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मरीजों की लिस्ट में जिला अस्पताल आगे
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Wed, 08 Jul 2015 12:05 AM IST
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मंडल मुख्यालय बांदा शहर में मेडिकल कालेज जैसी उपलब्धि जिला अस्पताल को राहत नहीं दे पा रही है। जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। यह तब है जब जिला अस्पताल में बड़ी संख्या में डाक्टर से लेकर अन्य कर्मचारियों के पद रिक्त पड़े हैं।
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मेडिकल कालेज चालू होने के बाद माना जा रहा था कि जिला अस्पताल में मरीजों का दबाव कम होगा। पर फिलहाल ये उम्मीद खरी नहीं उतरी। मेडिकल कालेज में बमुश्किल दो-ढाई सौ मरीज पहुंच रहे हैं, जो मेडिकल कालेज के आसपास के गांवों के होते हैं। जबकि जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या दोगुनी से ज्यादा है। यहा रोजाना पांच से छह सौ तक मरीज पहुंच रहे हैं।
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यह तब है जब जिला अस्पताल में डाक्टरों की भारी कमी है। यहां स्वीकृत 17 पद लंबे अरसे से खाली पड़े हैं। फिजीशियन, चेस्ट फिजीशियन, बाल रोग विशेषज्ञ, रेडिया लाजिस्ट, पैथालाजिस्ट, स्किन/एसटीडी विशेषज्ञ, एनेस्थेटिस्ट सर्जन, आर्थोपैडिक और नेत्र सर्जन के एक-एक पद खाली हैं। मरीजों को अन्य रोगों के विशेषज्ञों को दिखाकर काम चलाया जा रहा है।
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मेडिकल कालेज शुरू होने के बाद भी जिला अस्पताल की भीड़ में कोई खास असर नहीं पड़ा है। यहां अभी 100 बेड का अस्पताल है। 300 बेड वाले मंडल स्तरीय अस्पताल का निर्माण तेजी से चल रहा है। अस्पताल परिसर में ट्रामा सेंटर भी बनाया जा रहा है। यह दोनों शुरू होने के बाद स्वास्थ्य सेवाओं में काफी सुधार आएगा। मरीजों को रेफर करने की जरूरत नहीं पड़ेगी-डा. शेखर (सीएमएस), जिला अस्पताल, बांदा