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महिलाओं को मनाने पहुंचे अफसर

Thu, 11 Aug 2016 11:12 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला, बांदा
ब्यूरो अमर उजाला, बांदा Updated Thu, 11 Aug 2016 11:12 PM IST
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Officers arrived to celebrate women
दो गर्भवती महिलाओं को हौसला योजना का भोजन कराते सीडीपीओ और तहसीलदार। - फोटो : अमर उजाला

करतल (बांदा)। रगौली भटपुरा गांव में हौसला योजना का दलित द्वारा बनाया गया खाना न खाने वाली महिलाओं को मनाने के लिए गुरुवार को अफसरों की टीम पहुंच गई। काफी मान-मनौव्वल और दबाव डालकर मात्र दो महिलाओं को भोजन लेने के लिए अफसर राजी कर पाए।

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प्रधान ने पंचायत भवन में अलग से खाना तैयार कराया। करतल में फिर भी 16 महिलाओं ने दूसरे दिन भी दलित के हाथों बना खाना खाने से इनकार कर दिया। दुरई पुरवा में भी 8 गर्भवती महिलाएं भोजन करने केंद्र तक नहीं पहुंची। उधर, सांसद के गोद लिए गांव कटरा कालिंजर और बहादुरपुर में हौसला योजना का खाना ही नहीं बना।
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उधर गुरुवार को नरैनी तहसीलदार राजेश कुमार मिश्रा और सीडीपीओ विमलेश कुमार पाल, लेखपाल नाथूराम मिश्रा, ग्राम पंचायत सचिव सुशील द्विवेदी आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचे। पंजीकृत सात महिलाओं में मात्र दो महिलाएं कुसुम व केसरिया को देर तक समझा-बुझाकर भोजन कराया। ग्राम प्रधान रगौली मुन्ना सिंह पटेल ने कहा कि कुसुम के आठ वर्ष में गर्भवती हुई है। इसलिए वह दूसरे के हाथों का बना खाना नहीं खा रही। तहसीलदार ने कहा कि पांच अन्य महिलाएं जिन्होंने खाना नहीं खाया है उन्हें भी समझा-बुझाकर भोजन करवाया जाएगा।
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उधर, करतल के आंगनबाड़ी केंद्र में 16 गर्भवती महिलाएं पंजीकृत हैं। कार्यकत्री रेखा बसोर व सहायिका केसर बसोर ने बताया कि 16 महिलाओं ने उनके हाथों का बना भोजन करने से मना कर दिया। सारा भोजन वह घर ले गईं। गुरुवार को ग्राम प्रधान करतल तुलसा देवी ने ग्राम पंचायत भवन में खाना बनवाकर उन्हें खिलाने का प्रयास किया। इनमें सिर्फ चार ने खाना खाया। सीडीपीओ ने कहा कि खाना कहीं भी बने, लेकिन खिलाया जाएगा केद्र में ही।

प्रधान की व्यवस्था है कि वह खाना बनवाए। आंगनबाड़ी केंद्र दुरई पुरवा में कार्यकत्री विमला देवी ने कहा कि आठ गर्भवती महिलाएं पंजीकृत हैं। कोई खाना नहीं खा रहीं। सुपरवाइजर सुमित्रा देवी को इसकी सूचना दी गई है।

उधर, बाल विकास विभाग के मुताबिक हौसला योजना में पहले दिन 95 फीसदी केंद्रों पर खाना बना और महिलाओं व बच्चों ने खाया। गुरुवार को 1508 में 1473 में कार्यकत्रियों ने गर्भवती महिलाओं व अति कुपोषित बच्चों को भोजन कराया। जिला कार्यक्रम अधिकारी इशरत जहां ने कहा कि योजना का पहला व दूसरा दिन है। एकाध दिन में व्यवस्था पटरी पर आ जाएगी। छुआछूत वाली ऐसी कोई बात नहीं है।

सांसद के गांव में हौसला को आइना
बांदा। चित्रकूट-बांदा के सांसद भैरों मिश्रा के गोद लिए गांव कटरा कालिंजर और बहादुर पुर गड़रिया में दूसरे दिन भी खाना नहीं बना। कटरा कालिंजर में 13 अति कुपोषित बच्चे और 53 गर्भवती महिलाएं हैं। इनमें सिर्फ 9 बच्चों को भोजन कराया गया।


बहादुरपुर गड़रिया में 8 अति कुपोषित बच्चे और 34 गर्भवती महिलाएं पंजीकृत हैं। हौसला योजना का भोजन न बनने पर महिलाएं इस योजना से वंचित रह गईं। वहीं कायकत्री ने सिर्फ पांच अति कुपोषित बच्चों को स्कैक्स खिलाकर चलता कर दिया। सेक्टर प्रभारी शिवाजी सिंह (भूमि संरक्षण जेई) ने बताया कि खाना न बनवाने की सूचना उच्चाधिकारियों को दी गई है।

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