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Banda News: खेल मैदान की जमीन पर कब्जा, शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं

Thu, 29 Jan 2026 12:30 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा Updated Thu, 29 Jan 2026 12:30 AM IST
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Occupation of playground land, no action taken despite complaint
फोटो - 05 रंजीतपुर में खेल मैदान की जमीन पर बने घर व कब्जा। संवाद
नरैनी। लहुरेटा गांव के मजरा रंजीतपुर में नवयुवक मंडल के नाम से प्रस्तावित खेल मैदान वर्षों से अतिक्रमण की चपेट में है। खेल मैदान के लिए आवंटित सरकारी जमीन पर ग्रामीणों ने कब्जा कर बारी और टिनशेड लगा लिए हैं। इससे गांव के युवाओं को खेलने के लिए समुचित स्थान नहीं मिल पाता।
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लहुरेटा ग्राम पंचायत की आबादी करीब छह हजार है। इसमें दो मजरे शामिल हैं। यहां करीब चार हजार मतदाता हैं और लगभग दो सौ से अधिक युवा खेल में विशेष रुचि रखते हैं। बावजूद इसके गांव में न तो कोई स्टेडियम है और न ही खेल मैदान, जिससे युवा मजबूरी में खलिहानों में खेल गतिविधियां संचालित करते हैं। प्रशासन ने मजरा रंजीतपुर में खेल मैदान के लिए जमीन उपलब्ध कराई थी। इसमें मैदान बनाया जाना था लेकिन काफी अर्से बाद भी मैदान तैयार न किया जा सका।
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ग्राम प्रधान प्रतिनिधि मोहम्मद आरिफ ने बताया कि मैदान की जमीन पर कई वर्षों से ग्रामीणों का कब्जा है। इसकी जानकारी ग्राम विकास कार्यालय को दी जा चुकी है लेकिन आज तक जमीन को मुक्त नहीं कराया जा सका। वहीं बीडीओ प्रमोद कुमार बताते हैं कि अतिक्रमण की सूचना लिखित रूप से तहसील मुख्यालय को भेजी जा चुकी है। तहसील प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी।
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उधर ग्रामीणों का कहना है कि सरकार युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए योजनाएं चला रही हैं लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि उदासीन बने हुए हैं। कहा कि अतिक्रमण के कारण गांव में खेल मैदान का सपना अधूरा है और युवा वर्ग को खेल प्रतिभा निखारने का अवसर नहीं मिल पा रहा।


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युवाओं की बात
1 - मुझे व मेरे मित्रों को वॉलीबॉल खेलना बहुत पसंद है लेकिन गांव में कोई खेल मैदान नहीं है। इससे अभ्यास नहीं हो पाता। ऐसी ही समस्या अन्य खेल के खिलाड़ियों को उठानी पड़ती है।

अरशद

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2 - गांव में खेल का कोई मैदान नहीं है। प्रतिवर्ष क्रिकेट प्रतियोगिता कराते है। इसके लिए खेतों को समतल कराना पड़ता है।
आमिर
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