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मां के द्वारे-द्वारे लग रहे जयकारे
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Sun, 22 Mar 2015 10:53 PM IST
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चैत्र नवरात्र के दूसरे दिन रविवार को द्वितीया व तृतीया तिथि एक साथ होने पर श्रद्धालुओं ने ब्रह्मचारिणी व चंद्रघंटा की पूजा-अर्चना की। मंदिरों में सुबह से जयकारे गूंजते रहे। भक्तों की कतारें लगी रहीं।
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देवी पाठ और कन्या भोज के आयोजन हुए। उधर, विंध्यवासिनी मेला में देवी भक्तों की भीड़ रही। रविवार को तड़के से महेश्वरी देवी, काली देवी, सिंहवाहिनी, कालका देवी, मरहीमाता, महामाई, चौसठ जोगिनी आदि मंदिरों में जगदंबे के जयकारे गूंजते रहे। शाम को देवी प्रतिमाओं का भव्य श्रृंगार हुआ। काली देवी की आरती में देवी भक्तों ने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया।
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प्रसाद वितरित किया गया। मंदिरों के आसपास मेला का नजारा रहा। उधर, गिरवां स्थित खत्री पहाड़ में विराजमान विंध्यवासिनी देवी में सीमावर्ती मध्य प्रदेश सहित अन्य क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। पहाड़ की 511 सीढ़ियां चढ़कर देवी दर्शन कर रहे हैं। रात में रामलीला, रासलीला और सांस्कृतिक कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र बने हैं।
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मेला में व्यापारियों ने दुकानें सजा रखी हैं। भीड़ उमड़ रही है। बबेरू प्रतिनिधि के अनुसार, मढ़ीदाई मंदिर में जलाभिषेक को श्रद्धालुओं में होड़ रही। नारियल और पान-बताशा समर्पित कर पूजा-अर्चना की।
इसी प्रकार बेंदा की कालका देवी और बाकल की जोगिनी माता मंदिर मेला में सीमावर्ती फतेहपुर, कौशांबी आदि जिलों से श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। कई ने मन्नत पूरी होने पर कन्या भोज व भंडारे का आयोजन किया। कई लोगों बच्चों के मुंडन संस्कार कराए और सत्यनारायण कथा भी सुनी।