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Banda News: खतौनी में दर्ज हैं वक्फ की सिर्फ 48 संपत्तियां
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बांदा। जिले में वक्फ की दावेदारी वाली 827 संपत्तियां सरकारी भूमि पर हैं। ये संपत्तियां कहां है, इसको प्रशासन ने पूरी तरह गोपनीय रखा है। सिर्फ गाटा संख्या के आधार पर यह रिपोर्ट भेजी गई है। धारा-37 के रजिस्टर में वक्फ बोर्ड की 875 संपत्तियां दर्ज हैं, जबकि इनमें सिर्फ 19 संपत्तियां ग्राम पंचायतों में व 29 संपत्तियां स्थानीय नगर निकाय क्षेत्र में ही खतौनी में दर्ज हैं। शेष वक्फ की संपत्तियां अभिलेखों में सरकारी दर्ज हैं।
वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर केंद्र सरकार के निर्देश पर प्रदेश सरकार ने जिला स्तर पर वक्फ बोर्ड की संपत्तियों का गोपनीय तौर पर सत्यापन कराया था। इसमें पता चला कि वक्फ की दावेदारी 875 संपत्तियों पर है। इसमें 827 संपत्तियां सरकारी भूमि पर हैं। माना जा रहा है कि इनमें कई मस्जिद, कब्रिस्तान, मजार, खाली प्लाॅट शामिल हैं, लेकिन प्रशासन ने यह रिपोर्ट गाटा संख्या के आधार पर तैयार कर भेजी है। अधिकारियों का कहना है कि गाटा संख्या के आधार पर वक्फ को नोटिस जारी कर कहा गया है कि यदि उनके पास इन गाटा संख्या के कोई साक्ष्य या दस्तावेज हैं कि यह जमीन उनकी (वक्फ) है या फिर उन्हें किसी ने दान की है तो प्रस्तुत करें, लेकिन अभी तक वक्फ से संबंधित एक ही संपत्ति की आपत्ति प्रस्तुत की गई है। इसको भी प्रशासन ने गोपनीय रखा है। लिहाजा जिलाधिकारी वक्फ के कब्जेवाली सरकारी भूमि से संबंधित रिपोर्ट शासन भेज दी है। इसके वक्फ पदाधिकारियों और इनसे जुडे लोगों में खलबली मच गई है।
खाली जमीनों को वक्फ में दर्ज किया
जिले में खाली पड़ी सार्वजनिक जमीनों में कब्जा वक्फ दावेदारी कर रहा है, जबकि यह खतौनी में दर्ज नहीं है। सत्यापन में जिले की 401 संपत्तियां ग्राम समाज व 426 संपत्ति स्थानीय नगर निकाय क्षेत्रों में सरकारी अभिलेखों में दर्ज हैं।
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वक्फ की जमीन से संबंधित कोई सत्यापन हुआ है, इसकी कोई जानकारी नहीं है। शासन को रिपोर्ट भेजने के पहले इसकी जानकारी वक्फ पदाधिकारियों को देना चाहिए। -डॉ. शेख सादी जमां, मुतवल्ली नवाबी जामा मस्जिद
वर्जन-
प्रशासन स्तर से कोई कार्रवाई या आगे की जांच नहीं की जा रही है। शासन को सिर्फ अभी जानकारी भेजी गई है। वक्फ बिल संशोधन के बाद जो आदेश आएगा, उस पर अमल किया जाएगा। -राजेश कुमार, अपर जिलाधिकारी, बांदा
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वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर केंद्र सरकार के निर्देश पर प्रदेश सरकार ने जिला स्तर पर वक्फ बोर्ड की संपत्तियों का गोपनीय तौर पर सत्यापन कराया था। इसमें पता चला कि वक्फ की दावेदारी 875 संपत्तियों पर है। इसमें 827 संपत्तियां सरकारी भूमि पर हैं। माना जा रहा है कि इनमें कई मस्जिद, कब्रिस्तान, मजार, खाली प्लाॅट शामिल हैं, लेकिन प्रशासन ने यह रिपोर्ट गाटा संख्या के आधार पर तैयार कर भेजी है। अधिकारियों का कहना है कि गाटा संख्या के आधार पर वक्फ को नोटिस जारी कर कहा गया है कि यदि उनके पास इन गाटा संख्या के कोई साक्ष्य या दस्तावेज हैं कि यह जमीन उनकी (वक्फ) है या फिर उन्हें किसी ने दान की है तो प्रस्तुत करें, लेकिन अभी तक वक्फ से संबंधित एक ही संपत्ति की आपत्ति प्रस्तुत की गई है। इसको भी प्रशासन ने गोपनीय रखा है। लिहाजा जिलाधिकारी वक्फ के कब्जेवाली सरकारी भूमि से संबंधित रिपोर्ट शासन भेज दी है। इसके वक्फ पदाधिकारियों और इनसे जुडे लोगों में खलबली मच गई है।
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खाली जमीनों को वक्फ में दर्ज किया
जिले में खाली पड़ी सार्वजनिक जमीनों में कब्जा वक्फ दावेदारी कर रहा है, जबकि यह खतौनी में दर्ज नहीं है। सत्यापन में जिले की 401 संपत्तियां ग्राम समाज व 426 संपत्ति स्थानीय नगर निकाय क्षेत्रों में सरकारी अभिलेखों में दर्ज हैं।
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वक्फ की जमीन से संबंधित कोई सत्यापन हुआ है, इसकी कोई जानकारी नहीं है। शासन को रिपोर्ट भेजने के पहले इसकी जानकारी वक्फ पदाधिकारियों को देना चाहिए। -डॉ. शेख सादी जमां, मुतवल्ली नवाबी जामा मस्जिद
वर्जन-
प्रशासन स्तर से कोई कार्रवाई या आगे की जांच नहीं की जा रही है। शासन को सिर्फ अभी जानकारी भेजी गई है। वक्फ बिल संशोधन के बाद जो आदेश आएगा, उस पर अमल किया जाएगा। -राजेश कुमार, अपर जिलाधिकारी, बांदा