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मां की मानसिक दशा बिगड़ी, भाई भी रो पड़ते

Tue, 24 Nov 2020 11:50 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 24 Nov 2020 11:50 PM IST
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Mother's mental condition deteriorates, brothers also cry
मां रामकिशोरी। बांदा चित्रकूट : बच्चों के यौन उत्पीड़न के मामले में फंसे जेई के परिवार का हाल मां ? - फोटो : BANDA
बांदा। करीब 50 बच्चों के यौन शोषण के मामले में फंसे सिंचाई विभाग के निलंबित जूनियर इंजीनियर रामभवन की करतूत सामने आने से बाद उसका परिवार भी खुद को शर्मिंदा महसूस कर रहा है। गांव में रह रही रामभवन की 80 वर्षीय मां की मानसिक दशा बिगड़ गई है। रामभवन के बारे में पूछने पर उसके भाई भी रो पड़ते हैं। नरैनी स्थित घर पर मौजूद रामभवन का मझला भाई राम प्रकाश जेई के बारे में बात करते ही मुंह मोड़ कर घर के भीतर चला गया। इसके कुछ देर बाद फिर रामभवन की मां और भाइयों ने बात की।
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मां रामकिशोरी ने बताया कि उनके पति राजमिस्त्री थे। उनकी कमाई से तीन बेटों और दो बेटियां का भरण-पोषण मुश्किल था, इसलिए वह बंटाई पर भी खेत लेकर परिवार के लिए रोटी की व्यवस्था करते थे। इसी गरीबी की हालत में रामभवन को पढ़ाया। बाद में उसने बांदा पॉलिटेक्निक से पढ़ाई पूरी की।
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नौकरी मिलने से पहले नरैनी में ही जूनियर से इंटर तक के छात्रों को घर में ही कोचिंग पढ़ाता था। रामभवन को सिंचाई विभाग में नौकरी मिली, लेकिन उससे कोई अपेक्षा नहीं की। मां के मुताबिक, रामभवन ने कभी आर्थिक मदद भी नहीं की। घर में ही सीमेंट की जाली आदि बनाने व बेचने का काम करने वाले रामभवन के मझले भाई राम प्रकाश ने पहले तो बात करने से मना कर दिया।
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बाद में बमुश्किल बात की। कहा कि वह लोग मूलरूप से बांदा के ही खरौंच गांव के रहने वाले है। करीब 50 साल पहले रामभवन के पिता परिवार के साथ नरैनी में आकर बस गए थे। कहा कि रामभवन के व्यवहार से कभी ऐसा नहीं लगा कि वह बच्चों के साथ अश्लील हरकतें कर सकता है, लेकिन अब भाई जेल में है, वह उसकी मदद भी करना चाहते हैं, लेकिन कैसे करें। यह समझ में नहीं आ रहा है। जेई का बड़ा राजा भइया इलेक्ट्रानिक्स गुड्स का काम करता है। उसकी नरैनी में ही दुकान है।

मां के मुताबिक, बेटे की गिरफ्तारी के बाद से बहू (रामभवन की पत्नी) से बात नहीं हो रही है। वह किस हाल में है। मोबाइल बंद होने से पता नहीं चल पा रहा है। वह कर्वी में ही रह रही है। रामभवन आखिरी बार दशहरा पर घर आया था। एक घंटे रुकने के बाद वह वापस कर्वी चला गया था।
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