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710 को भेजा था नोटिस, हाजिर एक, एनजीटी ने दिया पुन: नोटिस जारी करने का आदेश
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Thu, 12 Feb 2015 11:27 PM IST
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अवैध खनन के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई कर रही नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के नोटिस को भी बालू कारोबारियों ने ठेंगा दिखा दिया। एनजीटी दिल्ली में 11 फरवरी को हाजिर होने के लिए भेजे नोटिस के बावजूद 710 लोगों में से महज एक ने वहां हाजिरी दी।
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एनजीटी ने फिर नोटिस जारी की हैं। अगली सुनवाई 9 मार्च को होगी। समाजसेवी ब्रजमोहन यादव (उदयपुर) ने एनजीटी में बांदा में केन और बागै नदियों में हो रहे अवैध खनन के विरुद्ध याचिका दायर कर रखी है। मामले की लगातार सुनवाई चल रही है। जनवरी में प्रदेश सरकार और बांदा जिला प्रशासन को नोटिस जारी कर अवैध खनन करने वालों को 11 फरवरी को एनजीटी बेंच, दिल्ली के समक्ष उपस्थित होने का आदेश था।
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इस पर डीएम ने पिछले माह लगभग 710 लोगाें को नोटिस जारी कर निर्देश दिया था कि वे 11 फरवरी को एनजीटी में पेश हों। 11 फरवरी को एनजीटी में इनमें मात्र एक बालू कारोबारी साबिर खां (नरैनी) की ओर से जवाब दाखिल हुआ। बाकी सभी ने नोटिस पर अमल नहीं किया और न कोई पेश हुआ। प्रदेश सरकार या जिला प्रशासन ने भी कोई रिपोर्ट पेश नहीं की।
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सुनवाई कर रहे एनजीटी के चेयर परसन न्यायाधीश स्वतंत्र कुमार सहित न्यायाधीश डॉ.पी ज्योतिमनी (न्यायिक सदस्य), विशेषज्ञ सदस्य डॉ.आरके अग्रवाल और प्रो.एआर यूसुफ तथा विक्रम सिंह ने पुन: अवैध खनन करने वालों को नोटिस जारी करने का आदेश दिया। यह जानकारी याचिकाकर्ता ब्रजमोहन यादव की ओर से एनजीटी में पैरवी कर रहे अधिवक्ता राहुल चौधरी ने दी।
पुल हटाएं, खनन पर लगाई रोक
बांदा। एनजीटी ने प्रदेश सरकार को आदेश दिया है कि केन नदी में बनाए गए अवैध पुल/अवरोध तत्काल हटवाकर अनुपालन आख्या ट्रिब्यूनल में दालिख करें। साथ ही एनजीटी ने अगली सुनवाई होने तक नदी के सिर्फ मध्य भाग को छोड़कर किनारे या अन्य स्थान से बालू निकालने पर रोक लगा दी है। ब्रजमोहन यादव (उदयपुर) बांदा की रिट पर सुनवाई कर रही एनजीटी बेंच ने 11 फरवरी 2015 को सुनवाई के दौरान यह आदेश दिए।