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बालिका से दुष्कर्म में उम्रकैद
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बांदा। बालिका के साथ दुष्कर्म के दोषी युवक को अदालत ने उम्र कैद की सजा सुनाई है। दो धाराओं में कुल एक लाख रुपये जुर्माना भी किया। यह रकम पीड़ित बालिका को दी जाएगी। फैसला घटना के डेढ़ वर्ष बाद आया।
बिसंडा थाना क्षेत्र के एक गांव में 14 अक्तूबर 2020 को आठ वर्षीय बालिका अपने छोटे भाई के साथ घर में खेल रही थी। घर के अन्य लोग खेत गए थे। पड़ोसी बउरा उर्फ शमसुद्दीन घर में घुस गया और बालिका के साथ वहशीपन किया। खेत से लौटी मां ने बालिका की हालत देखी तो उसे लेकर थाने गई और दुष्कर्म व पाक्सो एक्ट आदि में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई। बालिका को जिला अस्पताल से कानपुर रेफर किया गया। वहां तीन माह तक इलाज हुआ। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। तब से वह जेल ही में है। विवेचना के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया। अभियोजन ने सात गवाह पेश किए।
दोनों पक्षों की सुनवाई और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर गुरुवार को विशेष न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट) ऋषि कुमार ने फैसला सुनाया। दोषी पाए गए बउरा उर्फ शमसुद्दीन को आजीवन कारावास और एक लाख रुपये जुर्माना से दंडित किया। जुर्माना न देने पर तीन माह की जेल और होगी। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक कमल सिंह गौतम ने पैरवी की।
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बिसंडा थाना क्षेत्र के एक गांव में 14 अक्तूबर 2020 को आठ वर्षीय बालिका अपने छोटे भाई के साथ घर में खेल रही थी। घर के अन्य लोग खेत गए थे। पड़ोसी बउरा उर्फ शमसुद्दीन घर में घुस गया और बालिका के साथ वहशीपन किया। खेत से लौटी मां ने बालिका की हालत देखी तो उसे लेकर थाने गई और दुष्कर्म व पाक्सो एक्ट आदि में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई। बालिका को जिला अस्पताल से कानपुर रेफर किया गया। वहां तीन माह तक इलाज हुआ। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। तब से वह जेल ही में है। विवेचना के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया। अभियोजन ने सात गवाह पेश किए।
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दोनों पक्षों की सुनवाई और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर गुरुवार को विशेष न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट) ऋषि कुमार ने फैसला सुनाया। दोषी पाए गए बउरा उर्फ शमसुद्दीन को आजीवन कारावास और एक लाख रुपये जुर्माना से दंडित किया। जुर्माना न देने पर तीन माह की जेल और होगी। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक कमल सिंह गौतम ने पैरवी की।
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