फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   One crore drums and teak will be planted in Bundelkhand

बुंदेलखंड में रोपे जाएंगे एक करोड़ सहजन और सागौन

Thu, 11 Jun 2020 11:33 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 11 Jun 2020 11:33 PM IST
विज्ञापन
One crore drums and teak will be planted in Bundelkhand
बांदा। बुंदेलखंड को एक बार फिर हरा-भरा बनाने की कवायदें शुरू हो गईं। इस वर्ष बुंदेलखंड के सातों जिलों में महाभियान के तहत 3.29 करोड़ पौधे रोपने की तैयारी है। खास बात यह है कि इस बार ऐसे पौधे रोपने की तैयारी है जो कम पानी और चटियल भूमि में आसानी से लग सकें।
विज्ञापन

ऑक्सीजन, औषधीय और पौष्टिकता से भी भरपूर हों। इसमें सहजन (मुनगा) और सागौन सहित बरगद, पीपल, नीम आदि के लगभग दो करोड़ पौधे रोपे जाएंगे। इन्हें रोपने का काम वन विभाग सहित कई विभाग करेंगे।
विज्ञापन

बुंदेलखंड को हरा-भरा करने के लिए हर साल सरकार ने करोड़ों पौधे रोपने में पैसा पानी की तरह बहाया, लेकिन हरित क्रांति का यह उद्देश्य सफलता नहीं दिला सका। अब एक बार फिर जुलाई में शुरू होने वाले महाभियान के तहत पौधरोपण की तैयारियां शुरू हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस वर्ष चित्रकूटधाम मंडल के चार जिलों बांदा, महोबा, चित्रकूट व हमीरपुर मेें 1,84,23,310 व झांसी मंडल के तीन जिलों झांसी, जालौन, ललितपुर में 1,44,92,780 पौधे लगाए जाएंगे। दोनों मंडलों में अबकी सर्वाधिक एक करोड़ सहजन और सागौन के पौध रोपने की तैयारी है। इसी तरह करीब एक करोड़ पौधे नीम, बरगद, पीपल के रोपे जाएंगे।
बुंदेलखंड की 162 नर्सरियों में तीन करोड़ से अधिक पौध तैयार हैं। चित्रकूटधाम मंडल के वन संरक्षक कृष्ण कुमार सिाह का कहना है कि इस बार अत्यधिक ऑक्सीजन और पौष्टिकता से भरपूर तथा कम पानी और चटियल भूमि में पनपने वाले पौधे लगाने पर जोर है।
यह पौध वन विभाग सरकारी कार्यालयों और किसानों को मुफ्त देगा। उन्होंने बताया कि सभी पौधे दो-तीन साल में तैयार हो जाते हैं। इन्हें बुंदेलखंड में हर जगह लगाया जा सकता है। नीम व सहजन कई गुणकारी तत्वों से भरपूर हैं। पत्ती से लेकर फल तक कई असाध्य बीमारियों को दूर करने व पौष्टिकता के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं।
बुंदेलखंड में यूकेलिप्टस पौधरोपण प्रतिबंधित
शासन ने पौधरोपण के लिए यूकेलिप्टस पौध को प्रतिबंधित कर दिया है। यदि कोई किसान इसे लगाना चाहता है तो उसे प्रति पेड़ 7.50 रुपये अदा करने होंगे। वन संरक्षक ने बताया कि यूकेलिप्टस बुंदेलखंड के लिए मुफीद नहीं है। यहां पानी की अत्यधिक कमी है।

यह पेड़ आसपास की करीब तीन मीटर भूमि का पानी खींच लेता है। इससे जमीन की उर्वरा शक्ति नष्ट हो जाती है। सरकारी भूमि में इसका रोपण पूरी तरह प्रतिबंधित है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed