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Banda News: माता कूष्मांडा का कुमकुम और मौली से किया शृंगार
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बांदा। नवरात्र के चौथे दिन जगत जननी मां जगदंबा के कूष्मांडा स्वरूप की भक्तों ने आराधना की। सुबह से ही मंदिरों में भक्तों की कतार लगी रही। मां भगवती की पूजा अर्चना कर जयकारों से मंदिर गूंज उठे।
शहर के मंदिरों में शुक्रवार को भोर से ही माता के भक्तों का तांता लगने लगा। महिलाओं ने माता कूष्माण्डा को कुमकुम, लाल रंग के फूल और मौली चढय़ा। वहीं, पुरुषों ने फल फूल चढ़ाकर विधिवत पूजा अर्चना की। कूष्माण्डा माता का प्रिय भोग मालपुआ है। माता को गुड़हल या गुलाब के फूल चढ़ाए गए। परिवार सहित आए लागों ने भी माता के दर्शन कर जयकारे लगाए। शहर स्थित काली माता मंदिर के पुजारी ने बताया कि आज पंचम दिन शनिवार को स्कंदमाता स्वरूप की आराधना की जाएगी। स्कंदमाता माता का स्वरूप अद्वितीय आभा लिए शुभ्र वर्ण का होता है। वत्सल्य की मूर्ति हैं स्कंदमाता। मान्यता के अनुसार संतान प्राप्ति के लिए स्कंदमाता की पूजा की जाती है। कहा जाता है कि स्कंदमाता की पूजा से ज्ञान और शुभ फलों की भी प्राप्ति होती है।
मां विंध्यवासिनी के दर्शन को उमड़ी भीड़
खत्रीपहाड़। नवरात्र के चौथे दिन विंध्यवासिनी मंदिर में दर्शन को भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। भीषण गर्मी व धूप की परवाह न करते हुए भक्त 151 सीढि़यां चढ़कर मां के दरबार में पहुंचे। मन्नतें पूर्ण होने पर बच्चों का मुंडन संस्कार कराया। दूर-दराज से आए भक्तों ने मां के दर्शन के बाद मेले में जमकर खरीदारी भी की। (संवाद)
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शहर के मंदिरों में शुक्रवार को भोर से ही माता के भक्तों का तांता लगने लगा। महिलाओं ने माता कूष्माण्डा को कुमकुम, लाल रंग के फूल और मौली चढय़ा। वहीं, पुरुषों ने फल फूल चढ़ाकर विधिवत पूजा अर्चना की। कूष्माण्डा माता का प्रिय भोग मालपुआ है। माता को गुड़हल या गुलाब के फूल चढ़ाए गए। परिवार सहित आए लागों ने भी माता के दर्शन कर जयकारे लगाए। शहर स्थित काली माता मंदिर के पुजारी ने बताया कि आज पंचम दिन शनिवार को स्कंदमाता स्वरूप की आराधना की जाएगी। स्कंदमाता माता का स्वरूप अद्वितीय आभा लिए शुभ्र वर्ण का होता है। वत्सल्य की मूर्ति हैं स्कंदमाता। मान्यता के अनुसार संतान प्राप्ति के लिए स्कंदमाता की पूजा की जाती है। कहा जाता है कि स्कंदमाता की पूजा से ज्ञान और शुभ फलों की भी प्राप्ति होती है।
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मां विंध्यवासिनी के दर्शन को उमड़ी भीड़
खत्रीपहाड़। नवरात्र के चौथे दिन विंध्यवासिनी मंदिर में दर्शन को भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। भीषण गर्मी व धूप की परवाह न करते हुए भक्त 151 सीढि़यां चढ़कर मां के दरबार में पहुंचे। मन्नतें पूर्ण होने पर बच्चों का मुंडन संस्कार कराया। दूर-दराज से आए भक्तों ने मां के दर्शन के बाद मेले में जमकर खरीदारी भी की। (संवाद)
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