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अमेरिका में नसीर को मिलेगा सम्मान
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नसीर अहमद सिद्दीकी।
- फोटो : BANDA
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बांदा। शिक्षा के पेशे के साथ पत्रकारिता और समाज सेवा में सक्रिय दिल्ली निवासी बांदा के नसीर अहमद सिद्दीकी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला है। अमेरिका की प्रतिष्ठित कंपनी आरजू एंड एफेयर्स ने अपने सर्वोच्च सम्मान एक्सीलेंस इन जर्नलिज्म 2020 के लिए चयनित किया है। यह सम्मान आठ दिसंबर को अमेरिका के फ्रांसिस्को शहर में दिया जाएगा।
नसीर अहमद सिद्दीकी मूल रूप से बांदा के बाशिंदे हैं और दिल्ली में शिक्षक हैं। बुंदेलखंड विकास मंच, सोशल आर्गेनाइजेशन फॉर कम्युनिटी हेल्थ (सोच) के माध्यम से बुंदेलखंड के कई मुद्दों पर आरटीआई व अन्य जरियों से काम करते रहे हैं। पत्रकारिता क्षेत्र में भी सक्रिय हैं। बताया कि अमेरिका के इस अंतरराष्ट्रीय सम्मान के लिए भारत के अलावा कई देशों से 990 लोगों ने आवेदन किया था। मार्च से जून तक वीडियो कॉलिंग के जरिए वेबिनार इंटरव्यू लिया गया। इसमें उन्होेंने तमाम देशों के प्रतिभागियों को मात दी। इस पुरस्कार में उन्हें दो लाख रुपये, प्लेटिनम शील्ड, मेडल, शाल, प्रशस्ति पत्र, आने-जाने का किराया और अमेरिका में दो सप्ताह का अतिथि सत्कार/टूर वीजा दिया जाएगा।
यह जानकारी नसीर को आरजू वर्ल्ड एफेयर्स के सीईओ विनोद सुजान ने दी है। नसीर ने इस सफलता के लिए मां बकरीदन व पिता हाजी खुदा बख्श की दुआएं बताईं। माता-पिता व भाई सगीर सिद्दीकी बांदा में ही रहते हैं। नसीर अहमद सिद्दीकी को पहले भी कई पुरस्कार मिल चुके हैं।
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नसीर अहमद सिद्दीकी मूल रूप से बांदा के बाशिंदे हैं और दिल्ली में शिक्षक हैं। बुंदेलखंड विकास मंच, सोशल आर्गेनाइजेशन फॉर कम्युनिटी हेल्थ (सोच) के माध्यम से बुंदेलखंड के कई मुद्दों पर आरटीआई व अन्य जरियों से काम करते रहे हैं। पत्रकारिता क्षेत्र में भी सक्रिय हैं। बताया कि अमेरिका के इस अंतरराष्ट्रीय सम्मान के लिए भारत के अलावा कई देशों से 990 लोगों ने आवेदन किया था। मार्च से जून तक वीडियो कॉलिंग के जरिए वेबिनार इंटरव्यू लिया गया। इसमें उन्होेंने तमाम देशों के प्रतिभागियों को मात दी। इस पुरस्कार में उन्हें दो लाख रुपये, प्लेटिनम शील्ड, मेडल, शाल, प्रशस्ति पत्र, आने-जाने का किराया और अमेरिका में दो सप्ताह का अतिथि सत्कार/टूर वीजा दिया जाएगा।
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यह जानकारी नसीर को आरजू वर्ल्ड एफेयर्स के सीईओ विनोद सुजान ने दी है। नसीर ने इस सफलता के लिए मां बकरीदन व पिता हाजी खुदा बख्श की दुआएं बताईं। माता-पिता व भाई सगीर सिद्दीकी बांदा में ही रहते हैं। नसीर अहमद सिद्दीकी को पहले भी कई पुरस्कार मिल चुके हैं।
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