फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   Now listen to the government, reduce tax

अबकी सुन लो सरकार, कम करो टैक्स की मार

Mon, 27 Jan 2020 11:52 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 27 Jan 2020 11:52 PM IST
विज्ञापन
Now listen to the government, reduce tax
लक्ष्मीनारायण। - फोटो : BANDA
बांदा। आम बजट से एक बार फिर व्यापारियों और कारोबारियों की उम्मीदें जाग उठी हैं। उन्हें भरोसा है कि 1 फरवरी को लोकसभा में पेश किए जाने वाले आम बजट में उनकी अबकी जरूर सुनवाई होगी। हालांकि पिछले वर्ष भी व्यापारियों ने कमोवेश यही फरियादें केंद्र सरकार से की थीं, लेकिन मायूसी हाथ लगी।
विज्ञापन

जीएसटी ने व्यापारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ाया है। उम्मीद है कि हमारी इस फरियाद को अबकी आम बजट में सुना जाएगा। साथ ही जीएसटी में रियायत और आयकर का दायरा बढ़ाया जाएगा। ऑनलाइन व्यापार पर भी सरकार को पुनर्विचार करना चाहिए।-सत्यप्रकाश सराफ, जिलाध्यक्ष, व्यापार मंडल, बांदा।
विज्ञापन

जीएसटी में प्रत्येक माह रिटर्न दाखिल करना खासी मुसीबत पैदा कर रहा है। दैनिक ब्योरा लेने के बजाय कम से कम तिमाही अवधि तय की जाए, ताकि व्यापारियों को रोजाना कागजी लिखा-पढ़ी और हिसाब-किताब की माथापच्ची से राहत मिले और व्यापार पर ध्यान दे सकें। -विष्णु गुप्ता, गल्ला व्यापारी, बांदा।
विज्ञापन
विज्ञापन

पहले केवल रेडीमेड कपड़ों पर टैक्स था, जिससे आम लोगों पर ज्यादा भार नहीं पड़ता था। अब सभी कपड़ों पर टैक्स लगा दिए जाने से हर वर्ग पर आर्थिक बोझ बढ़ा है। लोग परेशान हो रहे हैं। टैक्स घटाना चाहिए और ऑनलाइन व्यापार पर प्रतिबंध लगना चाहिए।-अमित गुप्ता उर्फ रामू, कपड़ा व्यवसायी, तिंदवारी।
टैक्स अधिक होने से कारोबार बहुत ही प्रभावित है। बंदी के कारण व्यापारी परेशान हैं। हर माह माल लेने कानपुर, दिल्ली जाना होता है। ऐसे में ट्रेन में भी व्यापारियों को रियायतें दिए जाने का केंद्र सरकार इस बजट में प्रावधान करे, जिससे कुछ राहत मिल सके।-प्रदीप कुमार गुप्ता, किराना व्यवसायी, अतर्रा।
इस बजट में व्यापारियों को उम्मीदें हैं। आनलाइन शॉपिंग व्यापारियों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा रही है। महंगाई पर भी अंकुश लगना जरूरी है। व्यापारिक नीतियों में बुनियादी बदलाव की जरूरत है, लेकिन सरकार का बजट यही रहता है कि नई बोतल में पुरानी शराब।-शिवनारायण शिवहरे, गल्ला व्यापारी, नरैनी।

महंगाई का सीधा असर व्यापार पर पड़ रहा है। आम बजट में महंगाई कम करने के लिए केंद्र सरकार को ठोस उपाय करना चाहिए। व्यापारियों पर थोपे गए कई टैक्सों पर पुनर्विचार कर इन्हें वापस लिया जाए या फिर कम किया जाए। इससे आम लोगों को भी राहत मिलेगी।-लक्ष्मीनारायण गुप्ता, कपड़ा व्यापारी, बबेरू।

शिवनारायण शिवहरे।

शिवनारायण शिवहरे।- फोटो : BANDA

सत्यप्रकाश

सत्यप्रकाश- फोटो : BANDA

विष्णु गुप्ता।

विष्णु गुप्ता।- फोटो : BANDA

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed