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प्रभारी बोरों की ड्यूटी पर, खरीद केंद्र पर ताला
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On duty of in-charge sacks, lock on purchase center
- फोटो : BANDA
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बांदा। बोरों की आई रैक में केंद्र प्रभारी की लगाई गई ड्यूटी ने धान खरीद केंद्रों पर ताले लगा दिए। कई-कई दिनों से खरीद केंद्रों में डेरा डाले किसान परेशान हैं। इससे उनमें आक्रोश पनप रहा। कई किसान भाड़े के ट्रैक्टर पर धान लाएं हैं।
जिले में विभिन्न एजेंसियों के 29 केंद्रों पर धान खरीद हो रही है। 55 हजार एमटी खरीद का लक्ष्य है। शुरुआत में पिछले हफ्ते सन्नाटा रहा। अब केंद्रों पर धान की आवक शुरू हो गई है, लेकिन अव्यवस्थाएं किसानों पर भारी पड़ रहीं हैं। इसकी बानगी शुक्रवार को मंडल मुख्यालय में मंडी समिति परिसर स्थित विपणन शाखा केंद्रों पर नजर आई। इन केंद्रों पर ताला लटका रहा।
जौरही, मवई, महोखर, महुआ आदि गांवों से धान बेचने के लिए आए किसान परेशान रहे। जौरही के किसान रामनरेश ने बताया कि वह गुरुवार से बारी का इंतजार कर रहा है। 60 क्विंटल धान लाया है। दो हजार रुपये रोजाना भाड़े का ट्रैक्टर है। एक अन्य किसान उदयभान ने बताया कि 65 क्विंटल धान लेकर दो दिन से केंद्र के बाहर पड़ाव डाले हैं। यहां न तो केंद्र प्रभारी हैं और न मजदूर। ट्रैक्टर का अनावश्यक किराया लग रहा है। केंद्र बंद होने की संतोषजनक जानकारी भी नहीं दी जा रही।
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उधर, जिला विपणन अधिकारी सीपी पांडेय ने बताया कि गुुरुवार को कोलकाता से 4500 बोरो की खेप ट्रेन से आई है। इन्हें महोबा रोड पर स्थित विशिष्ट मंडी परिसर में रखवाने के लिए केंद्र प्रभारी की वहां ड्यूटी लगा दी गई है। एक मजदूर के परिवार में निधन हो जाने से मजदूर भी चले गए हैं। उन्होंने कहा कि शनिवार से धान खरीद पुन: बहाल हो जाएगी।
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जिले में विभिन्न एजेंसियों के 29 केंद्रों पर धान खरीद हो रही है। 55 हजार एमटी खरीद का लक्ष्य है। शुरुआत में पिछले हफ्ते सन्नाटा रहा। अब केंद्रों पर धान की आवक शुरू हो गई है, लेकिन अव्यवस्थाएं किसानों पर भारी पड़ रहीं हैं। इसकी बानगी शुक्रवार को मंडल मुख्यालय में मंडी समिति परिसर स्थित विपणन शाखा केंद्रों पर नजर आई। इन केंद्रों पर ताला लटका रहा।
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जौरही, मवई, महोखर, महुआ आदि गांवों से धान बेचने के लिए आए किसान परेशान रहे। जौरही के किसान रामनरेश ने बताया कि वह गुरुवार से बारी का इंतजार कर रहा है। 60 क्विंटल धान लाया है। दो हजार रुपये रोजाना भाड़े का ट्रैक्टर है। एक अन्य किसान उदयभान ने बताया कि 65 क्विंटल धान लेकर दो दिन से केंद्र के बाहर पड़ाव डाले हैं। यहां न तो केंद्र प्रभारी हैं और न मजदूर। ट्रैक्टर का अनावश्यक किराया लग रहा है। केंद्र बंद होने की संतोषजनक जानकारी भी नहीं दी जा रही।
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उधर, जिला विपणन अधिकारी सीपी पांडेय ने बताया कि गुुरुवार को कोलकाता से 4500 बोरो की खेप ट्रेन से आई है। इन्हें महोबा रोड पर स्थित विशिष्ट मंडी परिसर में रखवाने के लिए केंद्र प्रभारी की वहां ड्यूटी लगा दी गई है। एक मजदूर के परिवार में निधन हो जाने से मजदूर भी चले गए हैं। उन्होंने कहा कि शनिवार से धान खरीद पुन: बहाल हो जाएगी।