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प्रकाश टाकीज संपत्ति में धोखाधड़ी पर जेल
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बांदा। छोटे भाई से धोखाधड़ी के आरोपी ने सीजेएम की अदालत में आत्म समर्पण कर दिया। अधिवक्ता के जरिए जिला जज की अदालत में जमानत अर्जी दाखिल की गई, लेकिन न्यायाधीश ने जमानत मंजूर नहीं की और आरोपी को जेल भेज दिया।
अदालत ने जमानत पर सुनवाई की अगली तिथि 22 जुलाई नियत की है। प्रकाश टाकीज के मालिक कपूरचंद्र के दो पुत्रों के बीच संपत्ति का विवाद चल रहा था। प्रकरण अदालत पहुंच गया। करीब सात साल पूर्व सिविल जज (जूनियर डिवीजन) ने दोनों भाइयों के बीच भूमि, भवन और दुकानों का आधा-आधा बंटवारा कर दिया। इसी बीच बड़ा भाई बृजेंद्र कुमार बांदा से भदोही में जाकर बस गया।
वहां से उसने कुछ लोगों को अपनी व छोटे भाई की संपत्ति बेच दी। इसकी जानकारी होने पर छोटे भाई ने करीब एक माह पूर्व कोतवाली नगर में धोखाधड़ी समेत कई संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करा दी।
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आरोपी बड़े भाई बृजेंद्र गुप्ता ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में उसी दिन जमानत पर सुनवाई की अर्जी दाखिल की। हाईकोर्ट के आदेश को लेकर बृजेंद्र ने मंगलवार को सीजेएम की अदालत में आत्म समर्पण कर दिया। सुनवाई के बाद सीजेएम ने जमानत अर्जी खारिज कर दी।
इसी के तुरंत बाद अधिवक्ता ने जिला न्यायाधीश की अदालत में जमानत अर्जी दाखिल कर दी। यहां देर तक सुनवाई हुई। जिला न्यायाधीश गजेंद्र कुमार ने जमानत मंजूर नहीं की और जेल भेजने का आदेश दे दिया। अब 22 जुलाई को जमानत पर बहस होगी।
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अदालत ने जमानत पर सुनवाई की अगली तिथि 22 जुलाई नियत की है। प्रकाश टाकीज के मालिक कपूरचंद्र के दो पुत्रों के बीच संपत्ति का विवाद चल रहा था। प्रकरण अदालत पहुंच गया। करीब सात साल पूर्व सिविल जज (जूनियर डिवीजन) ने दोनों भाइयों के बीच भूमि, भवन और दुकानों का आधा-आधा बंटवारा कर दिया। इसी बीच बड़ा भाई बृजेंद्र कुमार बांदा से भदोही में जाकर बस गया।
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वहां से उसने कुछ लोगों को अपनी व छोटे भाई की संपत्ति बेच दी। इसकी जानकारी होने पर छोटे भाई ने करीब एक माह पूर्व कोतवाली नगर में धोखाधड़ी समेत कई संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करा दी।
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आरोपी बड़े भाई बृजेंद्र गुप्ता ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में उसी दिन जमानत पर सुनवाई की अर्जी दाखिल की। हाईकोर्ट के आदेश को लेकर बृजेंद्र ने मंगलवार को सीजेएम की अदालत में आत्म समर्पण कर दिया। सुनवाई के बाद सीजेएम ने जमानत अर्जी खारिज कर दी।
इसी के तुरंत बाद अधिवक्ता ने जिला न्यायाधीश की अदालत में जमानत अर्जी दाखिल कर दी। यहां देर तक सुनवाई हुई। जिला न्यायाधीश गजेंद्र कुमार ने जमानत मंजूर नहीं की और जेल भेजने का आदेश दे दिया। अब 22 जुलाई को जमानत पर बहस होगी।