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कन्या सुमंगला योजना के डेढ़ हजार से अधिक आवेदन लंबित
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बांदा। बालिकाओं के शैक्षिक स्तर को सुधारने के लिए प्रदेश सरकार के बाल विकास विभाग से संचालित मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना जिले में परवान नहीं चढ़ पा रही है। योजना के तहत बालिकाओं को छह श्रेणियों में 15 हजार की आर्थिक मदद दी जाती है।
यहां अधिकारियों की लापरवाही से बालिकाओं को योजना का लाभ नहीं मिला पा रहा है। तहसील, ब्लाक, डीआईओएस, बीएसए और खंड शिक्षाधिकारी स्तर पर दो साल से डेढ़ हजार से अधिक आवेदन सत्यापन के लिए लंबित है। पिछले दिनों डीएम आनंद कुमार ने भी आवेदनों के सत्यापन की गति धीमी होने पर कड़ी नाराजगी जाहिर की थी और जिला प्रोवेशन अधिकारी से जवाब तलब किया था।
सुमंगला योजना के विभागवार लंबित आवेदन
विभाग 2019 2020
डीआईओएस 20 133
बीएसए 20 113
बीईयू 29 286
ब्लाक 182 635
तहसील 50 239
योग 291 1406
ब्लाक व तहसील स्तर पर लंबित आवेदन
ब्लाक नरैनी में वर्ष 2019-20 में 81, महुआ में 25, बिसंडा में 03, बबेरू में 15, कमासिन में 33, जसपुरा में 05, वर्ष 2020-21 में नरैनी में 88, तिंदवारी में 78,बडोखर खुर्द में 188, महुआ में 80, बिसंडा में 68, बबेरू में 42, कमासिन में 35 व जसपुरा में 45 आवेदन सत्यापन के लिए लंबित है।
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सदर तहसील में वर्ष 2010-20 में 17, नरैनी में 01, अतर्रा में 11, पैलानी में 01, वर्ष 2020-21 में सदर तहसील में 161, नरैनी में 08, अतर्रा में 24, बबेरू में 25 आवेदन सत्यापन को लंबित है। डीआईओएस कार्यालय स्तर पर वर्ष
छह किस्तों में दी जाती है आर्थिक सहायता
प्रथम श्रेणी में ऐसी नवजात बालिकाएं, जिनका जन्म 1 अप्रैल 2010 या उसके बाद हुआ है उन्हें दो हजार, द्वितीय श्रेणी में ऐसी बालिकाएं जिनका एक वर्ष के भीतर संपूर्ण टीकाकरण हो चुका है उन्हें एक हजार, तृतीय श्रेणी में वह बालिकाएं जिनका चालू शैक्षणिक सत्र के दौरान प्रथम कक्षा में प्रवेश हुआ हो उन्हें दो हजार, चतुर्थ श्रेणी में चालू शिक्षा सत्र में छठी कक्षा में प्रवेश लिया हो उन्हें 2 हजार, पंचम श्रेणी वह बालिकाएं चालू शिक्षा सत्र में नवी कक्षा में प्रवेश लिया हो उसे 3 हजार, षष्ठम श्रेणी में वह बालिकाएं जिन्होंने 12 वी कक्षा उत्तीर्ण कर स्नातक कक्षा में प्रवेश लिया हो उन्हें पांच हजार दिए जाते हैं।
योजना का उद्देश्य
प्रदेश सरकार के बाल विकास मंत्रालय ने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना पहली अप्रैल 2029 को शुरू की थी। योजना का उद्देश्य बालिकाओं को उच्च शिक्षा व रोजगार के अवसर प्रदान करना था। ताकि बालिकाओं को सामाजिक सुरक्षा मिल सके।
एसडीएम और खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देश दिए गए कि मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के लंबित आवेदनों को 30 नवंबर तक सत्यापित कर पोर्टल पर अग्रसारित किया जाए, ताकि बालिकाओं का योजना का लाभ दिलाया जा सके। -सुधीर कुमार सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी/एसडीएम।
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यहां अधिकारियों की लापरवाही से बालिकाओं को योजना का लाभ नहीं मिला पा रहा है। तहसील, ब्लाक, डीआईओएस, बीएसए और खंड शिक्षाधिकारी स्तर पर दो साल से डेढ़ हजार से अधिक आवेदन सत्यापन के लिए लंबित है। पिछले दिनों डीएम आनंद कुमार ने भी आवेदनों के सत्यापन की गति धीमी होने पर कड़ी नाराजगी जाहिर की थी और जिला प्रोवेशन अधिकारी से जवाब तलब किया था।
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सुमंगला योजना के विभागवार लंबित आवेदन
विभाग 2019 2020
डीआईओएस 20 133
बीएसए 20 113
बीईयू 29 286
ब्लाक 182 635
तहसील 50 239
योग 291 1406
ब्लाक व तहसील स्तर पर लंबित आवेदन
ब्लाक नरैनी में वर्ष 2019-20 में 81, महुआ में 25, बिसंडा में 03, बबेरू में 15, कमासिन में 33, जसपुरा में 05, वर्ष 2020-21 में नरैनी में 88, तिंदवारी में 78,बडोखर खुर्द में 188, महुआ में 80, बिसंडा में 68, बबेरू में 42, कमासिन में 35 व जसपुरा में 45 आवेदन सत्यापन के लिए लंबित है।
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सदर तहसील में वर्ष 2010-20 में 17, नरैनी में 01, अतर्रा में 11, पैलानी में 01, वर्ष 2020-21 में सदर तहसील में 161, नरैनी में 08, अतर्रा में 24, बबेरू में 25 आवेदन सत्यापन को लंबित है। डीआईओएस कार्यालय स्तर पर वर्ष
छह किस्तों में दी जाती है आर्थिक सहायता
प्रथम श्रेणी में ऐसी नवजात बालिकाएं, जिनका जन्म 1 अप्रैल 2010 या उसके बाद हुआ है उन्हें दो हजार, द्वितीय श्रेणी में ऐसी बालिकाएं जिनका एक वर्ष के भीतर संपूर्ण टीकाकरण हो चुका है उन्हें एक हजार, तृतीय श्रेणी में वह बालिकाएं जिनका चालू शैक्षणिक सत्र के दौरान प्रथम कक्षा में प्रवेश हुआ हो उन्हें दो हजार, चतुर्थ श्रेणी में चालू शिक्षा सत्र में छठी कक्षा में प्रवेश लिया हो उन्हें 2 हजार, पंचम श्रेणी वह बालिकाएं चालू शिक्षा सत्र में नवी कक्षा में प्रवेश लिया हो उसे 3 हजार, षष्ठम श्रेणी में वह बालिकाएं जिन्होंने 12 वी कक्षा उत्तीर्ण कर स्नातक कक्षा में प्रवेश लिया हो उन्हें पांच हजार दिए जाते हैं।
योजना का उद्देश्य
प्रदेश सरकार के बाल विकास मंत्रालय ने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना पहली अप्रैल 2029 को शुरू की थी। योजना का उद्देश्य बालिकाओं को उच्च शिक्षा व रोजगार के अवसर प्रदान करना था। ताकि बालिकाओं को सामाजिक सुरक्षा मिल सके।
एसडीएम और खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देश दिए गए कि मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के लंबित आवेदनों को 30 नवंबर तक सत्यापित कर पोर्टल पर अग्रसारित किया जाए, ताकि बालिकाओं का योजना का लाभ दिलाया जा सके। -सुधीर कुमार सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी/एसडीएम।