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जलसे में नमाज की अहमियत बताई

Fri, 12 Mar 2021 11:17 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 12 Mar 2021 11:17 PM IST
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jalse me namaj ki ahamiyat batayee
कालिंजर। शोबए तबलीग (दारुल उलूम रब्बानियां) द्वारा आयोजित जलसा-ए-सीरतुन्नबी (सल्ल.) का आयोजन किया गया। जलसे में हजरत अल्लामा मौलाना मुफ्ती सैय्यद गौहर रब्बानी ने कहा- मुत्तहिद हो तो बदल डालो जमाने का मिजाज, मुंतशिर हो तो मरो शोर मचाते क्यों हो।
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हजरत अल्लामा मौलाना सैय्यद आबिद रब्बानी ने कहा कि मेराज में नबी ने अल्लाह से मुलाकात की। इसके बाद तोहफे में पांच वक्त की नमाज मिली। लिहाजा तमाम मुसलमानों को नमाज पढ़नी चाहिए और अल्लाह के तोहफे की कद्र करनी चाहिए। सैय्यद आदिल मसूदी, सैय्यद असगर रब्बानी व सैय्यद जौहर रब्बानी ने नातिया कलाम पेश किए। इस मौके पर जलसे में सगीर अहमद, सुल्तान अली, बरकत भाई, नसीम अहमद कादरी, बाबू भाई, बिलाल अहमद, अफजल, इस्माइल कादरी समेत गांव के लोग मौजूद रहे। (संवाद)
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