फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   NGT admits violation of sand mining in Bhuredi

भुरेड़ी में बालू खनन एनजीटी ने माना उल्लंघन

Mon, 04 Oct 2021 11:51 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 04 Oct 2021 11:51 PM IST
विज्ञापन
NGT admits violation of sand mining in Bhuredi
बांदा। जिले की केन नदी भुरेड़ी खदान में पट्टाधारक द्वारा कराए जा रहे बालू खनन को एनजीटी ने अपने आदेशों और पर्यावरण नियमों का उल्लंघन माना है। कहा कि जिला मजिस्ट्रेट की अध्ययन रिपोर्ट गलत ढंग से तैयार करवाकर दाखिल की गई है। एनजीटी इस बारे में 10 नवंबर को सुनवाई के बाद आदेश करेगी।
विज्ञापन

बांदा सदर तहसील में भुरेड़ी गांव के पास केन नदी की तलहटी पर 8 खंडों-1141, 1137, 1136, 1132/2, 1125, 1127, 1131 और 1132 को खनिज विभाग ने पट्टे में दे रखा है। इसका कुल क्षेत्रफल 37 हेक्टेयर है। पट्टे की शर्तों के मुताबिक प्रतिवर्ष 7.40 लाख क्यूबिक मीटर बालू खनन की जा सकती है।
विज्ञापन

एनजीटी में संदीप कुमार सिंह आदि द्वारा दायर याचिका पर 8 सितंबर को वीडियो कांफ्रेसिंग से दोनों पक्षों को सुनने के बाद एनजीटी चेयरपर्सन न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल, न्यायिक सदस्य न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल व ब्रजेश सेठी और विशेषज्ञ सदस्य नागिन नंदा ने अपने 10 पृष्ठीय आदेश में कहा है कि भारी मात्रा में अवैध खनन से पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन और पर्यावरण सुरक्षा तथा उसके प्रभाव की जांच करते हुए प्रदेश सरकार से रिपोर्ट मांगी गई थी। प्रदेश सरकार ने 7 व 15 जनवरी 2020 को यह रिपोर्ट दाखिल की थी। एनजीटी ने कहा है इस रिपोर्ट में सावधानी और पर्यावरण को प्रभावित करने वाले विषय की अनदेखी की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

याचिकाकर्ता के अधिवक्ताओं ने कहा कि केन नदी की मुख्य धारा के समीप जहां खनन का पट्टा कर दिया गया है वहां नदी में पुल बनाए बिना खनन संभव नहीं था। वहां अवैध खनन हो रहा है। एनजीटी ने 19 मार्च 2020 को खनन रोकने का आदेश दिया था। इस पर जनपदीय सर्वे रिपोर्ट में जिला मजिस्ट्रेट, बांदा की अध्ययन रिपोर्ट गलत ढंग से तैयार कराकर प्रदेश सरकार और विभाग जानबूझकर एनजीटी के आदेशों को अविलंबित कर रहे हैं।
एनजीटी ने कहा है कि निर्धारित मात्रा से ज्यादा खनन से पर्यावरण पर प्रभाव पड़ना स्वाभाविक है। साथ ही यह एनजीटी द्वारा 19 मार्च व 18 सितंबर 2020 को जारी आदेशों का खुला उल्लंघन है।

एनजीटी ने आदेश दिया है कि याचिका की प्रतिलिपि संबंधित पक्षों को याचिकाकर्ता तामील कराएं। साथ ही इस आदेश की प्रति संबंधित विभागों को भी भेजी जाए। अब इस पर अगली सुनवाई और आदेश अगले माह 10 नवंबर 2021 को होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed