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Banda News: भतीजी से दुष्कर्म में 20 साल की सजा, पांच हजार अर्थदंड लगाया
Sat, 14 Mar 2026 12:14 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Sat, 14 Mar 2026 12:14 AM IST
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फोटो- 29 सजा सुनाए जाने के बाद दोषी मतीन को जेल ले जाती पुलिस। संवाद
बांदा। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो प्रदीप कुमार मिश्रा की अदालत ने शुक्रवार को एक सनसनीखेज मामले में 16 वर्षीय भतीजी के साथ दुष्कर्म करने के दोषी युवक मतीन को 20 वर्ष के कठोर कारावास सुनाया है। अदालत ने दोषी को अन्य धाराओं में भी दंडित किया है और पांच हजार रुपया का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड की अदायगी न करने पर दोषी को तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
यह घटना कोतवाली नगर क्षेत्र की है, जहां 25 फरवरी 2023 को पीड़िता की चाची ने थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके अनुसार 24 फरवरी 2023 की रात करीब 9 बजे मोहल्ला में रहने वाला मतीन पुत्र लाला नवाब ने 16 वर्षीय अपनी भतीजी को जबरन पकड़ लिया और अपनी बहन आश्मा पत्नी रहीस के घर ले गया। रातभर आश्मा के घर में मतीन ने किशोरी के साथ दुष्कर्म किया था।
घटना की रात किशोरी के परिजन और पड़ोसी उसकी खोजबीन कर रहे थे। उन्होंने कल्लू बाबा और आश्मा से भी पूछताछ की लेकिन उन्होंने मतीन और भतीजी के संबंध में कुछ भी जानकारी होने से इन्कार कर दिया। बाद में कल्लू बाबा और आश्मा ने मतीन को ले जाने की बात कही, और उनके सहयोग से मतीन ने भतीजी के साथ दुष्कर्म किया। जब पीड़िता को घर ले जाया गया और उससे पूछा गया तो उसने बताया कि मतीन ने रात में कई बार उसके साथ दुष्कर्म किया।
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पुलिस ने मतीन, कल्लू बाबा और आश्मा के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली। विवेचना के दौरान तत्कालीन निरीक्षक शिवशंकर ने साक्ष्यों के आधार पर आरोपी कल्लू बाबा और आश्मा की नामजदगी गलत पाई और उनका नाम हटा दिया गया। पीड़िता के 161 के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मतीन के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया।
अदालत ने 11 दिसंबर 2023 को मतीन के विरुद्ध आरोप तय किए। मामले की सुनवाई के दौरान छह गवाह पेश किए। पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर न्यायाधीश ने अपने 18 पृष्ठों के फैसले में मतीन को दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी पाते हुए सजा और जुर्माने से दंडित किया।
अदालत ने दोषी मतीन पर अर्थदंड भी लगाया है। इस अर्थदंड की पूरी राशि पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। यदि दोषी इस अर्थदंड की राशि का भुगतान नहीं करता है, तो उसे अतिरिक्त तीन महीने की कठोर कारावास की सजा काटनी होगी। दोषी मतीन घटना के समय से ही जेल में निरुद्ध है। निर्णय सुनाए जाने के बाद उसका सजायाफ्ता वारंट बनाकर उसे पुनः जेल भेज दिया गया है।
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यह घटना कोतवाली नगर क्षेत्र की है, जहां 25 फरवरी 2023 को पीड़िता की चाची ने थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके अनुसार 24 फरवरी 2023 की रात करीब 9 बजे मोहल्ला में रहने वाला मतीन पुत्र लाला नवाब ने 16 वर्षीय अपनी भतीजी को जबरन पकड़ लिया और अपनी बहन आश्मा पत्नी रहीस के घर ले गया। रातभर आश्मा के घर में मतीन ने किशोरी के साथ दुष्कर्म किया था।
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घटना की रात किशोरी के परिजन और पड़ोसी उसकी खोजबीन कर रहे थे। उन्होंने कल्लू बाबा और आश्मा से भी पूछताछ की लेकिन उन्होंने मतीन और भतीजी के संबंध में कुछ भी जानकारी होने से इन्कार कर दिया। बाद में कल्लू बाबा और आश्मा ने मतीन को ले जाने की बात कही, और उनके सहयोग से मतीन ने भतीजी के साथ दुष्कर्म किया। जब पीड़िता को घर ले जाया गया और उससे पूछा गया तो उसने बताया कि मतीन ने रात में कई बार उसके साथ दुष्कर्म किया।
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पुलिस ने मतीन, कल्लू बाबा और आश्मा के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली। विवेचना के दौरान तत्कालीन निरीक्षक शिवशंकर ने साक्ष्यों के आधार पर आरोपी कल्लू बाबा और आश्मा की नामजदगी गलत पाई और उनका नाम हटा दिया गया। पीड़िता के 161 के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मतीन के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया।
अदालत ने 11 दिसंबर 2023 को मतीन के विरुद्ध आरोप तय किए। मामले की सुनवाई के दौरान छह गवाह पेश किए। पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर न्यायाधीश ने अपने 18 पृष्ठों के फैसले में मतीन को दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी पाते हुए सजा और जुर्माने से दंडित किया।
अदालत ने दोषी मतीन पर अर्थदंड भी लगाया है। इस अर्थदंड की पूरी राशि पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। यदि दोषी इस अर्थदंड की राशि का भुगतान नहीं करता है, तो उसे अतिरिक्त तीन महीने की कठोर कारावास की सजा काटनी होगी। दोषी मतीन घटना के समय से ही जेल में निरुद्ध है। निर्णय सुनाए जाने के बाद उसका सजायाफ्ता वारंट बनाकर उसे पुनः जेल भेज दिया गया है।