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मजदूरों की बजाए ट्रैक्टरों से कराया जा रहा समतलीकरण
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नरैनी। मनरेगा के तहत खेतों का समतलीकरण मजदूरों के बजाय ट्रैक्टरों से कराने पर ग्रामीणों ने डीएम से शिकायत की है। ब्लॉक क्षेत्र के संग्रामपुर गांव में रमेश के खेत में एक लाख 69 हजार रुपये से समतलीकरण का इस्टीमेट बनाया गया था।
ग्राम प्रधान और सचिव ने मिलकर 5 जून को सूपादार दो ट्रैक्टर लगाकर समतलीकरण शुरू करा दिया। यह देख गांव के बाबूलाल, सरवन, कौशल किशोर, बुद्धविलास आदि ने डीएम, सीडीओ, डीसी मनरेगा, खंड विकास अधिकारी से फोन कर शिकायत की। ग्रामीणों ने बताया कि समतलीकरण के काम में मजदूरों को नहीं लगाया गया है। इस काम के फर्जी मस्टररोल भरकर ऑनलाइन कर दिए गए थे। जबकि यहां किसी मजदूर से काम नहीं लिया जा रहा।
खंड विकास अधिकारी/एई लघु सिंचाई प्रमोद कुमार मिश्रा ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है। काम और भुगतान रुकवा दिया है। मामले की जांच की जा रही है। दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। बताया कि 22 मई तक मस्टर रोल भरकर मनरेगा मजदूरों का 34 हजार रुपये लगभग ऑनलाइन मजदूरी भरी गई थी। इसकी भी जांच की जाएगी।
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ग्राम प्रधान और सचिव ने मिलकर 5 जून को सूपादार दो ट्रैक्टर लगाकर समतलीकरण शुरू करा दिया। यह देख गांव के बाबूलाल, सरवन, कौशल किशोर, बुद्धविलास आदि ने डीएम, सीडीओ, डीसी मनरेगा, खंड विकास अधिकारी से फोन कर शिकायत की। ग्रामीणों ने बताया कि समतलीकरण के काम में मजदूरों को नहीं लगाया गया है। इस काम के फर्जी मस्टररोल भरकर ऑनलाइन कर दिए गए थे। जबकि यहां किसी मजदूर से काम नहीं लिया जा रहा।
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खंड विकास अधिकारी/एई लघु सिंचाई प्रमोद कुमार मिश्रा ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है। काम और भुगतान रुकवा दिया है। मामले की जांच की जा रही है। दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। बताया कि 22 मई तक मस्टर रोल भरकर मनरेगा मजदूरों का 34 हजार रुपये लगभग ऑनलाइन मजदूरी भरी गई थी। इसकी भी जांच की जाएगी।
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