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मासूमों की नटखट आदतें बयां करते रहे पड़ोसी
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Neighbors continued to tell naughty habits of innocent people
- फोटो : BANDA
बबेरू। दुबेन पुरवा (मऊ) में आग से जलकर महिला और तीन बच्चों की मौतों के बाद पूरे गांव में शोक है। आसपास के कई मकानों में मातम जैसा माहौल रहा और चूल्हे नहीं जले। हरेक ग्रामीण की जुबां पर तीनों मासूम बच्चों की नटखट आदतें और बातें थीं।
मृतक गृह स्वामिनी की मजदूर और मेहनतकश तंगहाल जीवन पर भी चर्चाएं होती रहीं। बड़ी संख्या में अधिकारी और विभिन्न राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधि और नुमाइंदे यहां पहुंचकर आग की तबाही के निशान देखते और अफसोस जताते रहे। मृतकों के अन्य परिजनों से सांत्वना और शोक व्यक्त किया।
आग पूरी तरह तभी बुझ पाई जब मां और उसके तीन मासूम बच्चे पूरी तरह जलकर कोयला बन चुके थे। सुबह 9 बजे के बाद फायर ब्रिगेड कर्मियों ने मलवा हटाना शुरू किया। काफी देर बाद सबसे पहले गृह स्वामिनी संगीता का शव मिला। उसके करीब तीन घंटे बाद उसके तीनों बच्चों के जले अंग मिले।
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6 वर्षीय पुत्र आशीष का जला शव कच्ची दीवार की अलमारी के पास मिला। अनुमान लगाया जा रहा है कि उसने आग से बचने के लिए अलमारी में छिपने की कोशिश की। उधर, पुलिस ने संगीता के पति और बच्चों के पिता कल्लू को राजस्थान में सूचना भिजवाई है।
एसडीएम सौरभ शुक्ला का कहना है कि कानूनी तौर पर जो भी संभव होगी, वह मदद दिलाई जाएगी। विधायक चंद्रपाल कुशवाहा, पूर्व विधायक विशंभर सिंह यादव ने भी मृतकों के घरवालों को हर संभव मदद दिलवाने का भरोसा दिलाया।
एक साथ तीन मासूमों सहित चार मौतों पर शोक जताने के लिए कई जनप्रतिनिधि यहां मेडिकल कालेज स्थित पोस्टमार्टम हाउस भी पहुंचे। मृतकों के परिजनों से मिलकर संवेदना जताई।
इनमें सपा राष्ट्रीय महासचिव व राज्यसभा सांसद विशंभर प्रसाद निषाद सहित सपा पूर्व जिलाध्यक्ष बीपी यादव, पूर्व महासचिव राजेंद्र यादव, अनिल यादव, पुष्पेंद्र, अशोक यादव भी शामिल रहे।
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मृतक गृह स्वामिनी की मजदूर और मेहनतकश तंगहाल जीवन पर भी चर्चाएं होती रहीं। बड़ी संख्या में अधिकारी और विभिन्न राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधि और नुमाइंदे यहां पहुंचकर आग की तबाही के निशान देखते और अफसोस जताते रहे। मृतकों के अन्य परिजनों से सांत्वना और शोक व्यक्त किया।
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आग पूरी तरह तभी बुझ पाई जब मां और उसके तीन मासूम बच्चे पूरी तरह जलकर कोयला बन चुके थे। सुबह 9 बजे के बाद फायर ब्रिगेड कर्मियों ने मलवा हटाना शुरू किया। काफी देर बाद सबसे पहले गृह स्वामिनी संगीता का शव मिला। उसके करीब तीन घंटे बाद उसके तीनों बच्चों के जले अंग मिले।
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6 वर्षीय पुत्र आशीष का जला शव कच्ची दीवार की अलमारी के पास मिला। अनुमान लगाया जा रहा है कि उसने आग से बचने के लिए अलमारी में छिपने की कोशिश की। उधर, पुलिस ने संगीता के पति और बच्चों के पिता कल्लू को राजस्थान में सूचना भिजवाई है।
एसडीएम सौरभ शुक्ला का कहना है कि कानूनी तौर पर जो भी संभव होगी, वह मदद दिलाई जाएगी। विधायक चंद्रपाल कुशवाहा, पूर्व विधायक विशंभर सिंह यादव ने भी मृतकों के घरवालों को हर संभव मदद दिलवाने का भरोसा दिलाया।
एक साथ तीन मासूमों सहित चार मौतों पर शोक जताने के लिए कई जनप्रतिनिधि यहां मेडिकल कालेज स्थित पोस्टमार्टम हाउस भी पहुंचे। मृतकों के परिजनों से मिलकर संवेदना जताई।
इनमें सपा राष्ट्रीय महासचिव व राज्यसभा सांसद विशंभर प्रसाद निषाद सहित सपा पूर्व जिलाध्यक्ष बीपी यादव, पूर्व महासचिव राजेंद्र यादव, अनिल यादव, पुष्पेंद्र, अशोक यादव भी शामिल रहे।