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कोरोना मरीजों के गले नहीं उतर रहा मेडिकल कालेज का खाना
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मेडिकल कालेज में भर्ती कोरोना मरीजों को दिया जा रहा गुणवत्ताविहीन खाना।
- फोटो : BANDA
बांदा। राजकीय मेडिकल कालेज के आइसोलेशन वार्ड में चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों के भर्ती कोरोना संक्रमित मरीजों की सेहत और जीवन से खिलवाड़ हो रहा है। एक ओर डाक्टर जहां संक्रमितों को पौष्टिक और अच्छा खाना देने पर जोर दे रहे हैं तो दूसरी तरफ मेडिकल कालेज में भोजन के नाम पर पानी जैसी दाल-सब्जी और चंद रोटी मिल रही है। आपदा को कमाई के अवसर में बदले जाने पर मरीजों और उनके परिजनों में रोष है। मंडलायुक्त गौरव दयाल ने इसका संज्ञान लेकर इसमें सुधार लाने के निर्देश दिए हैं।
मेडिकल कालेज चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों का इकलौता कोविड-19 अस्पताल है। मंडल के सभी संक्रमित मरीज यहीं भर्ती किए जा रहे हैं। मरीजों को अपने घर से कुछ भी खाद्य या अन्य सामग्री मंगाने की इजाजत है। परिजन उनके पास तो दूर मेडिकल कालेज परिसर में भी फटक नहीं पाते हैं। मौजूदा समय में भी मेडिकल कालेज आइसोलेशन वार्ड में लगभग 200 मरीज भर्ती हैं।
इन मरीजों को बेहद घटिया खाना दिया जा रहा है। भोजन के नाम पर थर्माकाल की थाली में पतली दाल और ऐसी ही आलू की पानीदार सब्जी और 2 या 3 रोटी दी जा रही है। यह बेजायका और घटिया खाना ज्यादातर मरीजों के गले नहीं उतर रहा। ऐसे में मरीजों की सेहत और गिरती जा रही है। रविवार की शाम आइसोलेशन वार्ड में परोसे जाने वाले खाने की थाली सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। घटिया खाना के अलावा यह थाली भी थर्माकोल की है, जिसे सरकार ने प्रतिबंधित कर रखा है।
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इस बारे में मंडलायुक्त गौरव दयाल ने बताया कि उनके संज्ञान में यह प्रकरण आया है। उन्होंने मरीजों को अच्छा और पौष्टिक तथा मानक के मुताबिक खाना देने के सख्त निर्देश मेडिकल कालेज प्रिंसिपल को दिए हैं। सुधार न होने पर कार्रवाई की जाएगी।
उधर, मेडिकल कालेज प्रधानाचार्य डॉ. मुकेश यादव ने बताया कि खाना ठेके पर आपूर्ति किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रति मरीज को रोजाना दोनों टाइम भोजन/नाश्ता के लिए मात्र 46 रुपये स्वीकृत हैं। प्रिसिंपल ने बताया कि एनएचएम से प्रति मरीज 100 रुपये प्रतिदिन भोजन के लिए मिलेंगे। इसका टेंडर प्रक्रिया चल रही है।
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मेडिकल कालेज चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों का इकलौता कोविड-19 अस्पताल है। मंडल के सभी संक्रमित मरीज यहीं भर्ती किए जा रहे हैं। मरीजों को अपने घर से कुछ भी खाद्य या अन्य सामग्री मंगाने की इजाजत है। परिजन उनके पास तो दूर मेडिकल कालेज परिसर में भी फटक नहीं पाते हैं। मौजूदा समय में भी मेडिकल कालेज आइसोलेशन वार्ड में लगभग 200 मरीज भर्ती हैं।
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इन मरीजों को बेहद घटिया खाना दिया जा रहा है। भोजन के नाम पर थर्माकाल की थाली में पतली दाल और ऐसी ही आलू की पानीदार सब्जी और 2 या 3 रोटी दी जा रही है। यह बेजायका और घटिया खाना ज्यादातर मरीजों के गले नहीं उतर रहा। ऐसे में मरीजों की सेहत और गिरती जा रही है। रविवार की शाम आइसोलेशन वार्ड में परोसे जाने वाले खाने की थाली सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। घटिया खाना के अलावा यह थाली भी थर्माकोल की है, जिसे सरकार ने प्रतिबंधित कर रखा है।
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इस बारे में मंडलायुक्त गौरव दयाल ने बताया कि उनके संज्ञान में यह प्रकरण आया है। उन्होंने मरीजों को अच्छा और पौष्टिक तथा मानक के मुताबिक खाना देने के सख्त निर्देश मेडिकल कालेज प्रिंसिपल को दिए हैं। सुधार न होने पर कार्रवाई की जाएगी।
उधर, मेडिकल कालेज प्रधानाचार्य डॉ. मुकेश यादव ने बताया कि खाना ठेके पर आपूर्ति किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रति मरीज को रोजाना दोनों टाइम भोजन/नाश्ता के लिए मात्र 46 रुपये स्वीकृत हैं। प्रिसिंपल ने बताया कि एनएचएम से प्रति मरीज 100 रुपये प्रतिदिन भोजन के लिए मिलेंगे। इसका टेंडर प्रक्रिया चल रही है।