फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   Ken-Betwa link Plan : in opposition Bharatiya Kisan Union

केन-बेतवा नदियों के गठजोड़ का मामला : भारतीय किसान यूनियन भी विरोध में

Wed, 07 Jan 2015 11:34 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा Updated Wed, 07 Jan 2015 11:34 PM IST
विज्ञापन
Ken-Betwa link Plan : in opposition Bharatiya Kisan Union

केन-बेतवा नदियों के गठजोड़ की परियोजना पर कई स्वयंसेवी संगठनों के लगातार किए जा रहे विरोध की कड़ी में अब भारतीय किसान यूनियन का नाम भी जुड़ गया है। यूनियन ने आरोप लगाया है कि सरकार जिसे विकास की योजना बता रही है यह तमाम किसानों और ग्रामीणों के लिए विनाश की परियोजना साबित होगी।

विज्ञापन


हाल ही में केंद्रीय मंत्री उमा भारती की पहल पर लंबे अरसे से ठंडे बस्ते में पड़ी केन-बेतवा लिंक परियोजना पर फिर काम शुरू हो गया है। केंद्रीय जल अभिकरण प्राधिकरण के अधिकारियों से पिछले हफ्ते योजना में शामिल किए गए क्षेत्रों के गांवों में जन सुनवाई कैंप लगाए थे। इसमें कई स्वयंसेवी संगठनों सहित प्रभावित क्षेत्र के गांवों के किसानों ने भारी विरोध दर्ज कराया था।
विज्ञापन


अब इस योजना के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन भी खुलकर सामने आ गई है। प्रांतीय अध्यक्ष और राष्ट्रीय किसान समन्वयक समिति सदस्य डॉ.साहबलाल शुक्ल ने बुधवार को मीडिया को जारी किए बयान में कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना से बुंदेलखंड के करीब 10 गांव प्रभावित हो रहे हैं। हजारों एकड़ उपजाऊ भूमि योजना की भेंट चढ़ जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि खेती मां के तुल्य होती है। इसका मूल्य पैसों में नहीं आंका जा सकता। जल, जंगल, नदी, पहाड़ ही बुंदेलखंड की पहचान रहा है। इनके खात्मे का सीधा मतलब प्रकृति से छेड़छाड़ और कुदरती आपदाओं को बढ़ावा देना है। साथ ही पन्ना टाइगर और अन्य पर्यावरण को नुकसान पहुंचेगा।

जंगलों के सफाए का नतीजा है कि जंगली जानवर नील गाय, हिरन, सुअर, बंदर आदि गांवों में घुसकर फसलों को नष्ट कर रहे हैं। किसान नेता ने कहा कि केन नदी पर बने गंगऊ बांध में ब्रिटिश शासन में करीब चार लाख हेक्टेयर जमीन की सिंचाई होती थी। बांध में सिल्ट जमा होने से इसकी क्षमता आधी भी नहीं रह गई।


केन की डाउन स्ट्रीम पर ग्रेटर गंगऊ परियोजना की फाइल सालों से दबी पड़ी है। डॉ.शुक्ल ने केन-बेतवा लिंक का विरोध करते हुए इसके और भी कई नुकसानों से आगाह कराया है। कहा है कि किसान यूनियन इसका विरोध करेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed