{"_id":"65983eaa65d61969960039e8","slug":"mukhtars-blood-pressure-has-become-high-several-times-in-jail-banda-news-c-212-1-sknp1008-5912-2024-01-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Banda News: जेल में कई बार हाई हो चुका मुख्तार का ब्लड प्रेशर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Banda News: जेल में कई बार हाई हो चुका मुख्तार का ब्लड प्रेशर
Fri, 05 Jan 2024 11:09 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Fri, 05 Jan 2024 11:09 PM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। माफिया मुख्तार अंसारी को ब्लड प्रेशर और शुगर है। कई बार जेल में उसका ब्लड प्रेशर हाई हो चुका है। लिहाजा हर सप्ताह चिकित्सकों की एक टीम उसका स्वास्थ्य परीक्षण करती है। जेल प्रशासन का कहना है कि जल्द ही माफिया के आंखों की जांच भी कराई जाएगी।
मुख्तार अंसारी वर्ष 2016 में बांदा जेल में बंद हैं। वर्ष 2017 में प्रोटेक्शन वारंट पर पंजाब की रोपड़ जेल भेजा गया। सात अप्रैल 2021 को बांदा जेल में पुन: स्थानांतरित कर दिया गया था। तब से वह बांदा जेल में ही हैं। जेल सूत्रों के अनुसार एक वक्त अपनी दबंगई का रौब गांठने वाला माफिया आज जेल में सहमा सा रहता है। ब्लड प्रेशर का मरीज भी है। शुगर भी कभी कम तो कभी ज्यादा होती रहती है। फिलहाल व सरवाइकल और मोतियाबिंद से ग्रसित हैं।
गुरुवार को उसने बाराबंकी की एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट में एक बार फिर जेल प्रशासन पर आरोप लगाया कि उसे आंखों में दिखाई नहीं देता हैं उसका इलाज नहीं कराया जा रहा है। इधर जेल प्रशासन का कहना है कि ब्लड प्रेशर व सरवाइकल की लगातार दवाएं चल रही हैं। आंखों में कम दिखने की बात उसने चिकित्सकों से नहीं कही। जानकारी मिलने पर सीएमओ को पत्र लिखा गया है। सीएमओ अनिल श्रीवास्तव का कहना है कि जल्द जेल में शिविर लगवाकर बंदियों के आंखों का चेकअप कराएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
बांदा। माफिया मुख्तार अंसारी को ब्लड प्रेशर और शुगर है। कई बार जेल में उसका ब्लड प्रेशर हाई हो चुका है। लिहाजा हर सप्ताह चिकित्सकों की एक टीम उसका स्वास्थ्य परीक्षण करती है। जेल प्रशासन का कहना है कि जल्द ही माफिया के आंखों की जांच भी कराई जाएगी।
मुख्तार अंसारी वर्ष 2016 में बांदा जेल में बंद हैं। वर्ष 2017 में प्रोटेक्शन वारंट पर पंजाब की रोपड़ जेल भेजा गया। सात अप्रैल 2021 को बांदा जेल में पुन: स्थानांतरित कर दिया गया था। तब से वह बांदा जेल में ही हैं। जेल सूत्रों के अनुसार एक वक्त अपनी दबंगई का रौब गांठने वाला माफिया आज जेल में सहमा सा रहता है। ब्लड प्रेशर का मरीज भी है। शुगर भी कभी कम तो कभी ज्यादा होती रहती है। फिलहाल व सरवाइकल और मोतियाबिंद से ग्रसित हैं।
विज्ञापन
गुरुवार को उसने बाराबंकी की एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट में एक बार फिर जेल प्रशासन पर आरोप लगाया कि उसे आंखों में दिखाई नहीं देता हैं उसका इलाज नहीं कराया जा रहा है। इधर जेल प्रशासन का कहना है कि ब्लड प्रेशर व सरवाइकल की लगातार दवाएं चल रही हैं। आंखों में कम दिखने की बात उसने चिकित्सकों से नहीं कही। जानकारी मिलने पर सीएमओ को पत्र लिखा गया है। सीएमओ अनिल श्रीवास्तव का कहना है कि जल्द जेल में शिविर लगवाकर बंदियों के आंखों का चेकअप कराएंगे।
विज्ञापन