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बांदा: विधायक को जेल से भगाने की साजिश में कई और मददगार

Tue, 14 Feb 2023 12:41 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 14 Feb 2023 12:41 AM IST
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Many more helpers in the conspiracy to escape the MLA from jail
चित्रकूट। जिला जेल में बंद बाहुबली विधायक अब्बास अंसारी से नियमों के विपरीत पत्नी निखत बानो को मिलवाने के मामले की जांच डीआईजी जेल ने पूरी कर ली है। उन्होंने पहली रिपोर्ट शासन को भेज दी है। इससे मामले में संलिप्त जेल के कर्मचारियों और अधिकारियों पर बर्खास्तगी की तलवार भी लटक गई है। जिला पुलिस ने मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय विशेष टीम बनाई है। टीम ने पहले दिन जेल में जाकर जेल चौकी और गेट पर तैनात पुलिसकर्मियों से पूछताछ की।
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जांच पूरी कर लखनऊ रवाना होने के पूर्व डीआईजी जेल शैलेंद्र कुमार मैत्रेय ने बताया कि उन्हें जिस काम के लिए भेजा गया था, वह पूरा हो गया है। विधायक अब्बास से उसकी पत्नी को मिलाने में जेल के नियमों का उल्लंघन हुआ है। इसमें अधिकारी और कर्मचारी निलंबित भी हो चुके हैं। उन्होंने रिपोर्ट डीजी जेल को भेज दी है। घटना के क्रम की जांच की गई है। इसमें सीसीटीवी व ड्यूटी पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों के बयान और रजिस्टरों की इंट्री की जांच की गई। सबसे बड़ा यह है कि मोबाइल फोन अंदर कैसे पहुंचा और जेल अधिकारी के कमरे में बिना इंट्री कैसे मुलाकात हुई है। निखत बानो कब और कितनी बार जेल आई है, इसका अभी कोई पुख्ता सुबूत नहीं मिला है। धमकी देने व मोटी रकम पहुंचाने आदि की जांच जब अधिकारी कहेंगे तब की जाएगी। दोषी कर्मचारियों की बर्खास्तगी आला अधिकारी ही कर सकेंगे।
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उधर मामले की जांच जिला पुलिस ने भी शुरू कर दी है। इसके लिए एसपी वृंदा शुक्ला ने पुलिस की एसआईटी गठित की है। टीम का नेतृत्व एएसपी चक्रपाणि त्रिपाठी करेंगे। सीओ सिटी व तीन इंंस्पेक्टर टीम में हैं। पहले दिन टीम ने कुछ बिंदुओं पर जांच की है। गौरतलब है कि शुक्रवार को जेल में बंद विधायक से मिलने उसकी पत्नी निखत बानो नियमों का उल्लंघन कर पहुंची थीं। पता चलने पर डीएम अभिषेक आनंद व एसपी वृंदा शुक्ला ने छापा मारकर पकड़ा था। इस मामले में जेल अधीक्षक समेत आठ अधिकारी और कर्मचारी निलंबित हुए हैं।
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रकम के बंटवारे को लेकर विवाद से खुला राज



इस मामले में मोटी रकम के बंटवारे और कीमती उपहार की बात सामने आ रही है। बताया गया कि चार पहिया वाहन से लेकर सोने चांदी के जेवर अधिकारियों और कर्मचारियों को पहुंचाने के बाद ही इस तरह की मुलाकात जेल में विधायक अब्बास और उसकी पत्नी निखत के बीच होती थी। इसी रकम और उपहार के बंटवारे को लेकर भेदभाव से सारा राज खुल गया। किसी नाराज अधिकारी या कर्मचारी ने फोन कर लखनऊ में उच्चाधिकारियों को इसकी जानकारी दी थी। इसमें वार्डर जगमोहन का नाम सामने आया है। बताते हैं कि वह खुद को विधायक का खास बनकर सब पर रौब गांठता था। यह वार्डर पहले भी कई मामलों में चर्चित रहा है।

किराये के घर की निगरानी

शहर के हाइवे किनारे कपसेठी के पास जिस घर में निखत बानो व उसके परिजनों ने किराये में लिया था। उसमें सोमवार को बाहर से ताला लग गया है। मकान मालिक का कहना है कि अब इस घर में कोई नहीं है। रविवार तक इसमें दो सदस्य थे जो शाम को बिना कुछ बताए चले गए हैं। इस घर की पुलिस भी निगरानी कर रही है। यहां आने जाने वालों पर नजर रखे है।



एक बार और हुई थी शिकायत



जेल में विधायक अब्बास व पत्नी निखत के नियमों की अनदेखी कर आए दिन मिलने की शिकायत पहले भी हुई थी। इसी तरह जेल से ही लखनऊ फोन गया था, लेकिन जैसे ही अधिकारी पहुंचे तो अब्बास बैरक में आ चुका था और निखत बाहर निकल चुकी थी। सूत्रों की मानें तो इसके बाद सावधानी बरतते हुए जैसे ही शुक्रवार को बैरक से विधायक अब्बास को लेकर एक वार्डर निकला तो उसके 15 मिनट बाद फिर से फोन कॉल के बाद सब सतर्क हुए थे और निखत को नियमों की अनदेखी में पकड़ लिया था।

अभी नहीं हो सकी विधायक की शिफ्टिंग

जिस जेल में विधायक से मिलने उसकी पत्नी 300 किलोमीटर दूर से आती थी, अब उसी जेल में बंद है। दोनों अलग-अलग बैरक में बंद हैं। अब दोनों एक-दूसरे से बात करने और देखने को तरसते हैं। वेलेंटाइन डे पर भी दोनों की बातचीत मुश्किल है। गौरतलब है कि शुक्रवार को पकड़े जाने के पूर्व दोनों की 14 फरवरी वेलेंटाइन डे के दिन ही अगली मुलाकात का वादा था। दोनों को अब अलग-अलग जेल में भेजा जाना है। इसे लेकर मंथन जारी है। फिलहाल समाचार लिखे जाने तक विधायक अब्बास को दूसरी जेल में नहीं भेजा गया था।
सड़क किनारे बने गेट से लेकर जेल गेेट पर दो जगह होती तलाशी
जिले में फैल चुका था विधायक का नेटवर्क
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। विधायक अब्बास अंसारी को जेल से भगाने की साजिश को लेकर उसकी पत्नी निखत बानो के साथ और कौन कौन से लोग शामिल रहे, इसके तथ्यों को पुलिस अधिकारियों ने अभी तक उजागर नहीं किया है। अभी जेल के 8 अधिकारी कर्मचारी निलंबित हुए हैं, जबकि गिरफ्तारी के नाम पर मात्र उसके चालक को ही गिरफतार किया है। इसको लेकर कई तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं कि आखिर अकेली उसकी पत्नी कैसे इतनी बड़ी साजिश रच सकती है। इसमें कई और लोग पर्दे के पीछे शामिल हैं। जिनकी तलाश की जा रही है।
जेल के मेन गेट के पास पुलिस चौकी बनी हुई है। इस चौकी में आने जाने वालों पर नजर रखी जाती है। जो भी जेल के अंदर आता जाता है उसकी तलाशी भी मेन गेट पर ली जाती है।
जिला जेल में बंद विधायक अब्बास अंसारी व उसकी पत्नी निखतबानो की नियम के विरूद्ध जेल के अंदर अक्सर होने वाली मुलाकातों को लेकर सिर्फ जेल के अधिकारी ही नहीं बल्कि कई और सफेदपोश और जिम्मेदारों पर सवाल उठ रहे हैं। डीजी जेल समेत पुलिस की गठित एसआईटी की इन सब पर नजर है। अगर यह सच है कि निखत कई दिनों से जेल आती रही और शहर में ही किराये के घर में कई अन्य परिजनों के साथ रहती रही तो इसे लेकर खुफिया तंत्र पर भी सवाल उठ रहे हैं। रगौली जेल में प्रमुख गेट के सामने एक पुलिस चौकी बनाई गई। जिसमें दिन रात पुलिस कर्मियों की ड्यूटी रहती है। दो जवान भी गेट के पास खड़े रहते है। यदि कोई वहां पहुंचता है तो उससे जरूर पूछतांछ करते हैं। जेल में आने जाने वालों के वाहन नंबर चौकी में दर्ज किया जाता है।

विधायक अब्बास अंसारी की पत्नी निखत बानो जेल जाने से पहले चित्रकूट जिले के मुख्यालय के एक मकान में किराये पर रहती थी। बताया गया है कि इसी घर में उसका वाहन चालक के अलावा एक साल का बेेटा, एक सीनियर महिला व दो अन्य लोग रहते थे। इसमें निखत बानो के साथ एक महिला भी थी। इनके पास दो वाहन थे। एक वाहन से निखत जेल जाती थी, दूसरा घर के पास ही खडा रहता था। जेल से भगाने की साजिश में निखत के जेल के बाहर के सहयोगियों की भी तलाश की जा रही है। यह तय है कि विधायक का नेटवर्क जिले में फैल चुका था। उनके परिजनों को किराये पर मकान दिलाने, कई सुविधाएं उपलब्ध कराने और जेल अधिकारियों तक से मिलाने के काम में स्थानीय लोगों का सहयोग रहा है। इसके अलावा जेल गेट पर मौजूद पुलिस चौकी के डयूटीरत सिपाहियों से लेकर जेल के दो गेटों पर तलाशी लेने वाले सिपाहियों पर भी संदेह की सुई अटकी है। पूरे मामले में डीआईजी जेल शैलेंद्र कुमार मैत्रेय का कहना है कि प्राथमिक जांच रिपोर्ट शासन को सौंप दी गई है।
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