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विभाग दाबे बैठे हैं सांसद निधि का पैसा
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Fri, 03 Jul 2015 12:22 AM IST
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चित्रकूटधाम मंडल में सांसद निधि से होने वाले विकास कार्य कछुआ चाल से चल रहे हैं। निधि का ज्यादातर पैसा सभी जिलों में सरकारी खजाने या कार्यदाई संस्था के कोष में डंप पड़ा है। मंडल मुख्यालय बांदा में सांसद निधि के 5 करोड़ 14 लाख से ज्यादा अभी बाकी हैं।
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पिछले वर्ष निधि से यहां 55 परियोजनाएं पूरी की जाना थीं, लेकिन सिर्फ 6 पूरी हुईं हैं। 49 अधूरी पड़ी हैं। इसी तरह चित्रकूट जनपद में सांसद निधि के 2 करोड़ 77 लाख रुपये अवशेष हैं। प्रमुख सचिव नियोजन और मंडलायुक्त कल्पना अवस्थी ने इस पर नाराजगी जताई है। वहीं बिजली विभाग में पैसा होने के बावजूद काम न पूरा करने पर अधीक्षण अभियंता से स्पष्टीकरण तलब किया है।
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बुधवार को प्रमुख सचिव और मंडलायुक्त ने संयुक्त रूप से मयूर भवन सभाकक्ष में बैठक करके सांसद निधि के बजट और उनसे विकास कार्यों की समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि बांदा में सांसद निधि के 5 करोड़ 14 लाख 39 हजार रुपये अभी खर्च होने को शेष हैं।
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इनमें 3 करोड़ 98 लाख 88 हजार रुपये डीआरडीए और 1 करोड़ 15 लाख 51 हजार रुपये अन्य कार्यदाई संस्थाओं के पास हैं। खर्च करने में लेटलतीफी का आलम यह है कि पूर्व सांसद आरके सिंह पटेल के कार्यकाल की सांसद निधि के 3 करोड़ 13 लाख 83 हजार रुपये अवशेष हैं।
इसी तरह हमीरपुर के पूर्व सांसद विजय बहादुर सिंह की निधि के 8 लाख 11 हजार रुपये डीआरडीए स्तर पर खर्च होने से शेष हैं। बैठक में बताया गया कि सांसद (राज्य सभा) विशंभर प्रसाद निषाद की निधि के 73 लाख 60 हजार रुपये अभी खर्च को बाकी हैं।
इनमें 45 लाख 6 हजार रुपये डीआरडीए के पास हैं और 28 लाख 55 हजार रुपये कार्यदाई संस्थाएं दाबे बैठी हैं। बांदा जिले के बारे में बताया गया कि यहां कुल 1235 परियोजनाओं को सांसद निधि से मंजूरी मिली है। इसमें 1189 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं।
अलबत्ता वर्ष 2015 में 55 परियोजनाओं के स्थान पर सिर्फ 6 परियोजनाएं पूरी हो पाई हैं। 49 अधूरी हैं। सचिव और मंडलायुक्त ने अधूरी परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने और अवशेष धनराशि को नियमानुसार स्वीकृत करने के निर्देश दिए।
बांदा जनपद के सरांय जदीद रामफल पुरवा और नगेलन पुरवा (रिसौरा) में विद्युतीकरण के लिए वर्ष 2013 में पैसा दिया गया था, लेकिन अब तक काम पूरा नहीं हुआ। मंडलायुक्त ने बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता से इस बारे में स्पष्टीकरण तलब किया है।
साथ ही मुख्य अभियंता से कहा है कि विद्युतीकरण की रिपोर्ट आख्या दो दिन में उपलब्ध कराएं। सचिव और कमिश्नर ने सीडीओ से ग्राम पंचायतों के कामों और डीआईओएस से इंटर कालेजों के कामों की समीक्षा करके तीन दिन में रिपोर्ट देने को कहा है।
महोबा में 14 करोड़ 92 लाख रुपये सांसद निधि से मिले हैं। इसमें 346 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं। 12 करोड़ 49 लाख रुपये खर्च किया जा चुका है। महोबा के पनवाड़ी में नेहरू इंटर कालेज के कामों की तकनीकी जांच करके बकाया पैसा रिलीज करने के निर्देश दिए।
चित्रकूट में सांसद भैरों प्रसाद मिश्र की सांसद निधि से 2 करोड़ 77 लाख और राज्य सभा सदस्य की निधि से 13 लाख 69 हजार रुपये मिले हैं। यहां कुल उपलब्ध राशि 4 करोड़ 96 लाख 46 हजार रुपये बताई गई है। हमीरपुर में सांसद निधि से 86 लाख 75 हजार रुपये मंजूर हुए हैं।
कार्यदाई संस्थाओं को यह पूरा पैसा दे दिया गया। सचिव और कमिश्नर ने अधिकारियों से कहा कि सांसद निधि के कामों में तेजी लाई जाए। गुणवत्ता और मानक से कोई समझौता नहीं किया जाए। बैठक में चारों जनपदों के अधिकारी उपस्थित रहे।