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Banda News: पड़ोसी युवक से दोस्ती पर बेटी की हत्या करने वाले को उम्रकैद, बेटा बरी

Thu, 29 Jan 2026 12:26 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा Updated Thu, 29 Jan 2026 12:26 AM IST
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Man sentenced to life imprisonment for killing daughter over friendship with neighbour; son acquitted
- 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया, इसकी अदायगी न करने पर छह माह काटनी होगी अतिरिक्त सजा
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बांदा। अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पाक्सो प्रदीप कुमार मिश्रा की अदालत ने बुधवार को फैसला सुनाया। अदालत ने 17 वर्षीय पुत्री की गला दबाकर हत्या करने और साक्ष्य मिटाने के जुर्म में दोषी पिता देशराज को आजीवन सश्रम कारावास सुनाया। साथ ही अन्य धाराओं में भी सजा और 15 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। इसकी अदायगी न करने पर उसे छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। वहीं पुत्र धनंजय को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया।
नरैनी थाना क्षेत्र के पौसरापुरवा अंश गुढाकला निवासी गोरेलाल उर्फ नीरज राजपूत ने 20 अप्रैल 2022 को थाने में एक प्रार्थनापत्र दिया था। उन्होंने बताया कि पड़ोस में रहने वाली रैना देवी पुत्री देशराज राजपूत से उनकी दोस्ती थी और वो मोबाइल फोन पर बात करते थे। उस दिन सुबह से रैना का न तो कॉल आया और न ही उनसे मुलाकात हुई। आस-पड़ोस में भी उसका कोई पता नहीं चल रहा था।
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इस प्रार्थनापत्र की जांच के लिए एसएचओ नरैनी और उनके हमराही बजरंग चौराहा कस्बा नरैनी में देशराज के घर पहुंचे। गेट खुलवाने पर देखा कि घर में कोई सदस्य नहीं था। जब देशराज से उसकी पुत्री रैना के बारे में पूछा गया तो वह टालमटोल करने लगा। उसने कहा कि उसकी बेटी रैना देवी (17 वर्ष) ने 19/20 अप्रैल 2022 को जहरीला पदार्थ खा लिया था। जिससे उसकी मौत हो गई। उसने यह भी बताया कि उसने और उसके लड़के धनंजय बाबू ने मिलकर शव को घर के पीछे दफना दिया है।
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एसएचओ नरैनी द्वारा की गई सख्ती से पूछताछ के दौरान देशराज ने अपना जुर्म कबूल लिया। उसने बताया कि उसने अपनी पुत्री की गला दबाकर हत्या कर दी थी और साक्ष्य मिटाने के लिए उसे जमीन में दफना दिया था। पुलिस ने 22 अप्रैल 2022को पिता देशराज और पुत्र धनंजय बाबू के विरुद्ध मामला दर्ज कर दोनों को जेल भेज दिया। अदालत ने 17 अगस्त 2023 को दोनों के विरुद्ध आरोप तय किए। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से छह गवाह पेश किए गए।

पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने और दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने अपने 27 पृष्ठों के फैसले में पुत्री की हत्या के मामले में पिता देशराज को दोषी पाया और उसे सजा व जुर्माने से दंडित किया। वहीं, देशराज के पुत्र धनंजय बाबू को संदेह का लाभ देते हुए अदालत ने उसे बरी कर दिया।
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