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चतुर्थ श्रेणी कर्मी की संदिग्ध परिस्थिति में मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Fri, 11 Dec 2015 11:53 PM IST
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बांदा। तहसील के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की संदिग्ध
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परिस्थितियों में केन नदी पुल से गिरकर मौत हो गई। लावारिस हालत में मिलने
पर पुलिस ने उसकी शिनाख्त कराई।
सदर तहसील में संग्रह अमीन सेवक पद पर तैनात मसूद अख्तर (52) पुत्र नियामत उल्ला यहां पीलीकोठी स्थित सरकारी कालोनी में रहता था।
गुरुवार को वह तहसील जाने को कहकर घर से निकला लेकिन वापस लौटकर नहीं आया। देर शाम तक घर न पहुंचने पर परिजनों ने तलाश की, पर कुछ पता नहीं चला।
शुक्रवार को सुबह राहगीरों व नदी किनारे भूरागढ़ के बाशिंदों ने नदी की पथरीली चट्टान पर क्षति-विक्षत शव पड़ा देखा। घटना की सूचना मिलने पर भूरागढ़ चौकी पुलिस घटना स्थल पहुंची।
उसकी शिनाख्त मसूद अख्तर के रूप में की गई। तहसीलदार संतराम भी राजस्व कर्मियों के साथ घटना स्थल पहुंचे। मृतक के साले सरताज (गूलरनाका) ने बताया कि वह अक्सर शाम को भूरागढ़ स्थित मजार जाता था।
शाम तक यही समझकर खोजबीन नहीं की गई। देर रात तक वापस न आने पर आसपास तलाश की। सुबह केन नदी पुल के नीचे चट्टानों पर शव पड़ा होने की जानकारी मिली। मृतक की पत्नी नजमा बेगम और दो पुत्र आदिल व तारिक हैं।
सदर तहसील में संग्रह अमीन सेवक पद पर तैनात मसूद अख्तर (52) पुत्र नियामत उल्ला यहां पीलीकोठी स्थित सरकारी कालोनी में रहता था।
गुरुवार को वह तहसील जाने को कहकर घर से निकला लेकिन वापस लौटकर नहीं आया। देर शाम तक घर न पहुंचने पर परिजनों ने तलाश की, पर कुछ पता नहीं चला।
शुक्रवार को सुबह राहगीरों व नदी किनारे भूरागढ़ के बाशिंदों ने नदी की पथरीली चट्टान पर क्षति-विक्षत शव पड़ा देखा। घटना की सूचना मिलने पर भूरागढ़ चौकी पुलिस घटना स्थल पहुंची।
उसकी शिनाख्त मसूद अख्तर के रूप में की गई। तहसीलदार संतराम भी राजस्व कर्मियों के साथ घटना स्थल पहुंचे। मृतक के साले सरताज (गूलरनाका) ने बताया कि वह अक्सर शाम को भूरागढ़ स्थित मजार जाता था।
शाम तक यही समझकर खोजबीन नहीं की गई। देर रात तक वापस न आने पर आसपास तलाश की। सुबह केन नदी पुल के नीचे चट्टानों पर शव पड़ा होने की जानकारी मिली। मृतक की पत्नी नजमा बेगम और दो पुत्र आदिल व तारिक हैं।