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बांदा: खदानें खोखली करके रॉयल्टी जमा करने से मोड़ रहे मुंह
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बांदा। पांच साल का पट्टा लेकर साल दो साल में ही खदानों को बालू से खाली कर देने वाली कंपनियां अब खोखली खदानों में शायद पैसा फंसाने के मूड में नहीं है। इसीलिए पहली अक्तूबर से वर्षाकालीन प्रतिबंध खत्म हो जाने के एक माह बाद भी खनिज विभाग में पट्टा कंपनियां/ठेकेदार पैसा नहीं जमा कर रहे। खनिज विभाग ने 13 खदान संचालक कंपनियों को नोटिस जारी की है। दो खदानों को ब्लैक लिस्ट और एक को निरस्त एक माह पहले ही किया जा चुका है।
ई-टेंडर से खदानों के पट्टे बड़ी-बड़ी कंपनियों ने हथिया रखे हैं। अधिकांश खदानों में पट्टे में निर्धारित मात्रा से कहीं ज्यादा बालू साल-दो-साल में ही निकाली जा चुकी है। गैर कानूनी ढंग से नदी की जलधारा और पट्टा क्षेत्र के बाहर भी खनन हुआ है और हो रहा है।
एनजीटी की शर्त के मुताबिक पहली जुलाई से 30 सितंबर तक खनन बंद रहा। पहली अक्तूबर से यह प्रतिबंध खत्म हो चुका है। लेकिन जिले की लगभग सभी खदानों में खनन वैध रूप से शुरू नहीं हुआ।
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पट्टाधारक कंपनियों ने खनिज विभाग में एडवांस रॉयल्टी नहीं जमा की। जनपद में इस समय 23 खदानों के पट्टे हैं। माना जा रहा है कि पट्टाधारकों की इस बेरुखी की वजह खदानों में बालू खत्म हो जाना है। ज्यादातर पट्टाधारक/कंपनियां अपनी पूंजी निकाल चुकी हैं।
खनिज अधिकारी सुभाष सिंह ने बताया कि 13 खदान संचालकों को तीन दिन पूर्व नोटिस जारी की गई है। इन्हें शीघ्र रॉयल्टी जमा करने को कहा गया है। वरना इनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। इनमें के एंड माइंस और थिंक होम कंपनियां आदि शामिल हैं।
मौजूदा में सिर्फ 8 खदानें ही चल रही हैं। इनमें 6-6 माह की पट्टे वाली भी हैं। बताया कि लहुरेटा और खप्टिहा कलां की खदानों को करीब एक माह पहले ही ब्लैक लिस्ट करके उनकी जमा 25 फीसदी राशि जब्त कर ली गई है। यह कार्रवाई जिलाधिकारी के आदेशों पर हुई है।
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ई-टेंडर से खदानों के पट्टे बड़ी-बड़ी कंपनियों ने हथिया रखे हैं। अधिकांश खदानों में पट्टे में निर्धारित मात्रा से कहीं ज्यादा बालू साल-दो-साल में ही निकाली जा चुकी है। गैर कानूनी ढंग से नदी की जलधारा और पट्टा क्षेत्र के बाहर भी खनन हुआ है और हो रहा है।
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एनजीटी की शर्त के मुताबिक पहली जुलाई से 30 सितंबर तक खनन बंद रहा। पहली अक्तूबर से यह प्रतिबंध खत्म हो चुका है। लेकिन जिले की लगभग सभी खदानों में खनन वैध रूप से शुरू नहीं हुआ।
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पट्टाधारक कंपनियों ने खनिज विभाग में एडवांस रॉयल्टी नहीं जमा की। जनपद में इस समय 23 खदानों के पट्टे हैं। माना जा रहा है कि पट्टाधारकों की इस बेरुखी की वजह खदानों में बालू खत्म हो जाना है। ज्यादातर पट्टाधारक/कंपनियां अपनी पूंजी निकाल चुकी हैं।
खनिज अधिकारी सुभाष सिंह ने बताया कि 13 खदान संचालकों को तीन दिन पूर्व नोटिस जारी की गई है। इन्हें शीघ्र रॉयल्टी जमा करने को कहा गया है। वरना इनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। इनमें के एंड माइंस और थिंक होम कंपनियां आदि शामिल हैं।
मौजूदा में सिर्फ 8 खदानें ही चल रही हैं। इनमें 6-6 माह की पट्टे वाली भी हैं। बताया कि लहुरेटा और खप्टिहा कलां की खदानों को करीब एक माह पहले ही ब्लैक लिस्ट करके उनकी जमा 25 फीसदी राशि जब्त कर ली गई है। यह कार्रवाई जिलाधिकारी के आदेशों पर हुई है।