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शहीदों को भूली पुलिस

Thu, 23 Jul 2020 11:34 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 23 Jul 2020 11:34 PM IST
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Martyrs have forgotten police
शहीद स्मारक में पुष्प अर्पित करते समाजसेवी। (खबर एप से भेजी गई है) - फोटो : BANDA
अतर्रा। एसटीएफ जवानों की शहादत को पुलिस ने भुला दिया। बरसी पर शहीद स्मारक पर फूल चढ़ाना भी पुलिस भूल गई। क्षेत्राधिकारी ने जानकारी न होने की बात कहते हुए अगले दिन गुरुवार को शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की।
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22 जुलाई 2007 को छह लाख के इनामी डकैत अंबिका पटेल उर्फ ठोकिया गिरोह से मुठभेड़ के बाद एसटीएफ टीम लौट रही थी। फतेहगंज थाना क्षेत्र के बीहड़ इलाके में बघोलन तिराहे पर एसटीएफ टीम पर ठोकिया गिरोह ने घात लगाकर अंधाधुंध फायरिंग कर दी थी। इसमें एसटीएफ के छह जवान शहीद हो गए थे।
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तत्कालीन डीजीपी ने घटनास्थल पर पहुंचकर शहीद स्मारक की स्थापना कराने की बात कही थी। उसके बाद बमुश्किल यहां स्मारक बन पाया। डकैतों ने दो बार इसे ध्वस्त भी कर दिया। पुलिस ने इसे पुन: बनवाया। तभी से शहादत दिवस (22 जुलाई) को क्षेत्रीय पुलिस स्मारक पर एसटीएफ जवानों को श्रद्धांजलि देती रही है। लेकिन इस बार शहादत दिवस पर स्मारक स्थल वीरान पड़ा रहा।
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कोई पुलिस कर्मी यहां नहीं पहुंचा। देर शाम समाजसेवी प्रताप नारायण त्रिपाठी ने पहुंचकर फूल चढ़ाने की रस्म अदा की। क्षेत्रीय थानाध्यक्ष सहित क्षेत्राधिकारी सियाराम ने जानकारी के अभाव में अगले दिन पुष्पांजलि अर्पित की।
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