{"_id":"6171ab7a07c5b43b5f593a86","slug":"now-mines-will-be-given-on-lease-for-six-months-banda-news-knp659583179","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब छह माह के पट्टे पर दी जाएंगी खदानें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब छह माह के पट्टे पर दी जाएंगी खदानें
विज्ञापन
Now mines will be given on lease for six months
- फोटो : BANDA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बांदा। पहली अक्तूबर से खदानें शुरू हो जाने के बाद रायल्टी राजस्व का लक्ष्य जुटाने को खनिज विभाग अब 22 नई खदानों पर दांव लगा रहा है। इन्हें छह माह के पट्टे पर देकर कम से कम 62 करोड़ राजस्व जुटाने की तैयारी है।
जिले में मौजूदा समय में 20 खदानों का पट्टा/परमिट है। इनका पट्टा वर्ष 2025 और 2026 तक है, लेकिन पट्टाधारक कंपनियों और ठेकेदारों ने एनजीटी आदि के नियम कानूनों को दरकिनार कर भारी भरकम प्रतिबंधित मशीनों से रात-दिन खनन करके खदानों को साल दो साल में ही खोखला कर दिया। अब पट्टाधारक ज्यादातर कंपनियां खनन में दिलचस्पी नहीं ले रहीं। न ही रायल्टी की किस्त जमा कर रहीं हैं। अक्तूबर का पहला पखवारा बीत जाने के बाद भी अधिकांश खदानें चालू नहीं की गईं हैं।
खनिज विभाग ने रायल्टी राजस्व का लक्ष्य पूरा करने के लिए अब 22 खदानों को छह-छह माह के लिए ई-टेंडर के माध्यम से पट्टे पर देने की कवायद शुरू कर दी है। नोटिस जारी कर दिया है। बांदा, पैलानी, नरैनी, बबेरू, अतर्रा तहसीलों की 22 खदानों को छह-छह माह की अल्प अवधि के लिए पट्टे पर देने के लिए ई-टेंडर मांगे हैं, 29 अक्तूबर से 9 नवंबर तक डाले जाएंगे। 11 नवंबर को समिति के सामने इन्हें खोला जाएगा।
विज्ञापन
10 हजार एकड़ में 40 लाख घन मीटर बालू
खनिज विभाग जिन 22 खदानों को छह माह के लिए पट्टे पर दे रहा है, उनका क्षेत्रफल 9994.29 हेक्टयेर है। इनमें 40,44,210 घन मीटर बालू की उपलब्धता आंकी है। 150 रुपये प्रति घन मीटर की दर से 62 करोड़ 82 लाख 16 हजार रुपये रायल्टी का आंकलन किया है। टेंडर डालने वालों को इस आंकलित रकम का 50 फीसदी (31 करोड़ 41 लाख 8 हजार रुपये) अर्नेस्ट मनी के रूप में जमा करना होगा।
बांदा सदर तहसील : दुरेड़ी (66.71 एकड़)। पथरी (46.94 एकड़)। अछरौंड़ (69.18 एकड़)। कनवारा (59.30 एकड़, दो खदानें)।
पैलानी तहसील : खप्टिहा कलां (39.53 एकड़ व 49.42 एकड़ व 39.53 एकड़ व 39.53 एकड़ व 42 एकड़)। सिंधन कलां (45 एकड़ व 46.95 एकड़)। पड़ोहरा खादर (34.29 एकड़)। साड़ी खादर (32.12 एकड़ व 113.66 एकड़)। सादी मदनपुर (45.96 एकड़)।
नरैनी तहसील : लहुरेहटा (81.54 एकड़)। रिसौरा (44.47 एकड़)। जरर (19.76 एकड़)।
बबेरू तहसील : लोहरा (42 एकड़)। अतर्रा तहसील : बदौसा (24.71 एकड़)। महुटा (51.89 एकड़)।
इस माह 40 करोड़ जुटाने का लक्ष्य
खनिज विभाग को चालू माह अक्तूबर में 40 करोड़ का लक्ष्य पूरा करना है, जबकि अभी 20 खदानों में गिनी-चुनी ही खदानें ही शुरू हुईं हैं। ऐसे में यह लक्ष्य पूरा करना दूभर है। प्रदेश सरकार भी यहां खनिज का लक्ष्य बढ़ाती रहती है। पहले 30 करोड़ था, जो अब बढ़कर 40 करोड़ हो गया है।
विज्ञापन
जिले में मौजूदा समय में 20 खदानों का पट्टा/परमिट है। इनका पट्टा वर्ष 2025 और 2026 तक है, लेकिन पट्टाधारक कंपनियों और ठेकेदारों ने एनजीटी आदि के नियम कानूनों को दरकिनार कर भारी भरकम प्रतिबंधित मशीनों से रात-दिन खनन करके खदानों को साल दो साल में ही खोखला कर दिया। अब पट्टाधारक ज्यादातर कंपनियां खनन में दिलचस्पी नहीं ले रहीं। न ही रायल्टी की किस्त जमा कर रहीं हैं। अक्तूबर का पहला पखवारा बीत जाने के बाद भी अधिकांश खदानें चालू नहीं की गईं हैं।
विज्ञापन
खनिज विभाग ने रायल्टी राजस्व का लक्ष्य पूरा करने के लिए अब 22 खदानों को छह-छह माह के लिए ई-टेंडर के माध्यम से पट्टे पर देने की कवायद शुरू कर दी है। नोटिस जारी कर दिया है। बांदा, पैलानी, नरैनी, बबेरू, अतर्रा तहसीलों की 22 खदानों को छह-छह माह की अल्प अवधि के लिए पट्टे पर देने के लिए ई-टेंडर मांगे हैं, 29 अक्तूबर से 9 नवंबर तक डाले जाएंगे। 11 नवंबर को समिति के सामने इन्हें खोला जाएगा।
विज्ञापन
10 हजार एकड़ में 40 लाख घन मीटर बालू
खनिज विभाग जिन 22 खदानों को छह माह के लिए पट्टे पर दे रहा है, उनका क्षेत्रफल 9994.29 हेक्टयेर है। इनमें 40,44,210 घन मीटर बालू की उपलब्धता आंकी है। 150 रुपये प्रति घन मीटर की दर से 62 करोड़ 82 लाख 16 हजार रुपये रायल्टी का आंकलन किया है। टेंडर डालने वालों को इस आंकलित रकम का 50 फीसदी (31 करोड़ 41 लाख 8 हजार रुपये) अर्नेस्ट मनी के रूप में जमा करना होगा।
बांदा सदर तहसील : दुरेड़ी (66.71 एकड़)। पथरी (46.94 एकड़)। अछरौंड़ (69.18 एकड़)। कनवारा (59.30 एकड़, दो खदानें)।
पैलानी तहसील : खप्टिहा कलां (39.53 एकड़ व 49.42 एकड़ व 39.53 एकड़ व 39.53 एकड़ व 42 एकड़)। सिंधन कलां (45 एकड़ व 46.95 एकड़)। पड़ोहरा खादर (34.29 एकड़)। साड़ी खादर (32.12 एकड़ व 113.66 एकड़)। सादी मदनपुर (45.96 एकड़)।
नरैनी तहसील : लहुरेहटा (81.54 एकड़)। रिसौरा (44.47 एकड़)। जरर (19.76 एकड़)।
बबेरू तहसील : लोहरा (42 एकड़)। अतर्रा तहसील : बदौसा (24.71 एकड़)। महुटा (51.89 एकड़)।
इस माह 40 करोड़ जुटाने का लक्ष्य
खनिज विभाग को चालू माह अक्तूबर में 40 करोड़ का लक्ष्य पूरा करना है, जबकि अभी 20 खदानों में गिनी-चुनी ही खदानें ही शुरू हुईं हैं। ऐसे में यह लक्ष्य पूरा करना दूभर है। प्रदेश सरकार भी यहां खनिज का लक्ष्य बढ़ाती रहती है। पहले 30 करोड़ था, जो अब बढ़कर 40 करोड़ हो गया है।