह बराबर प्रधान से लेकर अधिकारियों तक फरियाद कर रही है। कोई सुनवाई नहीं हुई।