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टीबी रोगी खोजने को प्रधानों को भेजे जाएंगे पत्र
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बांदा। टीबी के मरीजों को खोजने में अब ग्राम प्रधानों की भी मदद ली जाएगी। इसके लिए उन्हें चिट्ठी भेजी जाएगी। ईट भट्ठा और खदानों में काम करने वालों, बुनकरों और पिछडे़ क्षेत्रों में अभियान चलाकर मजदूरों की जांच होगी। यह निर्देश डीएम अमित सिंह बंसल ने कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित टीबी फोरम समिति की बैठक में दिए।
उन्होंने कहा कि जागरूकता की कमी से लोग टीबी से घबराते है। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एमसी पाल ने कहा कि टीबी मुंह के रास्ते फैलने वाली संक्रामक बीमारी है। छींक या खासी से दूसरे व्यक्ति के फेफड़ों में पहुंचकर उसे भी संक्रमित कर देती है। समय पर इलाज नहीं हुआ तो संक्रमित व्यक्ति 10 से 15 नए रोगी बना देता है।
बैठक में मौजूद मर्दननाका निवासी रामलखन ने बताया कि तीस साल पहले उसे टीबी हो गई। उसने लोगों से दूरी बना ली। साथ ही इलाज शुरू कर दिया। अब पूरी तरह सेहतमंद है। इसी तरह कई अन्य मरीजों ने भी अपने अनुभव बताए।
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जिला विकास अधिकारी केके पांडेय ने कहा कि टीबी रोगियों को नियमित दवाएं दी जाएं। जिला अस्पताल में उनकी जांच हो। प्राइवेट चिकित्सक भी टीबी मरीजों को चिह्नित कर इसकी सूचना नियमित रूप से दें।
जिला समन्वयक प्रदीप कुमार ने बताया कि पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं में यह बीमारी ज्यादा पाई जाती है। बैठक में अक्षय समन्वयक अतुल गुप्ता, गणेश प्रसाद, आलोक निगम, रमेश कुमार, रामलखन, अमित, ज्योति सहित कई स्वयं सेवी संगठनों के प्रतिनिधि शामिल रहे।
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उन्होंने कहा कि जागरूकता की कमी से लोग टीबी से घबराते है। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एमसी पाल ने कहा कि टीबी मुंह के रास्ते फैलने वाली संक्रामक बीमारी है। छींक या खासी से दूसरे व्यक्ति के फेफड़ों में पहुंचकर उसे भी संक्रमित कर देती है। समय पर इलाज नहीं हुआ तो संक्रमित व्यक्ति 10 से 15 नए रोगी बना देता है।
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बैठक में मौजूद मर्दननाका निवासी रामलखन ने बताया कि तीस साल पहले उसे टीबी हो गई। उसने लोगों से दूरी बना ली। साथ ही इलाज शुरू कर दिया। अब पूरी तरह सेहतमंद है। इसी तरह कई अन्य मरीजों ने भी अपने अनुभव बताए।
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जिला विकास अधिकारी केके पांडेय ने कहा कि टीबी रोगियों को नियमित दवाएं दी जाएं। जिला अस्पताल में उनकी जांच हो। प्राइवेट चिकित्सक भी टीबी मरीजों को चिह्नित कर इसकी सूचना नियमित रूप से दें।
जिला समन्वयक प्रदीप कुमार ने बताया कि पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं में यह बीमारी ज्यादा पाई जाती है। बैठक में अक्षय समन्वयक अतुल गुप्ता, गणेश प्रसाद, आलोक निगम, रमेश कुमार, रामलखन, अमित, ज्योति सहित कई स्वयं सेवी संगठनों के प्रतिनिधि शामिल रहे।