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बिना एंटी वायरस दवाओं के मेडिकल कालेज में हो रहा इलाज
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ेडिकल कालेज की बंद ओपीडी में छाया सन्नाटा।
- फोटो : BANDA
बांदा। कोरोना के संदिग्ध और संक्रमित व्यक्तियों की जांच और भर्ती के लिए चित्रकूटधाम मंडल के इकलौते राजकीय मेडिकल कालेज में दवाओं का जबरदस्त टोटा है। यहां बनाए गए क्वारंटीन और आइसोलेशन वार्डों में भर्ती होने वालों की संख्या 50 से ज्यादा पहुंच गई है। इनमें लगातार इजाफा हो रहा है। इसके बाद भी जीवनरक्षक और कोरोना वायरस से संबंधित दवाएं नहीं हैं। मेडिकल कालेज में उपलब्ध एक मात्र हाइड्रोक्लोरोक्वीन दवा से ही मरीजों के इलाज की जद्दोजेहद चल रही है।
चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों में मात्र राजकीय मेडिकल कालेज, बांदा में ही आइसोलेशन और क्वारंटीन वार्ड बनाए गए हैं। अब तक बांदा में कोरोना के दो पॉजिटिव मरीज पाए जा चुके हैं। दोनों आइसोलेशन वार्ड में भर्ती हैं। इनके अलावा 54 लोगों क्वारंटीन वार्डों में रखा गया है। दूसरी तरफ मेडिकल कालेज की हालत यह है कि यहां एंटी वायरस दवाएं ही नहीं हैं। सिर्फ कुछ मात्रा में हाइड्रोक्लोरोक्वीन टेबलेट उपलब्ध हैं।
डाक्टर इसी गोली से काम चला रहे हैं। प्रधानाचार्य डॉ. मुकेश कुमार यादव का कहना है कि मात्र 1200 हाइड्रोक्लोरोक्वीन टेबलेट उपलब्ध हैं। कोरोना इलाज में इस्तेमाल होने वाली महत्वपूर्ण एंटी वायरस दवाएं स्टोर में नहीं हैं। उन्होंने बताया कि इस बारे में मुख्य चिकित्सा अधिकारी सहित विभागीय उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। उम्मीद जताई कि उत्तर प्रदेश मेडिकल कार्पोरेशन द्वारा शीघ्र इन दवाओं की आपूर्ति की जाएगी। उधर, पीजीआई, लखनऊ ने मेडिकल कालेज को जांच किट और स्वॉब स्टिक उपलब्ध करा दी हैं। प्रधानाचार्य ने बताया कि उनके अनुरोध पर किट भेजी गई है।
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मेडिकल कालेज के चिकित्सक भी होंगे क्वारंटीन
बांदा। कोरोना योद्धाओं पर भी संक्रमण का खतरा मंडरा रहा है। आइसोलेशन और क्वारंटीन वार्डों में भर्ती लोगों का इलाज करने वाले चिकित्सक और अन्य स्वास्थ्य कर्मी 14 दिन के लिए क्वारंटीन होंगे। प्रधानाचार्य ने बताया कि उन्होंने 3-3 सदस्यीय चार टीमें गठित की हैं। एक सप्ताह इलाज करने वाले चिकित्सक, नर्स और फार्मासिस्ट को 14 दिन (2 सप्ताह) के लिए मेडिकल कालेज में ही क्वारंटीन किया जाएगा।
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चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों में मात्र राजकीय मेडिकल कालेज, बांदा में ही आइसोलेशन और क्वारंटीन वार्ड बनाए गए हैं। अब तक बांदा में कोरोना के दो पॉजिटिव मरीज पाए जा चुके हैं। दोनों आइसोलेशन वार्ड में भर्ती हैं। इनके अलावा 54 लोगों क्वारंटीन वार्डों में रखा गया है। दूसरी तरफ मेडिकल कालेज की हालत यह है कि यहां एंटी वायरस दवाएं ही नहीं हैं। सिर्फ कुछ मात्रा में हाइड्रोक्लोरोक्वीन टेबलेट उपलब्ध हैं।
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डाक्टर इसी गोली से काम चला रहे हैं। प्रधानाचार्य डॉ. मुकेश कुमार यादव का कहना है कि मात्र 1200 हाइड्रोक्लोरोक्वीन टेबलेट उपलब्ध हैं। कोरोना इलाज में इस्तेमाल होने वाली महत्वपूर्ण एंटी वायरस दवाएं स्टोर में नहीं हैं। उन्होंने बताया कि इस बारे में मुख्य चिकित्सा अधिकारी सहित विभागीय उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। उम्मीद जताई कि उत्तर प्रदेश मेडिकल कार्पोरेशन द्वारा शीघ्र इन दवाओं की आपूर्ति की जाएगी। उधर, पीजीआई, लखनऊ ने मेडिकल कालेज को जांच किट और स्वॉब स्टिक उपलब्ध करा दी हैं। प्रधानाचार्य ने बताया कि उनके अनुरोध पर किट भेजी गई है।
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मेडिकल कालेज के चिकित्सक भी होंगे क्वारंटीन
बांदा। कोरोना योद्धाओं पर भी संक्रमण का खतरा मंडरा रहा है। आइसोलेशन और क्वारंटीन वार्डों में भर्ती लोगों का इलाज करने वाले चिकित्सक और अन्य स्वास्थ्य कर्मी 14 दिन के लिए क्वारंटीन होंगे। प्रधानाचार्य ने बताया कि उन्होंने 3-3 सदस्यीय चार टीमें गठित की हैं। एक सप्ताह इलाज करने वाले चिकित्सक, नर्स और फार्मासिस्ट को 14 दिन (2 सप्ताह) के लिए मेडिकल कालेज में ही क्वारंटीन किया जाएगा।