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Banda News: छिन गया आशियाना...उधार के राशन से भर रहे पेट

Mon, 07 Sep 2026 12:02 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 07 Sep 2026 12:02 AM IST
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Lost their home... filling their bellies with rations bought on credit.
फोटो-13-सैमरा के स्वास्थ्य उपकेंद्र में और आसपास भरा पानी। अमर उजाला
ग्राउंड रिपोर्ट....
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फोटो-13-सैमरा के स्वास्थ्य उपकेंद्र में और आसपास भरा पानी। अमर उजाला
फोटो-14-सैमरा के पंचायत भवन में अंदर तक पानी भरा हुआ है। अमर उजाला
फोटो-16-सैमरा में मकानों के आसपास भरा पानी। अमर उजाला (तीन कॉलम)
फोटो-17-सैमरा में गिरे पड़े कच्चे मकान। अमर उजाला
फोटो-18-गलियों में घुटनों तक पानी से गुजरती महिला और बच्चे। अमर उजाला
फोटो-19-मुन्नी प्रजापति।
फोटो-20-खेमचंद्र प्रजापति।
फोटो-21-रामसिया वर्मा।
फोटो-22-शिवदास वर्मा।
-बड़ोखर विकासखंड के सैमरा गांव में तीन-चार फीट पानी में डूबे घर, 12 मकान गिरे
गृहस्थी और पशुओं का भूसा भी मलबे में दबा, नहीं मिला कोई मुआवजा
- ग्रामीणों का आरोप-लेखपाल सड़क से हालात देखकर लौट गए
ज्योत्यवेंद्र दुबे
बांदा। बुंदेलखंड में गर्मियों में सूखा मुसीबत बनता है तो बारिश में जलभराव लोगों की जान पर बन आता है। बड़ोखर विकासखंड का सैमरा गांव इन दिनों इसी दोहरी मार की तस्वीर बना हुआ है। मुख्य सड़क के दोनों ओर कई दिनों से तीन से चार फीट पानी भरा है। जलभराव से अब तक 12 मकान गिर चुके हैं। आशियाना गिरने से लोगों की गृहस्थी बर्बाद हो गई। कई लोग उधार राशन लेकर पेट भरने के लिए मजबूर हैं।
गांव के हालात ऐसे हैं कि कई जगह मलबे में गृहस्थी का सामान, अनाज, पशुओं का भूसा और चारा दबकर नष्ट हो गया। मकान गिरने के बाद परिवारों के सामने सिर छिपाने तक की जगह नहीं बची है। प्रभावित परिवार दूसरों के दरवाजे पर दिन काट रहे हैं। पेट भरने के लिए उधार लेकर राशन जुटा रहे हैं। इसी उधार के सहारे मवेशियों के लिए भूसा और चारा भी जुटाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि मकान गिरने के बाद उन्हें किसी तरह की आर्थिक मदद या मुआवजा नहीं मिला है।
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ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत कई बार आवेदन किया, लेकिन आज तक आवास नहीं मिल सका। गांव में सौ से अधिक परिवार अभी भी कच्चे मकान और खपरैल में रहने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वह शनिवार को तहसील सदर में अपना दर्द लेकर गए थे। यहां मौजूद अधिकारियों ने उन्हें पुलिस से गिरफ्तार करवाने की धमकी देकर भगा दिया। ग्रामीण अधिकारी का नाम नहीं बता सके।
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स्वास्थ्य केंद्र-पंचायत भवन में पानी, स्कूल बंद
गांव की स्थिति का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि स्वास्थ्य उपकेंद्र और पंचायत भवन में दो से तीन फीट तक पानी भरा है। आसपास पानी अधिक होने से इन भवनों तक पहुंचना भी मुश्किल है। पास के उच्च प्राथमिक विद्यालय में भी पानी भरा है। जलभराव के कारण विद्यालय पांच-छह दिन से बंद है।
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कच्चे नालों से निकल सकता है पानी
ग्रामीणों का कहना है कि जलनिकासी के लिए बड़ी कार्ययोजना की जरूरत नहीं है। मुख्य सड़क के दोनों ओर कच्चे नाले खोद दिए जाएं तो पानी की निकासी हो सकती है। सड़क किनारे बने मकानों के सामने ऊंची मिट्टी होने से पानी का बहाव रुक गया है। आरोप है कि प्रभावशाली लोगों के मकानों के सामने नाला खोदने से जिम्मेदार बच रहे हैं, जिससे समस्या जस की तस बनी हुई है।


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बोले ग्रामीण-कोई आर्थिक मदद नहीं मिली

घर गिरने से गृहस्थी का सामान मलबे में दब गया। परिवार के साथ दूसरे के दरवाजे पर रहने को मजबूर हूं। अभी तक कोई आर्थिक मदद नहीं मिली।
-मुन्नी प्रजापति।

कच्चा मकान बारिश का पानी नहीं झेल सका। घर में रखा अनाज और सामान खराब हो गया। मवेशियों के लिए भूसा भी नष्ट हो गया। अब उधार लेकर परिवार और पशुओं का पेट भर रहे हैं।
-खेमचंद्र प्रजापति

कई बार आवास के लिए आवेदन किया लेकिन योजना का लाभ नहीं मिला। अब बारिश में घर गिर गया तो रहने के लिए अपना कोई ठिकाना नहीं बचा है। पानी में सांप निकल रहे हैं, बच्चों को लेकर डर बना रहता है।
-रामसिया वर्मा

गांव में कई दिनों से पानी भरा है। लेखपाल हालात देखने आए थे लेकिन सड़क से ही देखकर चले गए। घर गिरने के बाद भी कोई मुआवजा नहीं मिला। प्रशासन प्रभावित परिवारों को रहने और खाने की व्यवस्था कराए।
-शिवदास वर्मा
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गांव की स्थिति एक नजर में
ग्राम पंचायत : सैमरा
ब्लॉक : बड़ोखर
आबादी : करीब 1500
मतदाता : करीब 700
अब तक गिरे मकान : 12
कच्चे मकानों में रहने वाले परिवार : 100 से अधिक

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वर्जन
अब तक मेरे पास ग्राम पंचायत सैमरा की कोई शिकायत नहीं आई थी। अगर हालात इतने खराब हैं तो ग्राम पंचायत सचिव और बीडीओ को भेजकर निरीक्षण कराया जाएगा। सरकारी योजनाओं और नियमों के अनुसार जो भी मदद हो सकेगी कराई जाएगी।

-राजेश कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी।

फोटो-13-सैमरा के स्वास्थ्य उपकेंद्र में और आसपास भरा पानी। अमर उजाला

फोटो-13-सैमरा के स्वास्थ्य उपकेंद्र में और आसपास भरा पानी। अमर उजाला

फोटो-13-सैमरा के स्वास्थ्य उपकेंद्र में और आसपास भरा पानी। अमर उजाला

फोटो-13-सैमरा के स्वास्थ्य उपकेंद्र में और आसपास भरा पानी। अमर उजाला

फोटो-13-सैमरा के स्वास्थ्य उपकेंद्र में और आसपास भरा पानी। अमर उजाला

फोटो-13-सैमरा के स्वास्थ्य उपकेंद्र में और आसपास भरा पानी। अमर उजाला

फोटो-13-सैमरा के स्वास्थ्य उपकेंद्र में और आसपास भरा पानी। अमर उजाला

फोटो-13-सैमरा के स्वास्थ्य उपकेंद्र में और आसपास भरा पानी। अमर उजाला

फोटो-13-सैमरा के स्वास्थ्य उपकेंद्र में और आसपास भरा पानी। अमर उजाला

फोटो-13-सैमरा के स्वास्थ्य उपकेंद्र में और आसपास भरा पानी। अमर उजाला

फोटो-13-सैमरा के स्वास्थ्य उपकेंद्र में और आसपास भरा पानी। अमर उजाला

फोटो-13-सैमरा के स्वास्थ्य उपकेंद्र में और आसपास भरा पानी। अमर उजाला

फोटो-13-सैमरा के स्वास्थ्य उपकेंद्र में और आसपास भरा पानी। अमर उजाला

फोटो-13-सैमरा के स्वास्थ्य उपकेंद्र में और आसपास भरा पानी। अमर उजाला

फोटो-13-सैमरा के स्वास्थ्य उपकेंद्र में और आसपास भरा पानी। अमर उजाला

फोटो-13-सैमरा के स्वास्थ्य उपकेंद्र में और आसपास भरा पानी। अमर उजाला

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