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विधायक का सियासी कुनबा और बढ़ा
विधायक का सियासी कुनबा और बढ़ा
Updated Tue, 09 Feb 2016 11:07 PM IST
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विधायक विशंभर यादव के सियासी कुनबे में एक और सदस्य शामिल हो गया। रविवार को हुए ब्लाक प्रमुख चुनाव में उनकी पुत्रवधू अंकिता यादव तिंदवारी ब्लाक की प्रमुख चुनी गईं। अब विधायक के सियासी कुनबे के सदस्यों की संख्या बढ़कर सात हो गई है।
बुंदेलखंड की राजनीति में अच्छा खासा प्रभाव रखने वाले सपा विधायक विशंभर सिंह यादव पार्टी सुप्रीमो मुलायम के नक्शे कदम पर चल रहे हैं। ये बांदा जनपद के इकलौते सपा विधायक हैं। तेज-तर्रार माने जाने वाले विशंभर सिंह यादव ने कानपुर विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति से अपनी सियासी पारी की शुरुआत की थी।
वे लगातार दूसरी बार बबेरू विधानसभा क्षेत्र से सपा विधायक हैं। इनका लगभग पूरा घराना राजनीतिक पदों पर है। घर के सात सदस्य विभिन्न पदों पर हैं। विधायक विशंभर सिंह यादव उत्तर प्रदेश विधानसभा में विधायन समिति के सभापति भी हैं। इस कारण उन्हें लालबत्ती मिली है। उनके दूसरे नंबर के बेटे गौरव यादव जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन हैं। इस नाते उन्हें भी लालबत्ती हासिल है।
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सबसे बड़े बेटे विवेक सिंह यादव तिंदवारी के निवर्तमान ब्लाक प्रमुख हैं। विधायक की पत्नी रमा यादव जिला पंचायत सदस्य (डीडीसी) हैं। विधायक की पुत्रवधू पूनम यादव पिछले बोर्ड में जिला पंचायत सदस्य थीं। विधायक के सियासी कुनबे में रविवार को एक और सदस्य शामिल हो गया। विधायक की पुत्रवधू अंकिता यादव तिंदवारी से ब्लाक प्रमुख चुनी गईं हैं। वे अपने जेठ विवेक सिंह यादव का स्थान लेंगी। विधायक के भतीजे ज्ञान सिंह यादव तिंदवारी क्षेत्र के ही जसईपुर गांव के प्रधान हैं।
एक ही कुनबे के कई सदस्यों को पद के सवाल पर विधायक विशंभर सिंह यादव का कहना है कि उनका पूरा परिवार जनसेवा में जुड़ा और समर्पित रहा है। जितने भी पद मिले हैं, चुनाव से मिले हैं। पूरा परिवार टीम भावना से जनसेवा कर समाजवादी पार्टी की शोहरत बढ़ा रहा है। विधायक ने कहा कि अगर पार्टी उन्हें जिला पंचायत अध्यक्ष में प्रत्याशी बनाती तो यह पद भी जीत कर दिखाते।
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बुंदेलखंड की राजनीति में अच्छा खासा प्रभाव रखने वाले सपा विधायक विशंभर सिंह यादव पार्टी सुप्रीमो मुलायम के नक्शे कदम पर चल रहे हैं। ये बांदा जनपद के इकलौते सपा विधायक हैं। तेज-तर्रार माने जाने वाले विशंभर सिंह यादव ने कानपुर विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति से अपनी सियासी पारी की शुरुआत की थी।
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वे लगातार दूसरी बार बबेरू विधानसभा क्षेत्र से सपा विधायक हैं। इनका लगभग पूरा घराना राजनीतिक पदों पर है। घर के सात सदस्य विभिन्न पदों पर हैं। विधायक विशंभर सिंह यादव उत्तर प्रदेश विधानसभा में विधायन समिति के सभापति भी हैं। इस कारण उन्हें लालबत्ती मिली है। उनके दूसरे नंबर के बेटे गौरव यादव जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन हैं। इस नाते उन्हें भी लालबत्ती हासिल है।
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सबसे बड़े बेटे विवेक सिंह यादव तिंदवारी के निवर्तमान ब्लाक प्रमुख हैं। विधायक की पत्नी रमा यादव जिला पंचायत सदस्य (डीडीसी) हैं। विधायक की पुत्रवधू पूनम यादव पिछले बोर्ड में जिला पंचायत सदस्य थीं। विधायक के सियासी कुनबे में रविवार को एक और सदस्य शामिल हो गया। विधायक की पुत्रवधू अंकिता यादव तिंदवारी से ब्लाक प्रमुख चुनी गईं हैं। वे अपने जेठ विवेक सिंह यादव का स्थान लेंगी। विधायक के भतीजे ज्ञान सिंह यादव तिंदवारी क्षेत्र के ही जसईपुर गांव के प्रधान हैं।
एक ही कुनबे के कई सदस्यों को पद के सवाल पर विधायक विशंभर सिंह यादव का कहना है कि उनका पूरा परिवार जनसेवा में जुड़ा और समर्पित रहा है। जितने भी पद मिले हैं, चुनाव से मिले हैं। पूरा परिवार टीम भावना से जनसेवा कर समाजवादी पार्टी की शोहरत बढ़ा रहा है। विधायक ने कहा कि अगर पार्टी उन्हें जिला पंचायत अध्यक्ष में प्रत्याशी बनाती तो यह पद भी जीत कर दिखाते।