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Banda News: बिजली निगम के दावों में रोशनी...अंधेरे में गांव
Tue, 15 Sep 2026 11:22 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Tue, 15 Sep 2026 11:22 PM IST
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फोटो 10- रविशंकर। संवाद
बांदा/पैलानी/अतर्रा। बरसात में कोयला गीला होने से बिजली इकाइयों के बंद होने का असर बांदा के ग्रामीण इलाकों पर भी पड़ा है।
मुख्यालय और तहसील मुख्यालयों में आपूर्ति की स्थिति अपेक्षाकृत ठीक है, लेकिन गांवों में कटौती बढ़ने से उपभोक्ता परेशान हैं। बिजली निगम के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 19 घंटे आपूर्ति दी जा रही है।
उपभोक्ताओं का दावा है कि उन्हें 24 घंटे में केवल 12 से 14 घंटे ही बिजली मिल रही है। बाकी समय बिजली गुल रहती है। निगम के दावे और ग्रामीणों की शिकायतों में पांच से आठ घंटे तक का अंतर सामने आ रहा है।
बांदा के अधीक्षण अभियंता रविकांत ने बताया कि 24 घंटे मुख्यालय बांदा, तहसील मुख्यालयों में 21 घंटे और ग्रामीण इलाकों में करीब 19 घंटे बिजली दी जा रही है। जनपद से 300 मेगावॉट बिजली आपूर्ति की डिमांड होती है और इतनी बिजली मिल भी रही है।
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निगम की ओर से जो तकनीकी दिक्कत आ रही है। उसके कारण तहसील व ग्रामीण इलाकों में दोपहर दो बजे के बाद और शाम को छह बजे के बाद कटौती हो रही है। इसके अलावा आपूर्ति बराबर दी जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि कटौती का कोई निश्चित समय नहीं है। सुबह, दोपहर और रात में कभी भी लाइन काट दी जाती है। बिजली आने के बाद भी बार-बार ट्रिपिंग से आपूर्ति बाधित रहती है। इससे घरेलू कामकाज प्रभावित होने के साथ ही इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के खराब होने का खतरा भी बना रहता है।
पैलानी के उमाकांत अवस्थी बताते हैं कि कटौती का निश्चित समय नहीं है। कभी भी रोस्टिंग के नाम पर कटौती कर दी जा रही है। इस समय तहसील स्तर पर 14 से 15 घंटे आपूर्ति मिल पा रही है।
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बोले लोग-बिजली कटौती बढ़ी है
पिछले कुछ दिनों में बिजली व्यवस्था खराब हुई है। बिजली कटौती बढ़ी है और इससे उपभोक्ता परेशान भी हैं। कस्बे में 14-15 घंटे बिजली मिल पा रही है।
-रविशंकर, पैलानी।
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बिजली आती भी है तो थोड़ी-थोड़ी देर में ट्रिप हो जाती है। सबसे अधिक रात के समय बिजली कटती है। रात की कटौती बहुत तकलीफ देती है।
-बबलू यादव, पैलानी।
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बिजली कटौती बढ़ गई है। रात में बिजली कटने से बच्चों व बुजुर्गों को बहुत दिक्कत होती है। दिन में चार से पांच घंटे और रात में भी चार से पांच घंटे बिजली कट रही है।
-विक्रम गुप्ता, अतर्रा ग्रामीण।
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दिन-रात मिलाकर गांव में करीब दस घंटे की कटौती हो रही है। बरसात के समय रात को होने वाली कटौती बहुत ही तकलीफदेह है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है।
-दिलीप तिवारी, दिखितवारा।
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इन इकाइयों से बिजली का उत्पादन बंद
उत्पादन निगम के ओबरा की 1520 मेगावाट की तीन, हरदुआगंज की 500 मेगावाट की दो, एनटीपीसी रिहंद की 500 मेगावाट की एक, सिंगरौली की 600 मेगावाट की तीन इकाइयों के अतिरिक्त मेजा, रोजा, बारा व घाटमपुर की 2940 मेगावाट की चार इकाइयां तकनीकी व अनुरक्षण कार्य से बंद हैं। अनपरा की सभी इकाइयां चालू हैं, लेकिन कोयला किल्लत से लगभग आठ मियू (मिलियन यूनिट) और लैंको अनपरा सी से लगभग छह मियू कम बिजली पैदा की जा रही है, जो कि कटौती की वजह बनी है।
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बिजली कटौती बंद करने की मांग
बांदा। सपा के राष्ट्रीय महासचिव पूर्व कैबिनेट मंत्री विशंभर प्रसाद निषाद ने मंगलवार को मुख्य अभियंता (विद्युत वितरण निगम लिमिटेड, बांदा) से मिलकर बिजली कटौती बंद करने की मांग की है। कहा है कि जसपुरा ब्लॉक सहित तिंदवारी, बड़ोखर खुर्द व पूरे जिले के लगभग सभी ब्लॉकों के ग्रामीण क्षेत्रों में शाम ढलते ही अघोषित बिजली कटौती से ग्रामीण परेशान हैं।
उन्होंने ज्ञापन सौंपकर अघोषित बिजली कटौती को तत्काल बंद करने की मांग की है। इसमें कहा है कि सिंचाई के साथ ही पूरे जनपद में श्रद्धालुओं ने गणेश प्रतिमाएं स्थापित की हैं। रात्रि में बिजली कटौती से दर्शनार्थियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन देते समय साथ में पुष्पेंद्र सिंह चुनाले, नंदकिशोर यादव, मनोज यादव आदि लोग शामिल रहे। (संवाद)
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मुख्यालय और तहसील मुख्यालयों में आपूर्ति की स्थिति अपेक्षाकृत ठीक है, लेकिन गांवों में कटौती बढ़ने से उपभोक्ता परेशान हैं। बिजली निगम के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 19 घंटे आपूर्ति दी जा रही है।
उपभोक्ताओं का दावा है कि उन्हें 24 घंटे में केवल 12 से 14 घंटे ही बिजली मिल रही है। बाकी समय बिजली गुल रहती है। निगम के दावे और ग्रामीणों की शिकायतों में पांच से आठ घंटे तक का अंतर सामने आ रहा है।
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बांदा के अधीक्षण अभियंता रविकांत ने बताया कि 24 घंटे मुख्यालय बांदा, तहसील मुख्यालयों में 21 घंटे और ग्रामीण इलाकों में करीब 19 घंटे बिजली दी जा रही है। जनपद से 300 मेगावॉट बिजली आपूर्ति की डिमांड होती है और इतनी बिजली मिल भी रही है।
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निगम की ओर से जो तकनीकी दिक्कत आ रही है। उसके कारण तहसील व ग्रामीण इलाकों में दोपहर दो बजे के बाद और शाम को छह बजे के बाद कटौती हो रही है। इसके अलावा आपूर्ति बराबर दी जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि कटौती का कोई निश्चित समय नहीं है। सुबह, दोपहर और रात में कभी भी लाइन काट दी जाती है। बिजली आने के बाद भी बार-बार ट्रिपिंग से आपूर्ति बाधित रहती है। इससे घरेलू कामकाज प्रभावित होने के साथ ही इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के खराब होने का खतरा भी बना रहता है।
पैलानी के उमाकांत अवस्थी बताते हैं कि कटौती का निश्चित समय नहीं है। कभी भी रोस्टिंग के नाम पर कटौती कर दी जा रही है। इस समय तहसील स्तर पर 14 से 15 घंटे आपूर्ति मिल पा रही है।
बोले लोग-बिजली कटौती बढ़ी है
पिछले कुछ दिनों में बिजली व्यवस्था खराब हुई है। बिजली कटौती बढ़ी है और इससे उपभोक्ता परेशान भी हैं। कस्बे में 14-15 घंटे बिजली मिल पा रही है।
-रविशंकर, पैलानी।
बिजली आती भी है तो थोड़ी-थोड़ी देर में ट्रिप हो जाती है। सबसे अधिक रात के समय बिजली कटती है। रात की कटौती बहुत तकलीफ देती है।
-बबलू यादव, पैलानी।
बिजली कटौती बढ़ गई है। रात में बिजली कटने से बच्चों व बुजुर्गों को बहुत दिक्कत होती है। दिन में चार से पांच घंटे और रात में भी चार से पांच घंटे बिजली कट रही है।
-विक्रम गुप्ता, अतर्रा ग्रामीण।
दिन-रात मिलाकर गांव में करीब दस घंटे की कटौती हो रही है। बरसात के समय रात को होने वाली कटौती बहुत ही तकलीफदेह है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है।
-दिलीप तिवारी, दिखितवारा।
इन इकाइयों से बिजली का उत्पादन बंद
उत्पादन निगम के ओबरा की 1520 मेगावाट की तीन, हरदुआगंज की 500 मेगावाट की दो, एनटीपीसी रिहंद की 500 मेगावाट की एक, सिंगरौली की 600 मेगावाट की तीन इकाइयों के अतिरिक्त मेजा, रोजा, बारा व घाटमपुर की 2940 मेगावाट की चार इकाइयां तकनीकी व अनुरक्षण कार्य से बंद हैं। अनपरा की सभी इकाइयां चालू हैं, लेकिन कोयला किल्लत से लगभग आठ मियू (मिलियन यूनिट) और लैंको अनपरा सी से लगभग छह मियू कम बिजली पैदा की जा रही है, जो कि कटौती की वजह बनी है।
बिजली कटौती बंद करने की मांग
बांदा। सपा के राष्ट्रीय महासचिव पूर्व कैबिनेट मंत्री विशंभर प्रसाद निषाद ने मंगलवार को मुख्य अभियंता (विद्युत वितरण निगम लिमिटेड, बांदा) से मिलकर बिजली कटौती बंद करने की मांग की है। कहा है कि जसपुरा ब्लॉक सहित तिंदवारी, बड़ोखर खुर्द व पूरे जिले के लगभग सभी ब्लॉकों के ग्रामीण क्षेत्रों में शाम ढलते ही अघोषित बिजली कटौती से ग्रामीण परेशान हैं।
उन्होंने ज्ञापन सौंपकर अघोषित बिजली कटौती को तत्काल बंद करने की मांग की है। इसमें कहा है कि सिंचाई के साथ ही पूरे जनपद में श्रद्धालुओं ने गणेश प्रतिमाएं स्थापित की हैं। रात्रि में बिजली कटौती से दर्शनार्थियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन देते समय साथ में पुष्पेंद्र सिंह चुनाले, नंदकिशोर यादव, मनोज यादव आदि लोग शामिल रहे। (संवाद)

फोटो 10- रविशंकर। संवाद

फोटो 10- रविशंकर। संवाद

फोटो 10- रविशंकर। संवाद