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जर्जर मकान में गई जान, नहीं मिला योजना का आवास
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Life in a dilapidated house, housing scheme was not found
- फोटो : BANDA
बांदा। जर्जर मकान से जान बचाने को कई वर्षों से प्रधानमंत्री आवास योजना का मकान मांग रहे अनुसूचित जाति के युवक की अंतत: जर्जर मकान में ही जान चली गई। बुधवार की रात हुई कई घंटे की बारिश में खस्ताहाल मकान धराशायी हो गया।
मलबे में दबकर युवा मजदूर की दबकर मौत हो गई। उसकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सदर तहसीलदार ने घटनास्थल का जायजा लिया। अस्पताल में भर्ती घायल पत्नी को भी देखा। बताया कि दैवीय आपदा मद से चार लाख रुपये मृतक की पत्नी को दिए जा रहे हैं।
सदर तहसील के बांधा पुरवा में बुधवार की रात पत्नी फूल कुमारी के साथ कच्चे मकान में चंदन (35) पुत्र श्रीपाल सो रहा था। दिन से शुरू हुई बारिश रात में हो रही थी। इसी दौरान कच्चे मकान की दीवारें धराशायी हो गईं। खपरैल फूलचंद्र और उसकी पत्नी के ऊपर आ गिरा।
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पड़ोसियों और परिजनों ने मलबा हटाकर दोनों को बाहर निकाला। सरकारी एंबुलेंस बुला ली गई। दोनों को जिला अस्पताल लाया गया। यहां डाक्टरों ने चंदन को मृत घोषित कर दिया। घायल पत्नी को भर्ती कर लिया गया। चंदन के दो मासूम बच्चे घटना की रात अपने बाबा के साथ उसी के मकान में सो रहे थे, इसलिए दोनों बच गए।
चंदन के चचेरे भाई रामसिंह ने बताया कि कई साल से प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन और भागदौड़ कर रहा था, लेकिन पूर्व मौजूदा प्रधानों ने यह कहकर असमर्थता जता दी कि सूची में नाम नहीं आया है।
मजदूरपेशा चंदन अपने पास से मकान बनवाने की हैसियत नहीं रखता था। इसीलिए खस्ताहाल मकान में रह रहा था। गृहस्थी का सामान भी दबकर क्षतिग्रस्त हो गया। उधर, ग्राम प्रधान मनोज कुमार के भाई दिलीप ने भी सूची में नाम न होने से आवास का लाभ न मिल पाने की बात बताई।
सदर तसहीलदार अवधेश कुमार निगम घटनास्थल पर पहुंचे और जायजा लिया। उन्होंने जिला अस्पताल में भर्ती घायल फूल कुमारी को भी देखा। तहसीलदार ने बताया कि मृतक चंदन के पिता को प्रधानमंत्री आवास मिला हुआ है।
चंदन अपनी पत्नी के साथ पिता के मकान के बगल में बने मकान में रहता था। बताया कि दैवी आपदा कोष से मृतक की पत्नी के खाते में चार लाख रुपये भेजे जा रहे हैं। घायल पत्नी के इलाज को भी मदद दी जाएगी।
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मलबे में दबकर युवा मजदूर की दबकर मौत हो गई। उसकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सदर तहसीलदार ने घटनास्थल का जायजा लिया। अस्पताल में भर्ती घायल पत्नी को भी देखा। बताया कि दैवीय आपदा मद से चार लाख रुपये मृतक की पत्नी को दिए जा रहे हैं।
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सदर तहसील के बांधा पुरवा में बुधवार की रात पत्नी फूल कुमारी के साथ कच्चे मकान में चंदन (35) पुत्र श्रीपाल सो रहा था। दिन से शुरू हुई बारिश रात में हो रही थी। इसी दौरान कच्चे मकान की दीवारें धराशायी हो गईं। खपरैल फूलचंद्र और उसकी पत्नी के ऊपर आ गिरा।
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पड़ोसियों और परिजनों ने मलबा हटाकर दोनों को बाहर निकाला। सरकारी एंबुलेंस बुला ली गई। दोनों को जिला अस्पताल लाया गया। यहां डाक्टरों ने चंदन को मृत घोषित कर दिया। घायल पत्नी को भर्ती कर लिया गया। चंदन के दो मासूम बच्चे घटना की रात अपने बाबा के साथ उसी के मकान में सो रहे थे, इसलिए दोनों बच गए।
चंदन के चचेरे भाई रामसिंह ने बताया कि कई साल से प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन और भागदौड़ कर रहा था, लेकिन पूर्व मौजूदा प्रधानों ने यह कहकर असमर्थता जता दी कि सूची में नाम नहीं आया है।
मजदूरपेशा चंदन अपने पास से मकान बनवाने की हैसियत नहीं रखता था। इसीलिए खस्ताहाल मकान में रह रहा था। गृहस्थी का सामान भी दबकर क्षतिग्रस्त हो गया। उधर, ग्राम प्रधान मनोज कुमार के भाई दिलीप ने भी सूची में नाम न होने से आवास का लाभ न मिल पाने की बात बताई।
सदर तसहीलदार अवधेश कुमार निगम घटनास्थल पर पहुंचे और जायजा लिया। उन्होंने जिला अस्पताल में भर्ती घायल फूल कुमारी को भी देखा। तहसीलदार ने बताया कि मृतक चंदन के पिता को प्रधानमंत्री आवास मिला हुआ है।
चंदन अपनी पत्नी के साथ पिता के मकान के बगल में बने मकान में रहता था। बताया कि दैवी आपदा कोष से मृतक की पत्नी के खाते में चार लाख रुपये भेजे जा रहे हैं। घायल पत्नी के इलाज को भी मदद दी जाएगी।