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स्कूल व कोचिगों पर छात्रों के जीवन से खिलवाड़

Fri, 13 Dec 2019 12:21 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 13 Dec 2019 12:21 AM IST
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Messing with the lives of students at schools and colleges
Messing with the lives of students at schools and colleges - फोटो : BANDA
बांदा। स्कूल और कोचिंगों में छात्र-छात्राओं के जीवन के साथ खिलवाड़ हो रहा है। कालेजों और कोचिंग सेंटरों में आग से बचाव के पर्याप्त उपाय नहीं किए गए। विद्यालयों में एक या दो अग्निशमन उपकरण है। ज्यादातर एक्सपायर हो चुके हैं। बालू तथा पानी की बाल्टियां भी नहीं है। शिक्षकों को इनके इस्तेमाल का तरीका भी नहीं पता है।
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सूरत और दिल्ली के भीषण अग्निकांडों से भी स्कूलों ने सबक नहीं लिया। जिले डेढ़ सौ हाईस्कूल और इंटर कालेज व सौ से अधिक कोचिंग सेंटर हैं। इनमें आग से बचाव के पर्याप्त उपाय नहीं किए गए हैं। नाम के लिए एक या दो अग्निशमन उपकरण रखे गए है। कई जगह उपकरण कबाड़ हो चुके है। एक्सपायर अग्निशमन यंत्रों की रिफलिंग भी नहीं कराई गई। इन्हें निकालकर कबाड़ में रख दिया गया है।
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लाल रंग की बाल्टियों में न बालू है न पानी। जो सिलिंडर सही हैं उनके इस्तेमाल का तरीका सिर्फ शिक्षक और स्टाफ को सिखाया गया। बच्चे बचाव के उपायों से अनभिज्ञ हैं। यह तो ऊपर वाले का रहमोकरम है कि स्कूलों में आग की घटनाएं नहीं हो रहीं, वरना अग्निशमन उपकरण व्यवस्था की पोल खुल जाए। शहर के डीएवी इंटर कालेज की पड़ताल की तो वहां डेढ़ हजार छात्र संख्या व बीस कक्षों के बीच महज चार ही सिलिंडर थे। दो गेट में टंगे थे। एक्सपायर सिलिंडर कबाड़ में ताले के अंदर बंद थे।
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हालांकि प्रधानाचार्य ने सात सिलिंडर होने की बात कही है। राजकीय बालिका इंटर कालेज में 2664 छात्राओं व 30 कक्षों में महज तीन सिलिंडर हैं। प्रधानाचार्य बीना गुप्ता ने कहा विद्यालय खुले में है। अग्निकांड न होने की गारंटी दी और कहा कि यदि हुआ भी तो कोई नुकसान नहीं होगा। राजकीय इंटर कालेज में मौके पर एक भी सिलिंडर नहीं मिला। प्रधानाचार्य छुट्टी पर थे। कर्मचारियों ने तीन सिलिंडर होने की बात कही। विद्यालयों में सीज फायर सिलिंडर रखवाने में विभाग भी सुध नहीं ले रहा है। खुद को बचाने के लिए महज स्कूलों को नोटिस जारी कर पल्ला झाड़ लेता है।
आग के बचाव के दिए जाते हैं निर्देश
डीआईओएस विनोद कुमार का कहना है कि स्कूलों को अक्सर आग से बचाव के उपाय करने के आदेश दिए जाते है। अग्निशमन विभाग जब भी किसी स्कूल के संबंध में कोई दिशा-निर्देश देता है तो अनुपालन कराया जाता है। पिछले माह कई अग्निशमन अधिकारी की निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर प्राइवेट स्कूलों में अग्निशमन यंत्र लगवाएं गए थे।

सौ स्कूलों को दिया है नोटिस
मुख्य अग्निशमन अधिकारी अनूप सिंह ने बताया स्कूलों में मानक के अनुरूप आग से बचाव के उपाय न करने वाले सौ स्कूलों को नोटिस जारी किया गया है। समय-समय पर स्कूलों का निरीक्षण किया जाता है। जो कमियां पाई जाती हैं, उसके अनुपालन के लिए डीआईओएस और स्कूल प्रबंधक को आदेश दिए जाते हैं।
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