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मौतों के बाद भी नहीं चेता प्रशासन
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Sun, 21 Dec 2014 12:07 AM IST
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ठंड से वृद्धा समेत दो मौतों के बाद भी मटौंध नगर पंचायत और तहसील प्रशासन ने सबक नहीं लिया। अभी तक मटौंध में न अलाव जले और नहीं गरीबों को कंबल बांटे गए। उधर अलाव तापने में तीन लोग झुलस गए।
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मटौंध प्रतिनिधि के अनुसार, बस स्टैंड, इचौली चौराहा, खड्डी तिगैला तथा जच्चा-बच्चा केंद्र में दूर-दराज से इलाज के लिए आने वाले लोग ठंड से कंपकपा रहे हैं। नेशनल हाइवे किनारे डेरा डाले घुमंतू (पछौंहा) के बच्चे ठंड से कांप रहे हैं। उधर, नगर पंचायत अध्यक्ष का दावा है कि सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलाए जा रहे हैं।
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उधर अतर्रा क्षेत्र के सेमरिया गांव निवासी चंद्र प्रभा (37) पत्नी जगमोहन और जसपुरा क्षेत्र के रामपुर निवासी ईदुल निशा (60) पत्नी मोहम्मद हमीद ठंड से बचने को आग ताप रही थी। कपड़ों में आग लगने से दोनों गंभीर रूप से झुलस गईं। बबेरू प्रतिनिधि के मुताबिक कसबा निवासी ब्रम्हा शंकर (34) पुत्र सूबेदार शुक्रवार रात अलाव में गिरकर झुलस गया।
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सीएचसी से उसे जिला अस्पताल रिफर कर दिया गया। उधर जेल मेें बंदी अवधेश (47) निवासी निवादा (गिरवां) की ठंड से हालत बिगड़ने पर जिला अस्पताल से कानपुर रिफर किया गया। भाथा (जसपुरा) गांव मेें गुड़िया (35) पत्नी गंगचरन को ठंड ने जकड़ लिया उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।