{"_id":"621e614098cb4e7b7c76f9da","slug":"locks-hanging-in-community-toilets-worth-67-crores-banda-news-knp6832960166","type":"story","status":"publish","title_hn":"67 करोड़ के सामुदायिक शौचालयों में लटके ताले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
67 करोड़ के सामुदायिक शौचालयों में लटके ताले
विज्ञापन
बांदा के पैलानी गांव में सामुदायिक शौचालय पर पड़ा ताला।
- फोटो : BANDA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बांदा। चित्रकूटधाम मंडल में 67 करोड़ की लागत से बनाए गए अधिकांश सामुदायिक शौचालयों में ताले जड़े हैं। जिससे इनका इस्तेमाल ग्रामीण नहीं कर पा रहे हैं। इसके बाद भी इनके रखरखाव के नाम पर हर माह करीब एक करोड़ रुपये खर्च दिखाए जा रहे हैं। शौचालयों के संचालन का जिम्मा ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित महिला समूहों को सौंपा गया है।
मंडल के चारों जिलों में 1403 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय बनवाने का लक्ष्य है। इसमें अब तक 1383 बन चुके हैं। शासन के निर्देश पर इनमें से 1279 शौचालयों को पिछले साल जुलाई माह में पंचायती राज विभाग ने संचालन के लिए ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) को सौंप दिया था। संचालन का कार्य समूह की महिलाएं कर रही हैं।
महिलाओं को तीन माह का मानदेय और शौचालयों की सफाई और इससे संबंधित सामग्री खरीद के लिए सितंबर माह में 4 करोड़ 29 लाख 42 हजार रुपये दिए जा चुके हैं। हर माह करीब एक करोड़ रुपये इन पर खर्च हो रहा है। लेकिन यह सब शोपीस बनकर रह गए हैं। संचालनकर्ता महिला समूहों ने इनमें ताले जड़ रखे हैं। इन महिलाओं की दलील होती है कि ग्रामीण शौचालय गंदा कर देंगे।
विज्ञापन
उप निदेशक (पंचायत) चित्रकूटधाम मंडल, बांदा दिनेश कुमार ने कहा कि अभियान के तहत सामुदायिक शौचालयों का निरीक्षण किया जाएगा। जो शौचालय बंद पाए जाएंगे उनका बजट रोक दिया जाएगा। इन्हें पूर्व में दिए गए पैसे की रिकवरी कराई जाएगी।
104 शौचालय अभी नहीं हुए संचालित
मंडल में 1403 शौचालयों में 1383 पूरे हो चुके हैं। इनमें 1279 शौचालय महिला समूह को संचालन के लिए सौंपे जा चुके हैं। 104 शौचालय संचालन के लिए शेष हैं। इनमें बांदा में 22, चित्रकूट में 42, हमीरपुर व महोबा में 20-20 शौचालय अभी समूहों को नहीं सौंपे गए हैं।
प्रतिमाह दिए जा रहे हैं 9 हजार रुपये
सामुदायिक शौचालय करने वाली समूह की महिला को प्रति माह छह हजार रुपये मानदेय दिया जाता है। इसके अलावा सफाई कार्य में उपयोग होने वाली सामग्री आदि के लिए तीन हजार रुपये दिए जाते है। यानि प्रति माह एक सामुदायिक शौचालय में सरकार नौ हजार रुपये प्रति माह खर्च कर रही है।
निर्माण में खर्च हो चुके 6735.74 लाख
चित्रकूटधाम मंडल में सामुदायिक शौचालयों के निर्माण पर अब तक पंचायती राज विभाग 67 करोड़ 35 लाख 74 हजार रुपये खर्च कर चुका है। बांदा के 462 शौचालयों में 25 करोड़ 79 लाख 67 हजार, हमीरपुर के 326 शौचालयों में 17 करोड़ 90 लाख, महोबा के 273 शौचालयों में 11 करोड़ 60 लाख 16 हजार और चित्रकूट के 322 शौचालयों पर 12 करोड़ 5 लाख 26 हजार रुपये खर्च किए गए हैं।
विज्ञापन
मंडल के चारों जिलों में 1403 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय बनवाने का लक्ष्य है। इसमें अब तक 1383 बन चुके हैं। शासन के निर्देश पर इनमें से 1279 शौचालयों को पिछले साल जुलाई माह में पंचायती राज विभाग ने संचालन के लिए ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) को सौंप दिया था। संचालन का कार्य समूह की महिलाएं कर रही हैं।
विज्ञापन
महिलाओं को तीन माह का मानदेय और शौचालयों की सफाई और इससे संबंधित सामग्री खरीद के लिए सितंबर माह में 4 करोड़ 29 लाख 42 हजार रुपये दिए जा चुके हैं। हर माह करीब एक करोड़ रुपये इन पर खर्च हो रहा है। लेकिन यह सब शोपीस बनकर रह गए हैं। संचालनकर्ता महिला समूहों ने इनमें ताले जड़ रखे हैं। इन महिलाओं की दलील होती है कि ग्रामीण शौचालय गंदा कर देंगे।
विज्ञापन
उप निदेशक (पंचायत) चित्रकूटधाम मंडल, बांदा दिनेश कुमार ने कहा कि अभियान के तहत सामुदायिक शौचालयों का निरीक्षण किया जाएगा। जो शौचालय बंद पाए जाएंगे उनका बजट रोक दिया जाएगा। इन्हें पूर्व में दिए गए पैसे की रिकवरी कराई जाएगी।
104 शौचालय अभी नहीं हुए संचालित
मंडल में 1403 शौचालयों में 1383 पूरे हो चुके हैं। इनमें 1279 शौचालय महिला समूह को संचालन के लिए सौंपे जा चुके हैं। 104 शौचालय संचालन के लिए शेष हैं। इनमें बांदा में 22, चित्रकूट में 42, हमीरपुर व महोबा में 20-20 शौचालय अभी समूहों को नहीं सौंपे गए हैं।
प्रतिमाह दिए जा रहे हैं 9 हजार रुपये
सामुदायिक शौचालय करने वाली समूह की महिला को प्रति माह छह हजार रुपये मानदेय दिया जाता है। इसके अलावा सफाई कार्य में उपयोग होने वाली सामग्री आदि के लिए तीन हजार रुपये दिए जाते है। यानि प्रति माह एक सामुदायिक शौचालय में सरकार नौ हजार रुपये प्रति माह खर्च कर रही है।
निर्माण में खर्च हो चुके 6735.74 लाख
चित्रकूटधाम मंडल में सामुदायिक शौचालयों के निर्माण पर अब तक पंचायती राज विभाग 67 करोड़ 35 लाख 74 हजार रुपये खर्च कर चुका है। बांदा के 462 शौचालयों में 25 करोड़ 79 लाख 67 हजार, हमीरपुर के 326 शौचालयों में 17 करोड़ 90 लाख, महोबा के 273 शौचालयों में 11 करोड़ 60 लाख 16 हजार और चित्रकूट के 322 शौचालयों पर 12 करोड़ 5 लाख 26 हजार रुपये खर्च किए गए हैं।