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इसी वर्ष शुरू होगा केन-बेतवा परियोजना पर काम

Tue, 29 Sep 2015 12:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा Updated Tue, 29 Sep 2015 12:00 AM IST
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Ken-Betwa project will start

केन-बेतवा नदी गठजोड़ परियोजना एक दशक का लंबा सफर तय

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करने के बाद अब शायद मंजिल तक पहुंचने को है। तमाम विरोधों और पक्ष व विपक्ष में दिए जा रहे तर्कों और बयानों के बीच कछुआ चाल से चल रहा परियोजना का काम जल्द ही धरती पर नजर आएगा।

इस योजना को अमली जामा पहनाने के लिए केंद्रीय मंत्री उमा भारती जुटी हैं। इसी हफ्ते दिल्ली में उनकी अध्यक्षता में हुई बैठक में देश की चार नदियों को आपस में जोड़ने की मंजूरी दी गई है। इनमें केन-बेतवा का गठजोड़ भी शामिल है। इसी वर्ष काम शुरू होने के आसार हैं।

7615 करोड़ वाली इस परियोजना पर केंद्र, यूपी और एमपी सरकार के बीच त्रिपक्षीय समझौता कई साल पहले हो चुका है। राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण ने परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट (डीपीआर) वर्ष 2008 में ही तैयार कर ली थी। परियोजना से पन्ना टाइगर रिजर्व पार्क समेत 10 गांव प्रभावित होंगे।

ग्रेटर गंगऊ के पास दांदौ बांध बनाया जाएगा। दावा है कि बांदा, महोबा और झांसी जिलों को सिंचाई के लिए अतिरिक्त पानी मिलेगा। केन और बेतवा को जोड़ने के लिए लगभग 221 किमी लंबी नहर खोदी जाएगी। इस नहर से केन नदी का पानी झांसी जनपद के बरुआ सागर के पास बेतवा नदी में डाला जाएगा।

वहां 78 मेगावाट के दो बिजलीघर बनाए जाएंगे। तर्क है कि केन नदी की बाढ़ से होनी वाली तबाही भी रुकेगी। उत्तर प्रदेश का सिंचाई विभाग इस परियोजना पर इसी वर्ष दिसंबर माह से काम शुरू करने की तैयारी में है। वैसे इस परियोजना को वर्ष 2008 में पूरा करने का लक्ष्य था।

केन-बेतवा लिंक परियोजना को भारत सरकार का जल संसाधन मंत्रालय और राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण बुंदेलखंड के लिए फायदे का सौदा बता रहे हैं। मंत्रालय का कहना है कि इस परियोजना से यूपी एवं एमपी के सूखाग्रस्त बुंदेलखंड में सिंचाई के लिए 1074 मिलियन घनमीटर पानी केन बेसिन से लिंक नहर में डाला जाएगा।

जन सूचना अधिकार अधिनियम में दी जानकारी में राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण निदेशक ने कहा है कि इस योजना में वर्ष 2050 तक की सभी जरूरतों की गणना एवं उसके लिए प्रावधान रखने के बाद बांध स्थल पर 4443 मिलियन घनमीटर पानी शेष बचता है।

केन पर प्रस्तावित डोढन बांध के नीचे 3005 मिलियन घनमीटर पानी की जरूरत है। इसमें उत्तर प्रदेश को 1600 और मध्य प्रदेश को 1405 मिलियन घनमीटर पानी दिया जाएगा।

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