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मेडिकल कालेज के आउटसोर्सिंग कर्मियों की हड़ताल
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बांदा के मेडिकल कालेज में हड़ताल पर आउट सोर्सिंग कर्मी।
- फोटो : BANDA
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बांदा। कम वेतन और उसमें भी कटौती के विरोध में कई महीनों से चरणबद्ध आंदोलन पर आमादा राजकीय मेडिकल कालेज के आउट सोर्सिंगकर्मी कोरोना के मचे कोहराम के बीच वित्तीय वर्ष के पहले ही दिन हड़ताल पर चले गए। इनकी ड्यूटी कोरोना संभावित मरीजों के लिए बनाए गए आइसोलेशन वार्ड में लगाई गई है। हड़ताल से इस वार्ड सहित अन्य वार्डों के सभी मरीजों की चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हुई हैं। मेडिकल कालेज प्रधानाचार्य ने आंदोलनकारी कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा है।
राजकीय मेडिकल कालेज में लगभग डेढ़ सौ आउटसोर्सिंग कर्मी हैं। ये कई महीनों से अपने वेतन में कमी और कटौती का विरोध कर रहे हैं। पिछले माह इन्हीं कर्मियों की पैरवी में सांसद आरके सिंह पटेल और विधायक प्रकाश द्विवेदी की प्रधानाचार्य डॉ. मुकेश कुमार यादव से नोकझोंक भी हुई थी।
इधर, मेडिकल कालेज में कोरोना महामारी के मद्देनजर आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। संभावित मरीजों को यहीं भेजा जा रहा है। इसी बीच बुधवार (पहली अप्रैल) को आउटसोर्सिंग कर्मी फिर हड़ताल पर चले गए। इस बार उनकी पुरानी वेतन संबंधी मांगों के साथ यह मुद्दा भी शामिल है कि कालेज प्रशासन ने कोरोना आइसोलेशन जैसे संवेदनशील वार्ड में स्थायी कर्मचारियों को बचाकर आउटसोर्सिंग कर्मियों की ड्यूटी लगा दी है।
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हड़ताली महिला-पुरुष कर्मी वार्डों में नहीं गए। मेडिकल कालेज में ही एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन करते रहे। प्रधानाचार्य को सामूहिक हस्ताक्षरों से दिए ज्ञापन में वेतन और ड्यूटी संबंधी शिकायतें कीं। हड़ताली कर्मियों ने बताया कि फिलहाल प्रशासन या मेडिकल कालेज प्रधानाचार्य से उनकी कोई संतोषजनक बात नहीं हुई है।
गुरुवार को बातचीत में मांगें पूरी होने के बाद ही काम पर लौटेंगे। हड़ताली आउटसोर्सिंग कर्मियों में रिंकी गुप्ता, प्रीति द्विवेदी, पूनम देवी, वर्षा सिंह, अनीता, रिषी, विमला, मालती, रुद्रराम, लक्ष्मी, आशा, अंजू लता, कंचन, शीला, किरन पाल, कुसुमलता, हिना खान, प्रियंका, दिव्या पटेल, अभय सिंह, अमिता वर्मा, राम प्रकाश, आसिफ अंसारी, गौरव द्विवेदी, पंकज, राम बिहारी, कमल पांडेय, गौरव सिंह, सुषमा साहू आदि शामिल हैं।
उधर, प्रधानाचार्य डॉ. मुकेश यादव ने बताया कि कोरोना जैसे हालात में हड़ताल सरासर अनुचित है। यह दबाव बनाने की कोशिश है। उन्होंने डीएम और उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर ऐसे कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही आउटसोर्सिंग कर्मियों की सेवादाता कंपनी के विरुद्ध भी एफआईआर दर्ज कराने का अनुरोध किया है। प्रधानाचार्य ने यह भी बताया कि आइसोलेशन सहित सभी वार्डों में स्थायी कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। हड़ताल से कोई कार्य बाधित नहीं हुआ।
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राजकीय मेडिकल कालेज में लगभग डेढ़ सौ आउटसोर्सिंग कर्मी हैं। ये कई महीनों से अपने वेतन में कमी और कटौती का विरोध कर रहे हैं। पिछले माह इन्हीं कर्मियों की पैरवी में सांसद आरके सिंह पटेल और विधायक प्रकाश द्विवेदी की प्रधानाचार्य डॉ. मुकेश कुमार यादव से नोकझोंक भी हुई थी।
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इधर, मेडिकल कालेज में कोरोना महामारी के मद्देनजर आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। संभावित मरीजों को यहीं भेजा जा रहा है। इसी बीच बुधवार (पहली अप्रैल) को आउटसोर्सिंग कर्मी फिर हड़ताल पर चले गए। इस बार उनकी पुरानी वेतन संबंधी मांगों के साथ यह मुद्दा भी शामिल है कि कालेज प्रशासन ने कोरोना आइसोलेशन जैसे संवेदनशील वार्ड में स्थायी कर्मचारियों को बचाकर आउटसोर्सिंग कर्मियों की ड्यूटी लगा दी है।
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हड़ताली महिला-पुरुष कर्मी वार्डों में नहीं गए। मेडिकल कालेज में ही एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन करते रहे। प्रधानाचार्य को सामूहिक हस्ताक्षरों से दिए ज्ञापन में वेतन और ड्यूटी संबंधी शिकायतें कीं। हड़ताली कर्मियों ने बताया कि फिलहाल प्रशासन या मेडिकल कालेज प्रधानाचार्य से उनकी कोई संतोषजनक बात नहीं हुई है।
गुरुवार को बातचीत में मांगें पूरी होने के बाद ही काम पर लौटेंगे। हड़ताली आउटसोर्सिंग कर्मियों में रिंकी गुप्ता, प्रीति द्विवेदी, पूनम देवी, वर्षा सिंह, अनीता, रिषी, विमला, मालती, रुद्रराम, लक्ष्मी, आशा, अंजू लता, कंचन, शीला, किरन पाल, कुसुमलता, हिना खान, प्रियंका, दिव्या पटेल, अभय सिंह, अमिता वर्मा, राम प्रकाश, आसिफ अंसारी, गौरव द्विवेदी, पंकज, राम बिहारी, कमल पांडेय, गौरव सिंह, सुषमा साहू आदि शामिल हैं।
उधर, प्रधानाचार्य डॉ. मुकेश यादव ने बताया कि कोरोना जैसे हालात में हड़ताल सरासर अनुचित है। यह दबाव बनाने की कोशिश है। उन्होंने डीएम और उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर ऐसे कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही आउटसोर्सिंग कर्मियों की सेवादाता कंपनी के विरुद्ध भी एफआईआर दर्ज कराने का अनुरोध किया है। प्रधानाचार्य ने यह भी बताया कि आइसोलेशन सहित सभी वार्डों में स्थायी कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। हड़ताल से कोई कार्य बाधित नहीं हुआ।