{"_id":"f0c2e1cbd15eb45f3e9c936a10594e7c","slug":"not-stopped-the-other-day-slow-rain-drizzle-was-disrupted-by-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दूसरे दिन भी नहीं थमी रिमझिम फुहार, बूंदाबांदी से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दूसरे दिन भी नहीं थमी रिमझिम फुहार, बूंदाबांदी से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Fri, 02 Jan 2015 11:54 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रिमझिम बारिश का सिलसिला शुक्रवार को दूसरे दिन भी नहीं थमा। बूंदाबांदी से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। खेतों के लिए यह बारिश अमृत मानी जा रही है। अलबत्ता गरीबों की रोजी-रोटी में अड़चने आ रही हैं।
विज्ञापन
पखवारे भर जबर्रदस्त कोहरा और ठंड से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। 31 दिसंबर की रात से बूंदाबादी शुरू हुई तो थमने का नाम नहीं ले रही है। तीन दिन से सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए। ठंड व बारिश से परेशान लोग अब मौसम खुलने की दुआ कर रहे हैं। बदली ने तापमान में जरूर सुधार किया। गलन में मामूली कमी आई है।
विज्ञापन
केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक शुक्रवार को अधिकतम तापमान 5 डिग्री सेल्यिस बढ़कर 17 और न्यूनतम भी 5 डिग्री बढ़कर 12 डिग्री सेल्सियस रहा। बीते 24 घंटे के दौरान 6.7 मिलीमीटर बारिश हुई है। नए साल में अब तक करीब 14 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। किसान इस बारिश को फसलों के लिए अमृत मान रहे हैं।
विज्ञापन
चार दिन पूर्व तक भीषण कोहरा और 4 डिग्री पारा उतरा तों फसलों में पाला का संकट मडरा रहा था। लेकिन बारिश से दलहनी फसलों को संजीवनी मिल गई है। वहीं गेहूं की फसल भी इस बारिश में लहलहा उठी।
उधर, नगरीय क्षेत्रों में रिमझिम बारिश ने गरीबों को परेशान कर दिया है। छिटपुट धंधा करने वालों की रोजी-रोटी पर बन आई है। उनका खर्च निकालना मुश्किल हो रहा है। कई दिनों से धूप न निकलने की वजह से गीले कपड़े नहीं सूख पा रहे हैं। सड़कें, गलियां व आंगन कीचड़ से सराबोर हैं।